पटना (बिहार): बिहार के कैबिनेट विस्तार से पहले नीतीश कुमार ने JDU के मंत्रियों के लिए राखी बड़ी डिमांड जिसको सुनकर बीजेपी भी हो गई हैरान अब सब की निगाह कैबिनेट विस्तार पर ही टिकी हुई है। सब कोई बस इस बात का मंथन कर रहे हैं कि क्या नीतीश कुमार की चाल से बच पाएगी बीजेपी या मानना पड़ेगा जदयू की बात
जदयू के वरिष्ठ नेता श्रवण कुमार के हाल ही में दिए गए बयान यह साबित करता है कि नीतीश कुमार भाजपा के लिए मुश्किल खड़ा कर सकते हैं।
JDU विधायक दल के नेता बने श्रवण कुमार
सोमवार को हुई जदयू विधायक दल के बैठक में माननीय श्री नीतीश कुमार जी को विधायक दल का नेता चयनित करने के लिए आग्रह किया गया था। और मंगलवार को नीतीश कुमार ने श्रवण कुमार को जदयू विधायक दल के नेता बनने पर मोहर लगा दिया अब जदयू विधानसभा विधायक दल के नेता श्रवण कुमार होंगे। साथ में नीतीश कुमार ने जातीय संगठन को और मजबूत कर दिया है।
नीतीश कुमार जो कुर्मी जाति से आते हैं वह जातीय संगठन को मजबूत करने के लिए जदयू की ओर से विजय कुमार चौधरी और विजेंद्र प्रसाद यादव को उपमुख्यमंत्री बनाकर जातीय समीकरण को और मजबूत कर दिया है। यहां तक इस श्रवण कुमार भी नीतीश कुमार की ही कुर्मी जाति से आते हैं।
नीतीश कुमार की चाल
खबरों के मुताबिक और श्रवण कुमार के कह गए बातों के हिसाब से जेडीयू इस बार मंत्रिमंडल में बीजेपी से एक मंत्री अधिक अपना रखेगी अगर भाजपा की ओर से 14 मंत्री शपथ लेते हैं तो JDU की ओर से 15 या 16 मंत्री शपथ लेंगे ऐसा नीतीश कुमार की रणनीति है। श्रवण कुमार ने साफ कह दिया है कि इस बार JDU का कोटा बढ़ाने वाला है मंत्रिमंडल विस्तार में जदयू के कोटे से मंत्री भाजपा से एक या दो अधिक हो सकते हैं।
नीतीश कुमार ने बीजेपी की बढाई टेंशन।
सोमवार के बैठक के दौरान नीतीश कुमार ने अपने विधायकों को आश्वासित करते हुए कहा कि वह बिहार को छोड़कर कहीं नहीं जाने वाले उनका राजनीतिक स्तर बिहार से जुड़ा हुआ है और वह बिहार के लिए हमेशा से काम करने के लिए तैयार रहते हैं। नीतीश कुमार ने कहा कि वह अब पहले से ज्यादा बढ़ चढ़कर बिहार के लिए काम करेंगे और बिहार की उपलब्धियां का विस्तार लोगों के पास जाकर बताएंगे।
लोगों का मानना है की जरूरत पड़ने पर नीतीश कुमार बिहार यात्रा पर एक बार फिर निकल सकते हैं और यही बीजेपी के लिए टेंशन बढ़ने का कार्य करेगा क्योंकि अब बीजेपी नहीं चाहती कि उसकी पकड़ बिहार में ढीली हो और फिर से बीजेपी बिहार से चुक जाए।
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मंत्रिमंडल का विस्तार रुक गया
मंत्रिमंडल के विस्तार रुकने पर कई वरिष्ठ पत्रकारों ने बताया कि इसके पीछे का कारण है कई जगह हो रहे चुनाव। पश्चिम बंगाल में भाजपा चुनाव जीतने की लगातार प्रयास कर रही है इसी वजह से अभी बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार रुका हुआ है कई वरिष्ठ नेताओं ने भी बताया कि गृह मंत्री अमित शाह ने मंत्रिमंडल के विस्तार के लिए चुनावी नतीजे तक रुकने का आग्रह किया।
ऐसे में मानना है कि बिहार में मंत्रिमंडल का विस्तार मई में शुरुआती हफ्तों के अंदर ही होने की संभावना है। इस विस्तार में माना जा रहा है कि कई युवा नेता को भी अवसर मिल सकता है। साथ में नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का भी नाम इसमें काफी चर्चित हो रहा है।
निशांत कुमार को मिलेगा अवसर
नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का नाम अभी काफी चर्चा में है। पहले जहां बोला जा रहा था कि जदयू के तरफ से उपमुख्यमंत्री निशांत कुमार को बनाया जा सकता है हालांकि मोकामा विधायक अनंत सिंह के कथित बयानों के अनुसार निशांत कुमार ने मिले हुए अवसर को भी ठुकरा दिया उन्होंने कहा कि अभी वह बिहार की राजनीति को भली-भांति समझते नहीं है ऐसे में वह पहले बिहार भ्रमण करेंगे और अपने संघर्षों के दम पर ही सत्ता में आने का प्रयास करेंगे।
हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार में निशांत कुमार का नाम काफी गूंज रहा है माना जा रहा है कि जदयू के मंत्रिमंडल विस्तार में निशांत कुमार को भी शामिल करके अवसर प्रदान किया जा सकता है हालांकि अब देखना होगा कि इसके लिए निशांत कुमार तैयार होते हैं कि नहीं।
जदयू का विभाग बटवारा
बिहार में कुल 36 मंत्री बन सकते हैं और माना जा रहा है कि इसमें से लगभग आधा यानी 18 मंत्री जदयू के बन सकते हैं बाकी 18 में से चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और उपेंद्र कुशवाहा के मंत्रियों का बंटवारा कैसे संतुलित किया जाएगा यदि जदयू अपने बातों पर ऑडी रहती है और बीजेपी से अधिक मंत्री बनाने की कोशिश करती है तो यह सम्राट चौधरी और पूरे भाजपा के लिए काफी संघर्षपूर्ण समय हो सकता है।
अब देखना होगा कि नीतीश कुमार की लगाई हुई चाल पर भाजपा अपना स्वीकृत मोहर लगती है या फिर बीजेपी कोई अलग चल चलकर जदयू के मंत्रियों की संख्या काम कर सकती है।
अंततः
बिहार की राजनीति अभी के समय में काफी बेचीदा हो गई है। जब से मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार ने इस्तीफा दिया है तब से नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए यह समय संघर्षों से भरा हुआ है सम्राट चौधरी जो अभी बिहार को संभाल कर आगे ले चलने के प्रयास में लगे हुए हैं। उनके लिए बिहार की राजनीति अभी काफी बेचीदा हो गई है
नीतीश कुमार की चाल और मंत्रिमंडल का विस्तार बिहार की राजनीति में काफी गहरा असर डाल सकता है नीतीश कुमार जो जदयू से मंत्रिमंडल विस्तार में भाजपा से अधिक मंत्री बनाने की प्रयास में है और यही भाजपा के लिए मुश्किलों के कारण हो सकते हैं।
— समाप्त — (The Ashirvad)
