हाथ जोड़े, भीड़ को साइड किया, फिर पीली टी-शर्ट वाले युवक को जड़ा थप्पड़! आखिर ममता बनर्जी को क्यों आया गुस्सा? जानिए पूरा मामला

ममता बनर्जी ने बारुईपुर कैंडल मार्च के दौरान पीली टी-शर्ट पहने युवक को थप्पड़ मारा, वीडियो वायरल।
बारुईपुर मामले के विरोध में निकाले गए कैंडल मार्च के दौरान ममता बनर्जी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

The Ashirvad (द्वारा प्रस्तुत) :

पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल के बारुईपुर (Baruipur) में 13 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ कथित तौर पर रेप और हत्या के विरोध में त्रिमूल कांग्रेस ने बालीगंज फाड़ी से हाजरा मोड़ तक एक मार्च निकाला। रैली के दौरान बीजेपी और तृणमूल कांग्रेस की युवा शाखा के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई, जिसके बाद हालात को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

रैली शुरू होने की जगह के पास शुरू हुई यह झड़प लगभग तीन किलोमीटर लंबे रास्ते पर रुक-रुक कर जारी रही और ममता बनर्जी के घर के पास हाजरा क्रॉसिंग पर अपने चरम पर पहुंच गई। तनाव बढ़ने और हालात के बेकाबू होने के खतरे के बीच पुलिस को हिंसा रोकने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।

ममता बनर्जी के नेतृत्व में निकल गए विरोध मार्च के दौरान कथित तौर पर नीम के ऊपर एंड फेके गए टमाटर फेके गए यहां तक की ममता बनर्जी को चोर चोर भी चलाया गया जिसके बाद ममता बनर्जी अपना आपा खो बैठी और एक पार्टी कार्यकर्ता को थप्पड़ झड़प दिया।

क्या है पूरा मामला?

बरूईपुर में हुए 13 वर्षीय नाबालिक बच्ची के साथ गैंगरेप और हत्या के बाद पूरा पश्चिम बंगाल में आक्रोश का माहौल बना हुआ है। लोग सरकार से इंसाफ की मांग कर रहे हैं वही अलग-अलग पार्टी के कार्यकर्ता इसके विरोध में कैंडल मार्च का प्रदर्शन कर रहे हैं इसी दौरान ममता बनर्जी भी सरकार के खिलाफ विरोध जताते हुए और अन्याय के खिलाफ न्याय की मांग के लिए मार्च निकाल इस मार्च के दौरान ममता बनर्जी को काफी लोग ज्वाइन किया

हालांकि यह मार्च भाजपा कार्यकर्ताओं की तरफ से भी निकाला जा रहा था एक तरफ ममता बनर्जी जो इंसाफ की मांग के लिए रोड पर उतर चुकी थी और पीड़ितों के परिवार के लिए सरकार से सवाल कर रही थी वहीं दूसरी ओर भाजपा के कार्यकर्ता भी विरोध प्रदर्शन में रोड पर उतर चुके थे इन दोनों कार्यकर्ताओं के बीच अपने-अपने बयान बाजी के वजह से झड़प हो गया

इस झड़प को संभालने में कोलकाता पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी वहीं ममता बनर्जी जब अपने कालीघाट वाले निवास से बाहर आई तब चारों तरफ से उनको भीड़ ने घेर लिया और चोर चोर के नारे लगाने के कुछ रिपोर्ट के मुताबिक जब नारे लगाए जा रहे थे तब ममता बनर्जी भीड़ को काफी हद तक संभालने की कोशिश की लेकिन दोनों कार्यकर्ताओं के बीच आपसी टकराव और नारेबाजी के कारण धीरे-धीरे यह प्रदर्शन बढ़ता चला गया

और फिर ममता बनर्जी अपना आप कोड़ी और एक पार्टी कार्यकर्ता को थप्पड़ झाड़ दिया हालांकि इसके बाद ममता बनर्जी के ऊपर लोगों ने और भाजपा के कार्यकर्ताओं ने सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया भाजपा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि ममता बनर्जी जो सत्ता से बेदखल होने के बाद खुद को संभाल नहीं पाई उनको अभी भी विश्वास नहीं है कि बंगाल की जनता उनको सत्ता से उठा फेंकी है।

केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा

ममता बनर्जी जो अपने सत्ता से निकल जाने के बाद उनको इस पर विश्वास करना मुश्किल हो गया है कि पश्चिम बंगाल की जनता उनको सत्ता से उनका कभी का उठाकर फेंक चुकी है ममता बनर्जी जो अपने आप को अभी भी बंगाल का मुख्यमंत्री समझ रही है उनको शायद पता नहीं है कि उन्होंने अपने आप खोने के दौरान जो यह कार्यकर्ता के ऊपर थप्पड़ झड़ने का कार्य किया है यह कतई स्वीकृत नहीं है।

ऐसा कर क्यों न होने फिर से एक बार साबित कर दिया है की तानाशाही की ओर बढ़ने वाली सरकार हमेशा से इस मार्ग पर चलने का कार्य करेगी ममता बनर्जी मानसिक रूप से कमजोर हो चुकी है और यह अपना संतुलन को दे रही हैं इनको विश्वास करना होगा कि बंगाल की जनता इनको कभी का कुर्सी से हटा चुकी है।

पुलिसकर्मीयों पर बरसीं ममता बनर्जी

कालीघाट के आवास से बाहर निकालने के बाद ममता बनर्जी पुलिस कर्मियों की आलोचना करते हुए कहा कि छात्र और युवा हाईकोर्ट से परमिशन लेकर जुलूस निकाला है लोकतांत्रिक देश में उनका पूरा अधिकार है ऐसे में भाजपा की गुंडे इस प्रदर्शन को रोकना चाहते हैं और मेरे घर के सामने आकर नारेबाजी कर रहे हैं भीड़ के ऊपर अंडे फेंक रहे हैं ऐसे में सरकार इन सारी चीजों पर आंख बंद करके बैठी हुई है।

ममता बनर्जी ने कहा कि भाजपा के गुंडे मुझे धमका रहे हैं, डरा रहे हैं। भाजपा को मैं कहना चाहूंगी सरकार ठीक से चलाओ और अपने गुंडों को थोड़े काबू में रखो क्योंकि इंसाफ की मांग के लिए हो रहे शांतिपूर्वक प्रदर्शन करना हर किसी का अधिकार है।

ममता बनर्जी के गंभीर आरोप

तृणमूल कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि उन्होंने हमें नज़रबंद कर दिया है। पुलिस हम पर नजर रख रही है। उन्होंने हमारे हाथ वाले माइक्रोफ़ोन छीन लिए हैं। वे सुबह 6 बजे से डीजे बजा रहे हैं। वे किराए के गुंडे लाए हैं और हंगामा कर रहे हैं। मेरे घर से लेकर बालीगंज आउटपोस्ट तक, उन्होंने लड़कियों के साथ बदसलूकी की है। मैं उन्हें बचाने के लिए घर से बाहर निकली। मैंने लड़कियों के गालों और छाती से खून निकलते देखा।

क्या बंगाल की जनता यही बदलाव चाहती थी? हम चाहते हैं कि बलात्कार की घटनाएं कम हों। अत्याचार कम हों। लेकिन इस सरकार के बाद तो यह सिलसिला जा रही है क्या सरकार ने जो वादे किए थे उसपे काम किया है। और क्या सरकार 13 साल के बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म का सजा उन दुष्कर्मियों को देगी क्योंकि 13 साल के बच्चे के साथ हुए रेप और उसके बाद उसका किया गया हत्या यह कोई बढ़िया बात नहीं है। इससे सरकार की मजबूती का साफ पता चलता है कि सरकार के खोखले वादे किस प्रकार से जमीनी स्तर पर दिख रहा है।

अंततः

बारुईपुर की दर्दनाक घटना ने पूरे पश्चिम बंगाल को झकझोर दिया है। न्याय की मांग को लेकर निकाले गए कैंडल मार्च के दौरान ममता बनर्जी द्वारा एक युवक को थप्पड़ मारने का वीडियो चर्चा का विषय बन गया। हालांकि इस घटना के पीछे वास्तविक परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। हालांकि कुछ लोगों ने ममता बनर्जी के सपोर्ट में यह भी कहा कि ममता बनर्जी ने जो किया वह एक बचाव के लिए किया गया है।

क्योंकि प्रदर्शन के दौरान ममता बनर्जी के ऊपर काफी सारी बयान बाजी किया जा रहे थे और भीड़ न्यू को चारों तरफ से घेर लिया था यहां तक कि उनके ऊपर अंडे भी फेक गए और उनको चोर चोर खिलाए गए

DISCLAIMER: (यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों पर आधारित है। जांच आगे बढ़ने के साथ नई जानकारी सामने आ सकती है।)

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