खान सर को पुलिस ने लिया हिरासत में, कोचिंग सेंटर वाले मामले में बोल रहे थे झूठ

Khan Sir vs Gyan Bindu coaching controversy thumbnail showing Khan Sir and Roshan Anand with police investigation theme and breaking news update text.
पटना के चर्चित Khan Sir vs Gyan Bindu विवाद में नया मोड़

पटना बिहार: 2 जून के हुए पटना में प्रसिद्ध कोचिंग सेंटर खान ग्लोबल इंस्टिट्यूट के बाहर फायरिंग जो काफी बड़ा विवाद का नया मोड़ ले लिया इस विवाद में आए दिन नए-नए अपडेट आ रहे थे जिसमें खान सर ने अपने पड़ोसी शिक्षकों पर कई बड़े आरोप लगाते हुए कहा था कि यह फायरिंग कोई और नहीं बल्कि हमारे पड़ोसी कोचिंग सेंटर वालों ने कराई है ताकि जो मैं कम शुल्क में अच्छी शिक्षा प्रदान कर रहा हूं वह बंद कर दूं।

खान सर का यह बयान काफी गंभीर था जिस वजह से पटना पुलिस ने इनके पड़ोसी कोचिंग सेंटर ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद के साथ दो और शिक्षकों को अपने हिरासत में लिया और उनसे पूछता शुरू कर दिया हालांकि इसी बीच रोशन आनंद का कहना था कि खान सर उनके और बाकी कोचिंग सेंटर वालों पर झूठा आरोप लगा रहे हैं यह आप बिल्कुल ही बी बुनियाद है हम लोगों ने खान सर के कोचिंग पर ऐसा कुछ नहीं कराया

हालांकि मामला धीरे-धीरे काफी बड़ा विवाद का रूप ले लिया यह मामला पूरे बिहार राज्य का सबसे प्रसिद्ध कोचिंग सेंटर विवाद बन गया जहां पर दो प्रमुख कोचिंग सेंटर आपस में टकराया और एक नए विवाद का रुख ले लिए यह लफड़ा तब हुआ जब पीछे बीते कुछ दिन पहले ही पूरे कोचिंग सेंटर वालों पर प्रसिद्ध न्यूज़ एंकर अंजना ओम कश्यप ने तनुज कसते हुए पूरे ऑनलाइन कोचिंग सेंटर वाले शिक्षकों को दो कौड़ी का शिक्षक बताया था।

इसके बाद से यह विवाद काफी ज्यादा बढ़ गया था पूरे ऑनलाइन शिक्षकों ने अंजना ओम कश्यप को अपने प्रतिक्रिया लगातार दे रहे थे और पलटवार में इनके ऊपर जवाबी हमला कर रहे थे तभी इसी बीच बिहार की राजधानी पटना से भी खबर निकलकर आ गई की खान ग्लोबल इंस्टिट्यूट के बाहर 2 जून की रात के समय फायरिंग की गई इसके बाद से यह कोचिंग सेंटर का बवाल और भी बढ़ गया

खान कर पलट गए अपने ही बयान से

खान सर जो पहले चिक चिक कर बोल रहे थे कि उनके सामने 10 राउंड फायरिंग किया गया वहीं कैंसर अचानक अपने बातों से पलट गए और मीडिया से कहने वालों की फायरिंग होने के बाद यह वहां पर पहुंचे हालांकि तब तक मीडिया उनके पुराने बयान को सोशल मीडिया पर वायरल कर चुकी थी जिसमें यह साफ तौर पर कह रहे थे कि उनके सामने ही 10 राउंड फायरिंग की गई थी

बाद में जब मीडिया और लोगों ने इसे पूछा कि आप अपने ही बयान से क्यों पलट गए तब खान सर उसे बात पर कोई जवाब नहीं दिए खान सर का कहना था कि उनके पड़ोसी कोचिंग सेंटर वाले इन पर लगातार दबाव बना रहे थे कि यह अपने शुल्क को बढ़ाएं और बच्चों से अधिक से अधिक पैसा ले हालांकि उनके पड़ोसी कोचिंग सेंटर वालों ने इस बात पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि ऐसा उन्होंने कभी नहीं कहा

खान सर का लगाया हुआ आप ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद को पुलिस ने जब हिरासत में लिया तब रोशन आनंद के जितने भी छात्र थे वह इनको रिहा करने के लिए सड़कों पर उतर गए और पूरे सड़क का चक्का जाम कर दिए छात्रों समेत कई शिक्षकों का भी कहना था कि खान सर का यह आप रोशन आनंद पर लगाया हुआ बे बुनियाद है

सीसीटीवी ने खोला सच्चाई का राज

पहले जब खान सर यह बोल रहे थे कि यह फायरिंग कोचिंग सेंटर वालों के द्वारा कराई गई है तब लोगों ने लगभग इस बात को मान लिया था कि यह फायरिंग सच में बगल के कोचिंग सेंटर वालों ने ही कराई है हालांकि जब इसके खिलाफ एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल होने लगा तब पटना पुलिस ने इसके जड़ तक तहकीकात किया जिसके बाद से जो सच्चाई सामने निकल कर आई वह सब की होश उड़ा दी

इस लिंक वीडियो में पाया गया कि जो फायरिंग करता हुआ शख्स दिखाई दे रहा है वह कोई और नहीं बल्कि खान सर के दो गाड़ी है जो हुए हमले के दौरान खुद फायरिंग कर रहे थे इस वीडियो के बाद पटना पुलिस खान सर के दोनों गाड़ी को हिरासत में लिया और उनके साथ पूछता शुरू कर दी इस वीडियो को जिस शख्स ने बनाया था उससे यह वीडियो पहले ही डिलीट करवा दिया गया था हालांकि उससे पहले यह शख्स सोशल मीडिया पर इस वीडियो को अपलोड कर चुका था

लोगों के सामने जब सच्चाई आया तब हजारों स्टूडेंट जो खान सर के भी चाहते थे वह उनके खिलाफ खड़े हो गए और कहने वालों की खान सर ने बी बुनियाद आप रोशन आनंद पर लगाया है रोशन आनंद पर लगाया हुआ खान सर के द्वारा आप जो इस वीडियो के बाद गलत साबित हो गया जिसके बाद रोशन आनंद के जितने भी छात्र थे वह आक्रोश में आ गए और पूरे पटना का चक्का जाम कर दिए।

जब छात्रों का फूटा गुस्सा

रोशन आनंद के फेसबुक पेज से किया गया एक पोस्ट के बाद हजारों के तहत में बच्चे रोशन आनंद के रिहाई के लिए सड़क पर उतर गए और कैंडल मार्च निकले छात्रों ने रोशन आनंद के रिहाई का नारा लगाया और कहां की जो गुनहगार है उसकी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए और रोशन आनंद सर को रिया करनी चाहिए हजारों के तादाद में बच्चों की संख्या देखकर पूरे लोग चौंक गए क्योंकि आज तक किसी शिक्षक के लिए इतनी बड़ी छात्रों की संख्या कभी इकट्ठी नहीं हुई थी

लोगों का यहां तक की सोशल मीडिया पर भी इसी बात की चर्चा हो रही थी कि भले ही खान और ऑनलाइन के मामले में बादशाह बन बैठे हैं लेकिन ऑफलाइन के मामले में पटना के सबसे बड़े बादशाह तो रोशन आनंद ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर ही है जिनके समर्थन में हजारों बच्चों ने सड़क जाम कर दिया बच्चों का रोशन आनंद के प्रति प्यार और आत्मसमर्पण देखकर लोग भी हैरान हो चुके हैं।

पुलिस की कार्रवाई

इसलिए कोई वीडियो के बाद से पटना पुलिस पूरे इसके जड़ तक तहकीकात कर रही है और खान सर के दोनों गार्ड के साथ खान सर को भी हिरासत में लेकर पछता शुरू कर दी है इस मामले में हुए पूरे घटना को मध्य नजर रखते हुए पटना पुलिस का कहना है कि अभी तक दोनों ही पक्ष की ओर से कोई पुख्ता सबूत नहीं मिला है जिसके कारण इन दोनों पर कोई आरोप लगाया जा सके

हालांकि पुलिस अपने स्तर पर कार्रवाई जारी की है और इसके खिलाफ जो कोई भी था उसको ढूंढ कर निकलने मैं लगी हुई है अभी तक पटना पुलिस ने दोनों पक्ष की ओर से गिरफ्तारी शुरू कर दी है और दोनों पक्षधरों से पूछताछ भी चालू कर दिया है पटना पुलिस का कहना है कि जब तक इसके जड़ तक तहकीकात पूरा नहीं हो जाता तब तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता है

अंततः

कोचिंग जगत में यह लफड़ा अब तक का सबसे बड़ा लफड़ा माना जा रहा है जो दो प्रमुख कोचिंग सेंटरों के बीच हुआ है एक तरफ खान ग्लोबल इंस्टिट्यूट जो ऑनलाइन काफी ज्यादा प्रसिद्ध है तो वहीं दूसरी ओर ज्ञान बिंदु जो ऑफलाइन में बादशाह बन बैठा है इन दोनों कोचिंग सेंटरों के बीच हुए लफड़े को लेकर पूरा बिहार राज्य में हलचल हो चुका है

नेता से लेकर शिक्षक अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और दोनों पक्षधरों को अपनी स्तर पर समझने की कोशिश कर रहे हैं लोगों का कहना है कि जब दो शिक्षक की आपस में उलझे रहेंगे तो बच्चों को कौन पढ़ाएगा हालांकि यह लफड़ा धीरे-धीरे नए विवाद का कारण बनता जा रहा है।

खान सर और ज्ञान बिंदु कोचिंग से जुड़ा यह विवाद बिहार के सबसे चर्चित शिक्षा मामलों में से एक बन गया है। जहां एक ओर पुलिस जांच जारी है, वहीं दूसरी ओर दोनों पक्ष अपने-अपने दावे पेश कर रहे हैं।

Disclaimer: यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्ट्स और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित है। मामला जांचाधीन है। किसी भी व्यक्ति या संस्था को दोषी या निर्दोष घोषित करना हमारा उद्देश्य नहीं है। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायालय के निर्णय पर निर्भर करेगा।

          — समाप्त —     (The Ashirvad)

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