NEET-UG 2026 पेपर लीक विवाद: छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़, आक्रोश में अभिभावक

NEET UG 2026 paper leak controversy with angry students protest and leaked exam sheet visual
NEET-UG 2026 पेपर लीक ने मचा दिया बवाल! लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर—क्या दोबारा होगी परीक्षा या सिस्टम में होगा बड़ा बदलाव?

नई दिल्ली: NEET-UG 2026 परीक्षा को लेकर सामने आए पेपर लीक के आरोपों ने देशभर में हलचल मचा दी है। मेडिकल प्रवेश परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण परीक्षा जो आसानी से लीक हो जाती है इस पर देशभर की युवाओं की चिंता और अभिभावकों का क्रॉस देखने को मिल रहा है।

यह घटना पहली बार नहीं हुआ है इससे पहले भी कई बार प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक हो चुका है हर बार सरकार की तरफ से बस आश्वासन ही दिया जाता है कि इस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी हालांकि उन बच्चों के साथ और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जाता है जो वर्षों तक मेहनत करने के बाद इस प्रवेश परीक्षा में आकर बैठते हैं और रातों-रात पता चलता है कि पेपर लीक हो चुका है। 

यह कह देना बड़ा आसान है कि फिर से दोबारा पेपर दे दो लेकिन उन छात्रों पर क्या बिताती है जो वर्षों तक मेहनत करने के बाद उसे दिन का इंतजार करते हैं कि कब इनका प्रवेश परीक्षा समाप्त हो और कब इनको चयनित किया जाए लेकिन अचानक रातों-रात पेपर लीक होने के कारण इनके वर्षों के मेहनत पर पानी फिर जाता है। 

और ऐसे ही NEET-UG 2026 प्रवेश परीक्षा लीक होने का गंभीर मामला सामने आया कुछ छात्रों ने और कोचिंग संस्थानों ने यह दावा किया कि पहले से ही इस प्रवेश परीक्षा का प्रश्नपत्र पेपर कुछ चुनिंदा बच्चों के पास उपलब्ध है और पहले से ही इसके मिलते-जुलते सवाल इंटरनेट पर उपलब्ध पाए गए हालांकि इन सबको मत देना नजर रखते हुए बच्चों ने सरकार के सामने अपनी आवाज उठाने की कोशिश की

सरकार के पास यह मामला जाते ही इसको जड़ से तहकीकात करने के लिए इस मामले को सीबीआई को सौंप दिया गया और बड़ी आसानी से कह दिया गया कि दोबारा परीक्षा कराया जाएगा हालांकि उन बच्चों का बस यही सवाल है कि इतनी मजबूत सिस्टम होने के बाद भी पेपर लिक कैसे हो जाता है। और कैसे उन पैसे वालों के पास पेपर होने से पहले ही ओरिजिनल कॉपी उनके पास पहुंच जाती है, आखिर कौन है इस सिस्टम का खोट जो सिस्टम में बैठकर ही यह सब कार्य कर रहा है।

इस विवाद के सामने आते ही कई शहरों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। दिल्ली, पटना, कोटा और लखनऊ जैसे प्रमुख शिक्षा केंद्रों में छात्र सड़कों पर उतर आए और निष्पक्ष जांच की मांग की। छात्रों का कहना है कि यदि पेपर लीक हुआ है तो इसके जड़ तक तहकीकात होना चाहिए कि आखिर कौन है जो सिस्टम में बैठकर ही पेपर लिक करा रहा है। छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों का कहना है कि हर बार सरकार बस तसल्ली ही देती है लेकिन कभी इसके जड़ तक तहकीकात नहीं किया गया 

हालांकि इस बार सरकार ने भी छात्रों को और शासन दिलाया है कि जो कोई भी इसके पीछे छिपा बैठा है उसको बाहर निकल जाएगा और उसकी कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी बच्चों को यह शासन दिलाया गया कि पेपर को दोबारा से कराया जाएगा और इसमें पूरी निष्पक्षता और सतर्कता बरती जाएगी।

छात्रों की भविष्य के साथ खिलवाड़

पेपर लीक होने के बाद से छात्र और उनके शिक्षकों का कहना है कि बार-बार पेपर लीक होना और उसे पर आश्वासन दिलाना यह कोई परमानेंट समाधान नहीं है क्योंकि इससे छात्रों का सिस्टम पर भरोसा कम होता जा रहा है अगर हर बार प्रतियोगिता परीक्षा का पेपर लीक होता है तो उसके जड़ तक तहकीकात सरकार को करनी चाहिए क्योंकि यह बच्चों के भविष्य का सवाल है।

छात्रों का कहना है कि दोबारा परीक्षा देना बोल देना यह बड़ी आसान बात है लेकिन जो पेपर लिखकर सिलसिला सालों से चल रहा है उसकी जड़ से खत्म करना बहुत ही जरूरी है और यह सरकार की पहली प्राथमिकता बनती है कि उन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिया जाए जो इसके पीछे छिपकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं।

अभिभावकों का आरोप

छात्रों के साथ-साथ उनके अभिभावकों का कहना है कि यह पेपर लीक किसी मजबूत लोगों के द्वारा ही किया जाता है जो अपने बच्चों को बिना पढ़ाई लिखाई ही प्रतियोगिता परीक्षा में उत्तीर्ण देखना चाहते हैं और इसी कारण यह पेपर लिख कराते हैं। यह लोग इसके पीछे छिपे कुछ लोगों को मोटी रकम देकर पेपर होने से पहले ही प्रश्नपत्र खरीद लेते हैं और अपने बच्चों को सौंप देते हैं हालांकि यह सब सिस्टम के अंदर ही बैठे कुछ चुनिंदा लोग करते हैं जिन पर निगरानी नहीं रखा जाता

अभिभावकों का कहना है कि जो लोग भी इसके पीछे छिपे हुए हैं उनको तुरंत सरकार बाहर निकलने में कार्य करें और उनको कड़ी से कड़ी सजा दे क्योंकि अगर यह सिलसिला आगे जारी रहता है तो बच्चों को पढ़ना और ना पढ़ना एक खेल बन जाएगा जिसमें वह बच्चे भी फंसे रहेंगे जो भविष्य में कुछ अच्छा करना चाहते हैं।

सरकार ने दिया आश्वासन

पेपर लीक के बाद से जितने भी विद्यार्थी परेशान है उनको सरकार ने अवशोषित करते हुए कहा कि इसके पीछे जो कोई भी छिपा बैठा है उसको घसीट कर बाहर निकल जाएगा और उसे पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी सरकार का कहना है कि यह बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ ज्यादा दिन तक नहीं टिक सकता जो लोग भी इसके पीछे छुपे हुए हैं उनको सजा मिलकर ही रहेगा

सरकार ने साफ तौर पर कहा कि लीक हुए प्रवेश परीक्षा को दोबारा से कराया जाएगा और इसमें पूरी तरह से सतर्कता और निष्पक्षता बरती जाएगी यह कार्य हाई सिक्योरिटी के साथ किया जाएगा और यह आश्वासन दिलाया जाता है कि ऐसा मौका फिर दोबारा नहीं मिलेगा जिससे छात्रों को भविष्य में अपनी हक की लड़ाई लड़ने के लिए सड़क पर उतरना पड़े

शिक्षकों की मांग

प्रवेश परीक्षा लीक होने पर शिक्षकों ने सरकार से अपील की की यह छात्रों की भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और अगर इस सिस्टम को ठीक नहीं किया गया तो पूरे समाज में सरकार की निंदा हो जाएगी सरकार का यह कर्तव्य बनता है कि लीक हुए पेपर को जड़ से छानबीन किया जाए और इसके पीछे छिपे हुए उन लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दिया जाए जो बड़ी आसानी से पेपर लिक करा कर बच्चों के भविष्य बर्बाद करने पर तुले होते हैं।

अलख पांडे और खान सर जैसे बड़े शिक्षक सरकार से अपील किए कि यह सीधे-सीधे छात्रों को अंधकार में धक्का देने का कार्य किया जा रहा है और अगर सरकार इस पर कोई बड़ा एक्शन नहीं लेती है तो मजबूरन छात्रों को अपनी हक की लड़ाई लड़ने के लिए सड़क पर उतरना ही पड़ता है अगर सिस्टम सही ढंग से अपना कार्य करें तो पेपर लीक होने की कोई संभावना ही उत्पन्न नहीं होगी।

खान सर ने कहा कि ₹10 वाला बच्चों का डायपर लीक नहीं होता लेकिन इनका पेपर लीक हो जाता है।

पेपर लीक पर नेताओं की प्रतिक्रिया

NEET-UG 2026 प्रवेश परीक्षा लिक होने पर देश के बड़े-बड़े विपक्ष नेता का प्रतिक्रिया सामने आया जिसमें उन्होंने साफ तौर पर सरकार करते हुए कहा कि सरकार बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है यह मामला कोई पहली बार नहीं है इससे पहले भी बहुत सारे प्रवेश परीक्षा का पेपर लीक हो चुका है और सरकार तसल्ली देने के अलावा कुछ नहीं करती विपक्ष में बैठे राहुल गांधी ने बच्चों को आश्वासन दिलाते हुए कहा कि मैं उनके साथ खड़ा हूं

विपक्ष नेता सरकार से गुजारिश किया कि यह सरकार का कर्तव्य बनता है कि इसके जड़ तक तहकीकात किया जाए और पता किया जाए कि कौन इसके पीछे छुपकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है। वह जो कोई भी है उसको कड़ी से कड़ी सजा देने का कार्य सरकार को करना चाहिए ताकि ऐसा कार्य वह भविष्य में दोबारा करने की सोच भी ना

अंततः

NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा है। ऐसे में इतने बड़े प्रवेश परीक्षा लीक हो जाना देश के सिस्टम पर सवाल खड़ा कर देता है इस प्रवेश परीक्षा लीक ने बच्चों को झकझोर कर रख दिया है। जब से पेपर ले एक का मामला सामने आया है तब से सारे बच्चे और शिक्षक के साथ-साथ अभिभावक भी बेहद परेशान हैं सारे लोगों का सरकार से बस एक ही गुहार है कि इसके जड़ तक तहकीकात होनी चाहिए

सरकार को पता लगाना चाहिए कि कौन इस सिस्टम में बैठकर सिस्टम कोई अंदर से खोखला कर रहा है और ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सजा देनी चाहिए ऐसा सरकार से अपील है।

नेता विपक्ष राहुल गांधी ने भी सरकार पर सवाल खड़ा करते हुए काहे की इस पर सरकार को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि यह सीधे तौर पर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। और बतौर में विपक्ष सरकार से आग्रह करता हूं कि ऐसे लोगों को सजा देने में तनिक भी संकोच न दिखाई जाए जो सिस्टम के अंदर बैठकर ही सिस्टम को अंदर से खोखला कर रहे हैं।

          — समाप्त —     (The Ashirvad)

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