पप्पू यादव के सनसनीखेज दावों से बिहार की राजनीति में भूचाल! बोला नेताओं को लड़कियां परोसी जाती हैं।

पप्पू यादव के विवादित बयान पर बिहार में सियासी बवाल
पटना में लड़कियां परोसे जाने और बेटियों की बोली लगाने के दावे पर बिहार में सियासी तूफान! पप्पू यादव के बयान से मचा हड़कंप।

पटना (बिहार): बिहार की राजनीति में एक बार फिर से बड़ा विवाद खड़ा हो गया है पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने बिहार के नेताओं के ऊपर एक बहुत ही बड़ा आरोप लगाया है जिसको लेकर पूरे बिहार के राजनीति में खलबली मच गई है यह आप कोई छोटा-मोटा नहीं है इस आप पर पप्पू यादव अपना दावा करते हुए बोला है कि बिहार में नेताओं को लड़कियां परोसी जाती हैं।

पप्पू यादव ने दावा किया कि पटना के हॉस्टलों में रहने वाली लड़कियों को नेताओं के सामने ‘परोसा’ जाता है, और कई प्रभावशाली लोग बेटियों की ‘बोली’ लगाते हैं। उनके इस बयान ने महिलाओं की सुरक्षा, राजनीति की मर्यादा और बिहार की कानून व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

पप्पू यादव का बयान

पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने मीडिया से बात करते हुए बोला कि पटना के हॉस्टलों में रहने वाले लड़कियों को नेताओं के सामने परोसा जाता है। पप्पू यादव ने यह भी कहा कि राजनीतिक, नौकरी और कई क्षेत्रों में महिलाओं के साथ शोषण हो रहा है कुछ नेता अपने पैसे और अपने ताकत के दम पर बहू और बेटियों के साथ शोषण करते हैं। उनकी बोली लगाई जाती है और यह नेता उनके जीवन के साथ खिलवाड़ करते हैं।

पप्पू यादव का यह बयान पूरे बिहार की राजनीति के दर्पण को ही बदल कर रख दिया है यह आरोप कोई छोटा-मोटा आरोप नहीं है। बल्कि यह महिलाओं के सुरक्षा पर उंगली उठाना और बिहार की राजनीति में हो रहे सरेआम गुंडागर्दी का पहचान करने का आरोप है।

इस बयान से मचा बवाल

पप्पू यादव के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में खलबली मच गई है। कोई राजनीतिक दलों ने पप्पू यादव के इस बयान के बाद उन पर हमला बोल दिया है भारतीय जनता पार्टी की महिलाओं नेताओं का कहना है कि पप्पू यादव महिलाओं के गरिमा को ठेस पहुंचा रहे हैं अगर पप्पू यादव के पास कोई पुख्ता सबूत है तो वह मीडिया के सामने पेश क्यों नहीं करते।

महिला मोर्चा ने कांग्रेस और RJD से भी इस पर जवाब मांगा बोला कि महिलाओं के गरिमा के साथ खिलवाड़ करना और पप्पू यादव का यह बयान एक सस्ती राजनीति है। विपक्ष ने भी इस बात पर उंगली उठाते हुए कहा कि अगर पप्पू यादव के पास सच में कोई सबूत है तो वह पेश क्यों नहीं करते।

पप्पू यादव पर बड़ा एक्शन

यह कोई पहले आप नहीं है जो पप्पू यादव ने लगाए हो इससे पहले भी पप्पू यादव ने महिलाओं को लेकर नेताओं के खिलाफ एक बड़ा आरोप लगाया था जिस पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने इनको नोटिस जारी किया था। लेकिन इस बयान के बाद अब इन पर एक्शन तेज हो गया है राष्ट्रीय महिला आयोग का बोलना है कि पप्पू यादव के पास इसके खिलाफ अगर कोई पुख्ता सबूत है तो वह पेश करें।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर पप्पू यादव का यह बयान गलत साबित होता है और उनके पास कोई सबूत नहीं मिलता है तो उनकी लोकसभा सदस्यता पर भी बात बन सकती है क्योंकि यह आरोप कोई छोटा-मोटा आरोप नहीं है बल्कि यह महिलाओं के गरिमा के साथ खिलवाड़ करना है।

बिहार में महिलाओं का शोषण एक बड़ा मुद्दा है।

केवल बिहार ही नहीं बल्कि भारत के अन्य राज्यों में भी महिलाओं के शोषण को लेकर आए दिन बड़े-बड़े मुद्दे उठाए जाते हैं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर कई बड़े कांड सामने आते हैं क्यों में तो साबित भी हो जाता है कि महिलाओं की सुरक्षा पर काफी ढीलापन देखने को मिल रहा है लेकिन उनके खिलाफ सबूत भी होता है।

और पप्पू यादव ने जो आरोप लगाया है उसके खिलाफ अभी तक कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है और ना ही पप्पू यादव ने कोई ऐसा सबूत पेश किया है अगर वाकई में बिहार में महिलाओं का शोषण एक बहुत ही बड़ा मुद्दा बन गया है और पप्पू यादव के पास इस मुद्दा का पुख्ता सबूत भी है तो उसको पेश करना जरूरी है।

भारत में महिला सुरक्षा को पहली प्राथमिकता दी जाती है ऐसे में अगर देश के अलग-अलग राज्यों में महिलाओं की सुरक्षा ही ढीला हो जाए और उन पर नेताओं की दुष्कर्म का और शोषण का आप सामने आने लगे तो इस पर सरकार को बड़ा एक्शन लेने की सख्त जरूरत है।

लोगों क्या कहना है इस मुद्दे पर ?

पप्पू यादव का यह बयान पुरे सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा है इस बयान के प्रति लोगों की मानसिकता दो हिस्सों में बढ़ चुकी है। पहले वर्ग के लोगों का कहना है कि पप्पू यादव ने जो आरोप लगाया है वह बिल्कुल ही सही है बिहार और अन्य राज्यों में महिलाओं के शोषण नेताओं के द्वारा किया जाता है और इसका आए दिन नया-नया सबूत देखने को मिलता है ऐसे में पप्पू यादव का बयान कोई नया बयान नहीं है।

वहीं दूसरे वर्ग के लोगों का कहना है कि पप्पू यादव ने यह बयान देकर पूरे महिला समाज के गरिमा को ठेस पहुंचा है। और महिलाओं के नाम पर एक सस्ता राजनीति करने का नया ढोंग रच दिया है। पप्पू यादव ने जो आरोप लगाया है वह फर्जी है इनके पास इस आरोप के खिलाफ कोई सबूत भी नहीं है।

पप्पू यादव ने जो यह बयान मीडिया के सामने दिया है उसको लेकर इन्होंने दो वीडियो भी मीडिया के सामने रखा है।

हालांकि इस वीडियो से यह तो क्लियर नहीं हो रहा की पप्पू यादव का कहा गया बात 100% सही है। लेकिन यह कहना भी उचित नहीं होगा कि बिहार या अन्य राज्यों में महिलाओं के साथ शोषण नहीं होता क्योंकि हम लोग आए दिन देखते हैं कि किसी न किसी नेता के ऊपर महिलाओं के शोषण को लेकर एक बड़ा बयान और उसके खिलाफ सबूत भी सामने आ जाता है।

यह आरोप बनेगा चुनाव का बड़ा मुद्दा

बिहार में अभी राजनीतिक सियासी के गलियारों में काफी हलचल मचा हुआ है। बीजेपी और जदयू के बीच राजनीतिक माहौल अभी काफी बेचीदा है ऐसे में महिलाओं के सुरक्षा को लेकर ढीलापन यह बीजेपी के लिए एक चुनावी रणनीति के तौर पर कार्य करेगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी इस मुद्दे को महिला सम्मान से जोड़कर चुनाव में उठा सकती है, जबकि विपक्ष सरकार की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करेगा।

अंततः

पप्पू यादव का यह बयान भले ही 100% सही हो और भले ही पप्पू यादव पूरी सच्चाई के साथ अपनी बातों को मीडिया के सामने रख रहे हो लेकिन अगर इसके खिलाफ यह कोई सबूत पेश नहीं कर पाते हैं तो इसको फर्जी माना जाएगा और इसको एक चुनावी रणनीति का गठन माना जाएगा।

लोगों का बोलना है कि अगर पप्पू यादव के पास इसके खिलाफ कोई पुख्ता सबूत है तो वह मीडिया के सामने या सरकार के सामने पेश करें और इसके बाद इस पर सरकार से बड़ी कार्रवाई का मांग भी किया जाए क्योंकि महिलाओं की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है।

          — समाप्त —     (The Ashirvad)

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