नई दिल्ली: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अपने विदेशी दौरे को लेकर काफी ज्यादा चर्चा में है प्रधानमंत्री मोदी यह दौरा तब शुरू किए जब पूरे मिडिल ईस्ट में काफी तनाव बढ़ा हुआ है और इसी वजह से पीएम मोदी के विदेशी दौरे को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ज्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। विपक्ष भी प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी दौरे को लेकर कई सारे सवाल खड़े कर रहे हैं
लेकिन इसी बीच प्रधानमंत्री मोदी ने अपने विदेशी दौरे से भारत के अर्थव्यवस्था को और मजबूत करने के लिए और मिडिल ईस्ट से हो रहे भारत में तंगी को दूर करने के लिए इटली और यूएई से के साथ बड़े समझौते का हाथ मिलाया है जिससे भारत के अर्थव्यवस्था में और मजबूती मिलेगी।
UAE के साथ 5 बिलियन का समझौता
प्रधानमंत्री मोदी अपने विदेशी दौरे में यूएई के धरती पर कदम रखते ही 5 बिलियन का इन्वेस्टमेंट यानी लगभग 40,000 करोड रुपए का समझौता भारत के हित में साइन किए हैं यह इतना बड़ा डील है कि इससे भारत के ऊपर मिडल ईस्ट कि तनाव की वजह से पेट्रोल और डीजल के साथ आने वाले कई ऐसे सामानों पर हो रहे दिक्कतों से छुटकारा मिलेगा
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई के राष्ट्रपति से मुलाकात किया और कई अहम फैसलों पर बातचीत हुआ इस बातचीत के दौरान UAE ने भारत में 40,000 करोड़ का इन्वेस्टमेंट करने का दावा किया जिससे भारत में हो रहे मिडिल लिस्ट की वजह से दिक्कतों को दूर किया जा सकता है, यूएई के साथ हुई बातचीत में कई अहम फैसले लिए गए:
- भारत में लगभग $5 billion (₹40,000 करोड़) निवेश की योजना
- Defence sector में drones, missiles और naval systems पर सहयोग
- Energy security को मजबूत करने के लिए long-term agreements
यह समझौते भारत की सुरक्षा और आर्थिक विकास दोनों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। यूएई के साथ हुए ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए डील में भारत को एक बहुत बड़ी तेल के आपदा से बचाए जाने का सुनहरा मौका है। मिडिल ईस्ट से हो रहे तनाव के कारण बनाया हुआ ऊर्जा सुरक्षा भारत में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और oil supply को लेकर अनिश्चितता के बीच, भारत ने energy partnerships को मजबूत करने पर जोर दिया है। इससे भारत में हो रहे पेट्रोल और डीजल की तंगी से छुटकारा मिल सकता है और पेट्रोल और डीजल के कीमतों पर भी असर देखने को मिलेगा
इटली Trade और Strategic Partnership पर जोर
प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे के दौरान यूरोप और भारत के बीच व्यापारिक रिश्ते को और मजबूत करने पर जोड़ दिया गया है प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरे के दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा किया और उसको भारत के साथ एक मजबूती से खड़ा करने का संकल्प लिए हैं इन मुद्दों में:
- नई investment opportunities पर चर्चा
- Technology और manufacturing sector में सहयोग
- Global supply chain में भारत की भूमिका बढ़ाने पर जोर
प्रधानमंत्री का यह दौरा यूरोप और भारत के रिश्तो को और मजबूत करना और व्यापारिक समझौते में एक नई दिशा का नजरिया बदल रहा है प्रधानमंत्री मोदी का विदेशी दौरा भारत के लिए लाभदायक साबित हो रहा है इन विदेशी दौरा में प्रधानमंत्री ने कई बड़े डील को साइन किए हैं और भारत को और मजबूत बनाने का संकल्प लिए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का विदेशी दौरा
प्रधानमंत्री मोदी का यह विदेशी दौरा भारत के लिए सुनहरा मौका है मिडिल ईस्ट में हो रहे तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री ने भारत को मजबूत करने के लिए यूरोपीय देशों से कई हम और महत्वपूर्ण डील पर साइन किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी का कहना है कि मिडिल ईस्ट के तनाव से हो रहे दिक्कत को भारत पर हावी नहीं होने दिया जाएगा
और इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी भारत को और भी मजबूत करने के लिए और तेल चैन सप्लाई को सुरक्षित करने के लिए यूएई और इटली के साथ कई बड़े समझौते को साइन किए हैं। हालांकि प्रधानमंत्री मोदी का यह विदेशी दौरा भारत में काफी चर्चा का विषय बन गया है वह भी तब जब खुद प्रधानमंत्री मोदी ने भारत वासियों से अपील किया था कि आप विदेशी दौरे को जितना हो सके उतना बंद करें साथ में पेट्रोल और डीजल को बचाने पर पूरा जोड़ दें।
मोदी का विदेशी दौरा चर्चा में
प्रधानमंत्री मोदी का यह विदेशी दौरा काफी चर्चा में है 15 में से 20 में तक का प्रधानमंत्री का विदेशी दौरा शेड्यूल में पांच देशों के साथ बड़े समझौते का डील किया गया है लेकिन इसके बावजूद भी पीएम मोदी का विदेशी दौरा भारत में काफी चर्चा का विषय बन चुका है क्योंकि मिडिल ईस्ट के तनाव के कारण पीएम मोदी ने भारत के लोगों से अपील किया था कि आप लोग 1 साल तक सोना ना कर दें और जितना हो सके उतना वाहनों को कम प्रयोग करें जरूरत पर ही पेट्रोल और डीजल का इस्तेमाल करें
साथी साथ अगर कोई भारत के अलावा विदेश जाने का सोच रहा है तो वह अभी अपना यात्रा कैंसिल करें और जितना हो सके उतना भारत से बाहर निकलने का काम सोचें अपने देश में रहे और देश के साथ उसकी स्थितियों के साथ कदम से कदम मिलाकर चल लेकिन यह कहने के बाद प्रधानमंत्री मोदी खुद विदेशी दौरे पर निकल गए और इसीलिए सोशल मीडिया से लेकर पूरे मीडिया हाउस में बस यही चर्चा का विषय है कि भारत के लोगों को मना करके खुद पीएम मोदी विदेशी दौरे पर निकल गए।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
प्रधानमंत्री मोदी को विदेश जाते ही विपक्ष ने उनके ऊपर निशाना साधना शुरू कर दिया और विपक्ष कहने लगा कि पीएम मोदी भारत के लोगों को विदेश जाने से रोक रहे हैं और खुद विदेशी सैर कर रहे हैं भारत की जनता से कहते हैं कि आप एक साल तक सोना ना खरीदे और जितना हो सके उतना पेट्रोल और डीजल का काम से कम उपयोग करें लेकिन दूसरी ओर यह खुद विदेश निकल जाते हैं और उनके जितने भी गॉड है जितने भी समर्थक है वह खुद कई कई गाड़ियों का काफिला लेकर चल रहे हैं
विपक्ष का मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि पीएम मोदी भारत की स्थिति को पत्थर से पत्थर बना देंगे और खुद विदेश निकल जाएंगे पीएम मोदी भारत की स्थिति के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं और इसी कारण से वह भारत छोड़कर विदेश दौरे पर निकल गए हैं जो कि फिलहाल अभी जरूरत नहीं था।
लोगों की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी दौरे को लेकर काफी चर्चा बनाया गया है पुरे सोशल मीडिया हैंडल पर बस यही चर्चित हो रहा है कि मोदी भारतवासियों को संकट में छोड़कर खुद विदेश निकल गए और भारत के लोगों को इस आपदा में अकेले छोड़कर भाग चुके हैं पुरे सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी के विदेशी दौरे को लेकर काफी कंट्रोवर्सी चल रही है।
कई लोगों का कहना है कि पीएम मोदी विदेश गए हैं ताकि भारत को और मजबूत बनाया जा सके भारत की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत किया जा सके क्योंकि मिडिल ईस्ट का तनाव कब तक चलेगा यह कोई ठीक नहीं है और इसी कारण से प्रधानमंत्री मोदी भारत की ऊर्जा सुरक्षा और विदेश से हो रहे भारत के ट्रेड को सुरक्षित और मजबूत करने के लिए कई देशों के साथ बड़ी डील साइन करके वापस आ रहे हैं
अंततः
मिडिल ईस्ट से हो रहे तनाव के कारण आज पूरी दुनिया जूझ रही है और इसको लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने पहले ही अपने विदेशी दौरे में पूरे दुनिया भर के देशों को सचित करते हुए कह दिया कि अगर इस आपदा को समय रहते ठीक नहीं किया गया तो पूरी दुनिया अपने वर्तमान वजूद से पीछे हो जाएगी और देखते-देखते पूरी दुनिया खत्म हो जाएगी
हालांकि प्रधानमंत्री मोदी भारत की समस्या को दूर करने के लिए अपने विदेशी दौरे में कई ऐसे बड़े डील किए हैं जिसमें ऊर्जा सुरक्षा से लेकर बॉर्डर सुरक्षा तक पुरी इंतजाम करके भारत वापस आ रहे हैं प्रधानमंत्री मोदी का यह डील भारत के लिए काफी लाभदायक होने वाला है और साथ में भारत में हो रहे मिडल ईस्ट की वजह से समस्याओं को भी दूर किया जा सकता है।
— समाप्त — (The Ashirvad)
