नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा पर लगा दाग NEET 2026 इस वर्ष विवादों में घिर गई जिस कारण से पूरे देश में प्रोटेस्ट का माहौल बन गया है। इस प्रवेश परीक्षा में 22 लाख बच्चों का भविष्य दांव पर लगा है और इसी कारण से पूरे बच्चे और उनके अभिभावकों के साथ देश के सारे शिक्षकों में आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
क्या है पूरा मामला?
NEET प्रवेश परीक्षा में हर साल लगभग 20 से 22 लाख बच्चे परीक्षा देते हैं और इस साल भी NEET 2026 में लगभग 22 लाख छात्रों ने परीक्षा दिया लेकिन परीक्षा के समय खत्म होने के बाद पता चला कि जो प्रश्न पत्र उनके हाथ में लगा था वह पहले से ही ऑनलाइन लीक हो चुका था इसके जड़ तक जाने के बाद पता चला कि कुछ लोगों ने इस प्रवेश परीक्षा के प्रश्न पत्र को पहले से ही खरीद लिया था जो पेपर देने से पहले ही पूरी तैयारी कर लिए थे।
और इसी कारण से NEET 2026 प्रवेश परीक्षा के लीक होने पर पूरे सिस्टम और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े होने लगा की इतनी बड़ी देश की परीक्षा और उसमें भी इतनी भारी संख्या में छात्रों ने भागीदारी ली और उनके भविष्य के साथ आसानी पूर्वक कोई खेल गया।
कितने छात्रों पर पड़ा असर
2026 NEET प्रवेश परीक्षा में लगभग इस बार 22 लाख बच्चों ने भागीदारी ली थी और पेपर लीक होने के बाद पूरे बच्चों के भविष्य पर दाग लग गया जिन लोगों ने यह हरकत की और जिन लोगों ने अपने बच्चों के लिए मोटे रकम देकर पेपर खरीदा उन लोगों ने इन मासूम बच्चों के जिंदगी के साथ बड़ी आसानी से खेल गए। इस पेपर से लाखों बच्चों का भविष्य टिका हुआ था
और पेपर लीक होने के बाद बच्चों ने कहना शुरू कर दिया कि उनका अब सिस्टम से भरोसा उठ गया है, उन्होंने पूरी जि जान लगाकर इस परीक्षा की तैयारी की और बड़ी आसानी से पेपर लिक कर दिया गया और इनके जीवन के साथ खिलवाड़ कर दिया गया। बच्चों का कहना था कि इनकी वर्षों की मेहनत बर्बाद हो गई और यह लोग अब अंदर से बहुत ही दुखी हैं।
इससे पहले भी हुआ था ऐसा मामला
यह कोई पहली बार नहीं है इससे पहले भी 2024 में पेपर लीक हुआ था और उसे समय भी बच्चों के भविष्य पर दाग लगा था लेकिन बड़ी आसानी से उस समय इस मामले को दबा दिया गया और कह दिया गया कि दोबारा पेपर हो जाएगा हालांकि जिन बच्चों ने पूरी मेहनत करके इस पेपर को दिया था उनके साथ भी ना इंसाफी हो गया और इस बार भी NEET 2026 प्रवेश परीक्षा पर भी जब पेपर लिक का दाग लगा
तो बड़ी आसानी से सरकार ने कह दिया कि पेपर दोबारा कराया जाएगा। लेकिन बच्चों ने बार-बार यह सवाल किया कि पेपर दोबारा करने से कोई मतलब नहीं है मतलब तो तब बनता है जब इस सिस्टम को सुधारा जाए और जो इस घिनौने कार्य को अंजाम देता है उसको कड़ी से कड़ी सजा दी जाए।
जांच एजेंसियां कि प्रतिक्रिया
इस मामला को गंभीरता को समझते हुए जांच एजेंसी और सरकार ने तुरंत कार्रवाई करना शुरू कर दी और कई जगह पर छापामारी करके कई लोगों को हिरासत में लिया हालांकि इन सारे मामले को सीबीआई के हाथों सौंप दिया गया और जो इसके पीछे का मास्टरमाइंड है उसको बाहर निकाल कर कड़ी से कड़ी सजा देने का सरकार ने बच्चों से वादा किया है।
सरकार ने बच्चों से अपील करते हुए यह भी कहा कि इस पेपर लीक को लेकर सरकार काफी दुखित है और वह आश्वासन दिलाता है कि आगे से ऐसा कुछ नहीं होगा और इस पेपर को फिर से दोबारा कराया जाएगा। सरकार बच्चों से शांति बनाए रखना और धैर्यता रखने का अनुरोध किया।
इस मामले पर अभिभावकों ने बोला
NEET 2026 प्रवेश परीक्षा लीक होने पर जितने भी बच्चों ने इस प्रवेश परीक्षा में भागीदारी लिया था उनके अभिभावक ने सरकार पर त्तनंज कसते हुए कहा कि अब उनको इस सिस्टम पर भरोसा नहीं है क्योंकि इतनी कड़ी सुरक्षा और इतनी कड़ी जांच पड़ताल के बाद भी अगर बड़ी आसानी से पेपर लिक कर दिया जाता है तो इन सुरक्षा का कोई मतलब ही नहीं है।
अभिभावकों ने कहा कि जब बच्चे पेपर देने जाते हैं तब वहां पर बहुत ही कड़ी सुरक्षा से जांच की जाती है इनको ऐसे देखा जाता है जैसे यह परीक्षा में कोई नकल ना करें और इतनी सुरक्षा के बाद भी इन पर निगरानी रखने के बाद भी इन्हीं बच्चों की भविष्य के साथ कोई दूसरा आकर खेल जाता है और सरकार बड़ी आसानी से कह देती है कि हमें इस घटना को लेकर खेद है।
अभियोग ने सरकार से अनुरोध करते हुए कहा कि अब उनको आश्वासन नहीं बल्कि एक्शन देखना है जो भी इसके पीछे छिपा बैठा है उसको सरकार बाहर निकले और उसकी कड़ी से कड़ी सजा दे, ताकि वह ऐसा करने का फिर सोच ना क्योंकि एक आदमी की गलती की वजह से लाखों बच्चों का भविष्य दाव पर लग जाता है और इसी कारण से अभिभावकों के बीच आक्रोश का माहौल बना हुआ है।
शिक्षकों की प्रतिक्रिया ?
इस प्रवेश परीक्षा के लीक होने पर जितने भी भारतीय शिक्षक हैं और जिनके छात्र इस परीक्षा में भागीदारी लिए हैं उन्होंने अपने आक्रोशता जताते हुए कहा कि सरकार तो बड़ी आसानी से कह देती है कि दोबारा परीक्षा कराया जाएगा लेकिन सरकार कभी इसके जड़ तक जाने की कोशिश नहीं करती कि आखिर यह बार-बार पेपर लिक कैसे हो जाता है। लेकिन इस बार हमें सरकार की आश्वासन नहीं चाहिए बल्कि हमें इस बार एक्शन देखना है
कई शिक्षकों ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि उन लोगों को घसीट कर बाहर निकल जाए जो ऐसा घिनौना कार्य करते हैं और बच्चों के भविष्य के साथ खेलते हैं क्योंकि वह लोग तो पैसे वाले होते हैं जो पैसों से प्रश्न पत्र खरीद कर अपने बच्चों को सौंप देते हैं और दूसरे के बच्चों के साथ बड़ी आसानी से खेल जाते हैं इस प्रदेश परीक्षा में जितने भी बच्चे भागीदारी लेते हैं वह बहुत ही दूर-दूर से आए हुए होते हैं और वह बड़ी ही मुसीबत के बाद इस प्रवेश परीक्षा में बैठते हैं
और अगर उन बच्चों के साथ ऐसा नाइंसाफी हो तो फिर सरकार की सुरक्षा किस काम की सरकार पर तनंज कसते हुए भारतीय शिक्षक खान सर अपनी आक्रोशता जताते हुए कहा कि इसके पीछे जो कोई भी है उसको सरकार फांसी की सजा दे क्योंकि इसके अलावा उसको कोई भी सजा देना उन बच्चों के साथ नाइंसाफी होगा। खान सर ने कहा कि मुझे चिंता नहीं है कि मेरे साथ क्या होगा लेकिन मैं जब तक जीवित रहूंगा तब तक मैं इन बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं होने दूंगा
तब तक मैं इन बच्चों की भविष्य के लिए लड़ता रहूंगा क्योंकि यही बच्चे कल का भविष्य बनेंगे और अगर उनके ही भविष्य बर्बाद कर दिया जाए तो फिर इन बच्चों को सिस्टम और सरकार पर से भरोसा उठ जाएगा और यह मजबूरन रास्ते पर उतर जाएंगे अपने साथ हुए और न्याय का इंसाफ पाने के लिए
विपक्ष की प्रतिक्रिया
इस मामले पर देश के बड़े-बड़े राजनीतिक पार्टी के नेता ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सरकार से कहा कि सरकार को इस मामले में बड़ी कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि यह कोई मामला पहली बार नहीं है ऐसे पहले भी कई मामले आ चुके हैं और हर बार सरकार केवल आश्वासन ही देती है लेकिन इस बार सरकार को आश्वासन नहीं बल्कि एक्शन दिखाना है और जितने बच्चों के साथ नाइंसाफी हुआ है उनको इंसाफ देना सरकार का जिम्मेदारी है।
देश के बड़े राजनीतिक पार्टी कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा मामला 2024 में और इससे पहले भी देखने को मिला है और मैं बच्चों से कहना चाहता हूं कि जो इस परीक्षा को अपने अंदर करता है उसको आज सरकार कहां बैठी है क्योंकि 2024 में उसी के ऊपर आरोप लगे थे और आज सरकार उसको कौन सी कुर्सी पर बैठाई है आप खुद गूगल करके देख सकते हैं।
अंततः
NEET पेपर लीक मामला सिर्फ एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश की शिक्षा व्यवस्था और लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा सवाल है, और इसीलिए सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर भी उंगली उठ रहा है। अब देखना होगा कि सरकार इस मामले में कितना जल्दी और कितना सख्त कदम उठाती है।
पेपर लीक होने के बाद से लाखों बच्चों ने सरकार से अनुरोध करते हुए कहा है कि हमें दोबारा पेपर देने से पहले इसके पीछे जो कोई भी है उसको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और इस सिस्टम को सबसे पहले सुधारनी चाहिए
बच्चों और शिक्षकों ने कहा कि हर बार पेपर लीक हो और हर बार दोबारा पेपर कराया जाए यह समाधान नहीं है समाधान तो उसे कहते हैं जब इसके जड़ तक तहकीकात हो और उसको जड़ से ही खत्म कर दिया जाए ताकि भविष्य में कोई भी किसी भी बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ना करें।
— समाप्त — (The Ashirvad)
