PM Modi ने Captain Smit Machchhar से की बात: बोले- हम जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले हैं।

PM Modi Captain Smit Machchhar
PM Modi ने Captain Smit Machchhar से की बात, बोले- हम जान लेने वाले नहीं, जान बचाने वाले हैं

नई दिल्ली: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान (FZ1073) के दौरान सह-पायलट (को-पायलट) ने कथित तौर पर कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया था। इसके बाद कप्तान स्मित पूरी तरह लहू-लुहान हो चुके थे। लेकिन कैप्टन ने बेहोश होने से पहले कॉकपिट का दरवाजा खोल के 174 यात्रियों की जान बचा ली कैप्टन की सूझबूझ और बहादुरी का आज पूरी दुनिया मिसाल दे रही है।

कैप्टन स्मित मच्छार ने संकट की स्थिति में कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों को अंदर पहुंचने का मौका मिला और विमान का नियंत्रण दूसरे पायलटों ने संभाला। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित उतारा गया।

घटना के बाद कैप्टन स्मित को चिकित्सा सहायता दी गई और प्रधानमंत्री ने अस्पताल से उनसे वीडियो कॉल पर बातचीत की।

क्या हुआ था घटना वाले दिन?

30 सितंबर, 2026 को दुबई से तेल अवीव (इजराइल) जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में आसमान के बीचों-बीच करीब 34,000 फीट की ऊंचाई पर एक खौफनाक मंजर देखने को मिला था। विमान के साथ उड़ान भर रहे को पायलट ने अचानक कैप्टन स्मित के ऊपर चाकू से हमला करके उनको कई जगह गोद डाला। 

खून से लहूलुहान कैप्टन स्मित जैसे तैसे करके हमले से खुद को संभालते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया बेहोश होने से पहले कैप्टन का यह सूझबूझ विमान में सफर कर रहे 174 लोग की जान बचा ली कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही यात्रियों में से कुछ लोग आकर हमलावर को काबू में किया इसके बाद विमान को सही सलामत सऊदी अरब के ताबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंड कराया गया।

प्लेन को क्रैश करने की कोशिश

कैप्टन को घायल करने के बाद, हमलावर को-पायलट ने प्लेन के कंट्रोल्स को नीचे की तरफ धकेल दिया. इसके कारण विमान सिर्फ 30 सेकंड के भीतर करीब 14,000 फीट नीचे गिर गया। विमान में जी-फोर्स (G-Force) इतना बढ़ गया था कि यात्री अपनी सीटों से उछलने लगे, ऑक्सीजन मास्क नीचे आ गए और हर तरफ चीख-पुकार मच गई।

कॉकपिट के फर्स पर गंभीर रूप से घायल पड़े कैप्टन स्मित ने महसूस किया कि प्लेन तेजी से नीचे की ओर जा रही है। इसके बाद पूरे यात्रियों का जान बचाने का जिम्मा कैप्टन स्मित के ऊपर आ गया। उन्होंने खुद को मजबूत करते हुए आखिरी कोशिश करने की सोचा उन्होंने मन में सोचा कि मुझे कैसे भी करके बेहोश होने से पहले कॉकपिट का दरवाजा खोलना है और उन्होंने काफी समझदारी से कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया।

BBC के रिपोर्ट के मुताबिक स्मित मच्छर की सोशल मीडिया पर भी काफ़ी तारीफ़ हो रही है। ईरान की एक महिला ने एक्स पर लिखा है, ”मेरे पति पायलट हैं। उन्होंने बताया कि पायलटों के पास कॉकपिट में एक स्विच होता है, जिससे अंदर से कॉकपिट का दरवाज़ा अनलॉक किया जा सकता है। इसलिए संभव है कि कैप्टन स्मित मच्छर ने सिर्फ़ मदद के लिए आवाज़ ही नहीं लगाई हो, बल्कि बेहोश होने से पहले उन्होंने वह स्विच भी दबाया हो, ताकि फ्लाइट अटेंडेंट और यात्री कॉकपिट के अंदर पहुंच सकें।”

PM Modi ने Captain Smit से कि बात

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कैप्टन स्मित से बात करते हुए उनके हौसलों को बढ़ाया और उनको जल्द स्वस्थ होने की कामना करें प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके स्वस्थ होने के लिए भारत वासियों ने महामृत्युंजय का जाप कर रही है उनको आपके इस बहादुरी पर गौरव है और वह आपके साथ हमेशा खड़े हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि आपके इस बहादुरी से पूरे विश्व को यह संदेश पहुंच गया है कि हम हिंदुस्तानी जान लेने वाले नहीं बल्कि जान बचाने वाले हैं।

कैप्टन की इस बहादुरी पर प्रधानमंत्री ने प्रशंसा की ओर कहा कि जब भी आपको मेरी जरूरत महसूस हो तो बस एक फोन करने की देरी है मैं आपसे एक फोन कॉल जितना दूर पर हूं आपकी हर सुख दुख में पूरे भारत के लोग आपके साथ खड़े हैं और आप जल्द स्वस्थ हो जाएं ऐसी कामना कर रहे हैं।

PM मोदी ने कैप्टन की हिम्मत, धैर्य और मुश्किल समय में तेजी से निर्णय लेने की क्षमता की सराहना की। उन्होंने कहा कि अपनी कठिन परिस्थिति के बावजूद कैप्टन ने यात्रियों के जीवन की चिंता की। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कैप्टन स्मित ने अपने साहस से देश का मान बढ़ाया है और उन्हें इस बात पर गर्व है।

परेशानी महसूस होती है तो वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।

बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि उन्हें पता था कि विमान मुश्किल स्थिति में जा रहा है और उस समय उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। कैप्टन स्मित ने प्रधानमंत्री को बताया कि जब उन्हें दर्द या परेशानी महसूस होती है तो वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं। उन्होंने कहा कि घटना के दौरान भी वह हनुमान चालीसा पढ़ रहे थे।

उन्होंने प्रधानमंत्री से यह भी कहा कि उन्हें लगा कि अगर उन्होंने उस समय कुछ नहीं किया तो विमान में मौजूद लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। इसी सोच के साथ उन्होंने स्थिति को संभालने की कोशिश की।

प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कैप्टन स्मित भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि प्रधानमंत्री से उनकी बात होगी।

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अंततः

कैप्टन स्मित के द्वारा दिखाए गए इस बहादुर घड़ी को देश-विदेश के बड़े-बड़े दिग्गज राजनेता प्रशंसा कर रहे हैं। राष्ट्रपति ट्रंप से लेकर राष्ट्रपति पुतिन और नेतन्याहू ने भी कैप्टन की प्रशंसा की उन्होंने कैप्टन की बहादुरी और सूझबूझ की उल्लेख करते हुए परिवार के उच्च विचार और सच्चे संस्कार की भी प्रशंसा की

Captain Smit Machchhar से PM Modi की बातचीत में एक तरफ कैप्टन की बहादुरी और मुश्किल परिस्थिति में लिए गए फैसलों की चर्चा हुई, तो दूसरी तरफ उनके परिवार, स्वास्थ्य और जल्द भारत लौटने की उम्मीद पर भी बात हुई।

कप्तान स्मित को लेकर एनडीए सांसदों ने अशोक चक्र से सम्मानित करने की मांग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा

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