‘साथ देने वाला कोई नहीं बचेगा’ – अमेरिका के 140 हमलों के बाद ईरान की खुली धमकी, बढ़ा पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा

अमेरिका के हमलों के बाद ईरान की चेतावनी, US-Iran युद्ध तनाव, पश्चिम एशिया संकट और वैश्विक सुरक्षा पर प्रभाव।
अमेरिका के बड़े सैन्य हमलों के बाद ईरान ने कड़ी चेतावनी जारी की है। क्या पश्चिम एशिया एक बड़े युद्ध की ओर बढ़ रहा है? जानिए अमेरिका-ईरान तनाव की पूरी कहानी और इसका दुनिया व भारत पर संभावित असर।

The Ashirvad के द्वारा प्रस्तुत:

मिडिल ईस्ट: मिडिल ईस्ट का तनाव एक बार फिर से चरण सीमा पर है अमेरिका के लगातार 140 हमले के बाद ईरान का पर अब सातवें आसमान पर है। अमेरिका द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर बड़े हमले के बाद ईरान पूरा आक्रोश में भरा हुआ है और उसने अमेरिका के साथ उन देशों को भी आखरी चेतावनी की है जो अमेरिका के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ जंग लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।

ईरान ने उन देशों को भी चेतावनी देते हुए कहा है कि जो कोई भी अमेरिका के साथ खड़ा होकर इरान के ऊपर हमला करेगा या अपना सैन्य ताकत के जरिए अमेरिका का मदद करेगा ईरान पर हमला करने के लिए तो उसका भी अंजाम उसे देश को भुगतना होगा हम सीधे उसके देश पर हमला करेंगे और उसका नामोनिशान मिटा देंगे।

अमेरिकी अधिकारियों की कथित बयानों के अनुसार ईरान के 140 सैनिक ठिकानों पर निशाना बनाया गया इसके बाद ईरान के अंदर पूरा आक्रोश का माहौल भरा हुआ है ईरान अमेरिका के प्रति जंग लड़ने की पूरी तैयारी कर रहा है उसने अमेरिका को भी चेतावनी दे दी है कि अमेरिका ने ऐसा कार्य करके कानूनी कार्रवाई का उल्लंघन किया है ऐसे में इसका अंजाम अमेरिका को भुगतना होगा।

अमेरिका के 140 हमलों के बाद ईरान की कड़ी चेतावनी

रिपोर्टों के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के आसपास बढ़ते तनाव और जहाजों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के मिसाइल लॉन्च साइट, ड्रोन बेस और सैन्य ठिकानों पर व्यापक कार्रवाई की। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा के लिए की गई। हालांकि इसके कारण ईरान को काफी बड़ा नुकसान झेलना पड़ा और इसी के चलते ईरान ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है।

साथ में ईरान ने उन देशों को भी चेतावनी दिया है जो ईरान के पीठ पीछे अमेरिका की मदद कर रहे हैं और ईरान को मिटाने की बात कर रहे हैं ईरान का कहना है कि वह देश भी अमेरिका की तरह उतना ही दंडनीय है जो अमेरिका का साथ दे रहे हैं या फिर अमेरिका के साथ मिलकर ईरान को मिटाने की बात कर रहे हैं।

ईरान ने चेतावनी देते हुए क्या कहा?

ईरानी मीडिया के अनुसार ईरान ने अमेरिका समेत उन देशों को भी आखरी चेतावनी दी है:

  • ईरान ने कहा कि अमेरिका के इस हमले का जवाब दिया जाएगा
  • जो कोई भी अमेरिका का साथ देगा उसके प्रति भी वैसे ही कार्रवाई की जाएगी जैसे अमेरिका के साथ किया जाएगा
  • अमेरिका के साथ जितने भी देश खड़े हैं और जो अपने सैन्य ताकत से अमेरिका की मदद कर रहे हैं ईरान पर हमला करने के लिए वह भी दंड के भागीदार हैं।
  • ईरान का लक्ष्य है क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैनिक ठिकानों को निशाना बनाना

इन बयानों के आधार पर कई विशेषज्ञों ने बताया है कि अमेरिका और ईरान के बीच फिर से तनाव बढ़ सकता है और यह दोनों ही देश अपने-अपने सैन्य ताकत से दोनों देशों के ऊपर हमला भी कर सकते हैं।

अमेरिका का पक्ष

अमेरिका का कहना है कि उसकी कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि हमले केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित थे और उनका उद्देश्य बड़े युद्ध को बढ़ावा देना नहीं था। हालांकि अगर ईरान अपनी ओर से कोई बड़ा कार्रवाई करता है तो अमेरिका चुप नहीं बैठेगा और उसका जवाब ईरान को जरूर देगा

अमेरिका का मानना है कि उसने जो किया वह केवल सुरक्षा व्यवस्था को लेकर किया है, ऐसे भी ईरान अगर कोई कार्रवाई करता है और वह पीछे नहीं हटा तो अमेरिका भी उसको उसी की भाषा में जवाब देगा क्योंकि अमेरिका ने अभी तक अपनी ओर से ईरान के प्रति कोई कार्रवाई नहीं की है ईरान को अगर लगता है कि अमेरिका उसे डर रहा है तो वह उसकी भूल है।

राष्ट्रपति ट्रंप का जवाब

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बयान के माध्यम से बताया कि ईरान ट्रंप को निशाना बना रहा है वह इस पूरे घटना का मास्टरमाइंड ट्रंप को मानता है ऐसे में ईरान के निशाने पर ट्रंप है हालांकि ट्रंप ने अपने बयान के माध्यम से ईरान को चेतानी देते हुए कहा है कि अगर ईरान मेरे ऊपर कार्रवाई करने की कोशिश करता है तो मैं 1000 मिसाइल तैयार करके रखा हुआ है उसको डालने में थोड़ा भी समय नहीं लगेगा।

राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दिया और कहा कि ईरान मेरे प्रति जितनी भी साजिश रच रहा है वह कभी सफल नहीं होगा ईरान कुछ भी करने की कोशिश करेगा तो उसका जवाब देने में हम लोग पीछे नहीं हटेंगे

फिर से आ सकती है संकट ?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष फिर से युद्ध के मोड पर आकर खड़े होते हैं और दोनों ही देश के बीच युद्ध आरंभ होता है तो इसका खामियाजा पूरे देश को भुगतना पड़ेगा और इससे तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी बड़ा हलचल देखने को मिलेगा पहले ही मिडल ईस्ट के तनाव से अंतरराष्ट्रीय बाजार में काफी बड़ा तनाव देखने को मिला है

और अगर इन दोनों देशों के बीच युद्ध आरंभ रहता है तो संभवत फिर से दोनों देशों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में संकटों का सामना पूरे दुनिया के देशों को करना पड़ेगा। इससे तेल आपूर्ति, वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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भारत पर भी पड़ सकता है गहरा प्रभाव

फिर से अगर इन दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता है तो इसका खामियाजा दुनिया के पूरे देश को भुगतना पड़ेगा जिसमें भारत भी शामिल है

भारत जो अपनी ऊर्जा जरूर का 85% हिस्सा अंतर्राष्ट्रीय देश से पूरा करता है ऐसे में अगर पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ता है तो भारत पर इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा

  • इन दोनों देशों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का दाम फिर से बढ़ सकता है
  • जिससे भारत में भी पेट्रोल और डीजल का दाम फिर से बढ़ना शुरू हो जाएगा
  • आयात करने पर लागत भी बढ़ेगा जिससे देश में महंगाई भी बढ़ना शुरू हो जाएगा
  • पश्चिम एशिया में काम कर रहे हैं भारतीयों के सुरक्षा को लेकर भी गंभीर प्रस्थीती बन सकती है।

हालांकि अभी भारत सरकार की ओर से इस स्थिति पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है और हर संभवत कदम उठाए जा रहे हैं सरकार का कहना है कि इस बढ़ती हुई स्थिति को देखते हुए सरकार सुरक्षा और नई योजना की ओर प्रस्थान कर रही है।

अंततः

अमेरिका द्वारा लगभग 140 सैन्य लक्ष्यों पर हमले और उसके बाद ईरान की कड़ी चेतावनी ने पश्चिम एशिया में अस्थिरता बढ़ा दी है। यदि हालात नहीं संभले तो इसका असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।

हालांकि अभी दोनों देशों की ओर से केवल बयान बाजी का ही नतीजा देखने को मिल रहा है संभव तो दोनों देश इस बढ़ते हुए तनाव को कम करने के लिए फिर से नई योजना पर कार्य कर सकते हैं हालांकि अभी तक दोनों देश की ओर से हम लोग को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है जिससे यह कहा जा सके की दोनों ही देश एक दूसरे के ऊपर हमला करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

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