दिल्ली: बिहार राज्य में एक बार फिर सियासी मामला गर्म हो गया है 2005 से लगातार मुख्यमंत्री पद को संभालने वाले और बिहार के 14 करोण जनता को साथ लेकर चलने वाले माननीय श्री नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री कार्यकाल से इस्तीफा उनके चाहने वालों को बहुत खल रही है। जितने भी नीतीश कुमार के चाहने वाले हैं और जितने भी लोग नीतीश कुमार से शुरुआती दिनों से जुड़े हैं उनको पता है कि नीतीश कुमार बिहार की प्रगति को एक अलग दिशा में मोड़ना और नई ऊंचाई पर ले जाने का कार्य नीतीश कुमार ने बेखुबी निभाया है।
और इसलिए नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना और राज्यसभा जाना बिहार को खल रहा है।
नीतीश कुमार का दौर बिहार वासियों के लिए प्रगतिशील और सराहनीय समय रहा है। ऐसे में नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के साथ-साथ नए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के लिए सवालों का पहाड़ खड़ा हो गया है।
सम्राट चौधरी के लिए मुख्यमंत्री पद पर बड़ी चुनौती।
2005 से लगातार मुख्यमंत्री पद पर संभालने वाले बिहार के गौरव माननीय श्री नीतीश कुमार जी के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना और नए मुख्यमंत्री पद पर चयनित सम्राट चौधरी के लिए कई सारा सवालों का मंजर खड़ा कर दिया है।
नीतीश कुमार करीब दो दशको के कार्यकाल में कई ऐसे कार्य से बिहार की दिशा में उजागर का कार्य किए हैं। नीतीश राज्य में सड़क, बिजली, कानून व्यवस्था और लड़कियों की शिक्षा जैसे कार्य में अहम कदम उठाया है। लेकिन इसके बाद भी नीतीश कुमार पर आरोप लगा कि अब इनके पास बिहार को आगे ले जाने का कोई नया प्लान नहीं है साथ में नीतीश कुमार की स्वास्थ्य को लेकर भी कई सवाल खड़ा किए गए।
ऐसे में बिहार के अगले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर सवाल उठ रहा है कि क्या अब सम्राट चौधरी बिहार में नीतीश कुमार के मार्गदर्शन पर कार्य करेंगे क्या इनके पास कोई नया राजनीतिक प्लान है जिससे बिहार के विकास में प्रगति आ सके। और क्या सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री पद से बिहार की जनता खुश है?
कौन हैं सम्राट चौधरी ?
सम्राट चौधरी शकुनी चौधरी के बेटे हैं और इनका राजनीतिक शुरुआत 1990 के दशक से शुरू है। यह अपने पारिवारिक राजनीति भूमिका के कारण युवावस्था में ही राजनीति में प्रवेश करके रावड़ी देवी सरकार में 1999 में कृषि मंत्री बनाकर पद को संभाल।
- सन 2000 और 2010 में परवत्ता से विधायक चुने गए उसके बाद लगातार पार्टी बदलाव से RJD, JDU और HAM के बाद वे भाजपा में शामिल हो गया।
- उसके बाद सम्राट चौधरी को 2023 में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बने और फिर जाकर 2024 में बिहार के उपमुख्यमंत्री पद संभाला
और अब 2026 में श्री नीतीश कुमार जी के बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद यह बिहार राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में चयनित किए गए हैं।
- सम्राट चौधरी 2022 में नीतीश कुमार को सत्ता से हटाने की कसम खाते हुए मुरेठा (पगड़ी) बंधा था जिसके बाद से वे भाजपा का पसंदीदा चेहरा के रूप में उभर कर सामने आ गए थे।
सम्राट चौधरी से जनता का उम्मीद ?
सम्राट चौधरी जब से बिहार का नया मुख्यमंत्री घोषित हुए हैं तब से लोगों का सवाल उठ रहा है की क्या सम्राट चौधरी श्री नीतीश कुमार की तरह बिहार को संभाल के रख पाएंगे क्या नीतीश कुमार के मार्गदर्शन पर चलकर बिहार की भलाई और प्रगति के बारे में सोचेंगे।
देखिए सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री पद को संभालना और श्री नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना सबको खल रहा है। यही सम्राट चौधरी हैं जो नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने की प्रतिज्ञा लेकर मुरेठा बांधे थे और उन्हीं सम्राट चौधरी को नीतीश कुमार अपना मुख्यमंत्री पद सौंप दिए हैं।
लोगों के दिलों में नीतीश कुमार ने जो करुणामय छवि बनाए हैं उसको बरकरार रखना सम्राट चौधरी की प्राथमिकता है और बिहार को प्रगति के मार्ग पर ले चलना और लोगों के भावनाओं को समझना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है सम्राट चौधरी के लिए।
PK ने पहले ही की थी भविष्यवाणी
प्रशांत किशोर: जितने भी लोग नीतीश कुमार के चहीते हैं उनका बोलना है कि क्या नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से जानबूझकर हटाया गया है? क्या नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद छोड़ने के पक्ष में नहीं थे? क्योंकि प्रशांत किशोर के मुताबिक भाजपा जानबूझकर नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाकर अपना उम्मीदवार को बैठने की चाल चुनाव से पहले से ही चल रही थी।
प्रशांत किशोर की भविष्यवाणी सत्य भी होती दिख गई क्योंकि बिहार विधानसभा चुनाव के बाद से ही बिहार के राजनीति में उथल-पुथल था। और आज भाजपा अपने उपमुख्यमंत्री को मुख्यमंत्री के पद पर बैठा दिया।
अंततः
सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री पद संभालना और नीतीश कुमार का मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना बिहार राज्य में उथल-पुथल का मुख्य कारण बन गया है अब सम्राट चौधरी से बिहार वासियों को बेहद उम्मीद है। और सम्राट चौधरी को बिहार के लोगों पर खरा उतरना सम्राट चौधरी की महानता और नीतीश कुमार की भूमिका को दर्शाएगा।
नीतीश युग खत्म और सम्राट युग शुरू होने पर लोगों को सम्राट चौधरी से उम्मीद जुड़ता जा रहा है। लोगों का उम्मीद है कि सम्राट चौधरी नीतीश कुमार के दिखाए हुए मार्ग पर चलकर बिहार को और मजबूत करने का कार्य करेंगे।
— समाप्त — (The Ashirvad)













