Dis.. UGC जो है कॉलेज और विश्वविद्यालय में भेदभाव को खत्म करने के लिए नए नियम जारी की है जिसे छात्रों को क्या फायदा और क्या नुकसान होगा लिए जान लेते हैं।

यूजीसी के नए Anti Discrimination नियम छात्रों के लिए क्या बदलेगा जानिए।
आज की शिक्षा और ज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं है। एक छात्र के लिए सम्मान, सुरक्षा और बराबरी का माहौल भी उतना ही जरूरी है। पिछले कुछ समय में कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से जुड़े ऐसे मामले सामने आए, जहाँ अनेकों छात्रों को भेदभाव और असुरक्षा का सामना करना पड़ा।
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए UGC (University Grants Commission) ने Anti-Discrimination से जुड़े नए नियम लाइ है, ताकि हर छात्र बिना डर के पढ़ाई कर सके।
इस ब्लॉग में हम सरल शब्दों में समझेंगे कि ये नए नियम क्या हैं। और इनका असर छात्रों और कॉलेजों पर कैसे पड़ेगा?
UGC Anti-Discrimination नियम का मतलब क्या है?
UGC के Anti-Discrimination नियम ऐसे हैं जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि
किसी भी छात्र के साथ दुर व्यवहार न हो
सभी छात्रों को समान अवसर मिले
शिक्षा का माहौल सुरक्षित और सकारात्मक हमेशा बना रहे।
देखा जाए तो ए नियम साफ कहता है कि, इन नियमों के अनुसार जाति, धर्म, भाषा, आर्थिक स्थिति या किसी भी अन्य वजह से शिक्षा के स्तर पर भेदभाव करना गलत माना जाएगा।
ऐ नियम छात्रों के लिए विशेष रूप से सुचारू रहे का काम करेगा बिना किसी दबाव के छात्र अपना शिकायत दर्ज कर सकते हैं और शिकायत किए हुए छात्र का नाम व पता गोपनीय रखा जाएगा तथा दिए हुए अवधि पर उसे समस्या का समाधान भी निकल जाएगा जो कि यह नियम छात्रों के लिए एक तरह का लाभदायक भी होगा जिसमें ना तो जाति धर्म या किसी उच्च नीच या फिर जो आर्थिक स्थिति से मजबूत हो ऐसा कुछ भी इसमें भेदभाव के नजर से देखा जाएगा। इससे यह फायदा रहेगा की छात्रा सिस्टम पर भरोसा कर सकेंगे और उनके समस्या का निधन भी आसानी पूर्वक हो सकेगा।
किए गए शिकायत के अनुसार कोई दोषी पाया जाता है फिर वह चाहे कोई शिक्षक हो छात्र हो या कर्मचारी हो उसके साथ सिम व्यवहार किया जाएगा और नियम के अनुसार उसे दंडित भी किया जाएगा वहां पर यह नहीं देखा जाएगा कि यह किस जाति धर्म या किसी विशेष समुदाय से आता है वहां पर हर किसी के लिए नियम एक समान रहेगा क्योंकि शिक्षा का मतलब होता है कि ज्ञान का भंडार सबके साथ सम्मान पूर्वक बांटा जाए तो वहां पर हर काम का तरीका भी हर किसी के साथ सम्मानित रूप से होगा। UGC चाहता है कि छात्रों को उनका अधिकार बताया जाए और वह अपने अधिकार को स्वयं समझे और निष्पक्ष रूप से उसको अपने अंदर पालन करें।
इस नियम से कॉलेज और यूनिवर्सिटी को क्या बदलाव करने होंगे?

प्रशासन को ज्यादा जिम्मेदारी लेनी होगी
शिकायतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकेगा
संस्थान की छवि बेहतर बेहतरीन होगा।
सभी छात्रों के बीच एक सम्मान का भरोसा रखा जाएगा सभी छात्रों को एक ही नजरिए से देखा जाएगा गलत को गलत और सही को सही साबित किया जाएगा और साथ में कॉलेज और विश्वविद्यालय की छवि का भी नियंत्रित रूप से बेहतरीन बनाया जाएगा जिससे छात्रों के बीच एक भरोसा बन सके।
हाल किस नियम को शुरू करने से कई सारी दिक्कतें भी आ सकती हैं जैसे कि इस नियम का उल्लंघन करना हर जगह इस नियम के बारे में सही ढंग से ना बताना छात्रों के बीच इस नियम को लेकर सुचारू रूप से जानकारी ना देना यह नियम देखने में तो जैसा आसान लग रहा है वैसे ही यह मुश्किलें भी पैदा कर सकता है क्योंकि अगर इस नियम का उल्लंघन होने लगे और कोई भी इस नियम को माने ना तो यह नियम नियम बनाकर ही सिर्फ रह जाएगा।
UGC के नए Anti-Discrimination Rules भारतीय शिक्षा प्रणाली के लिए एक सकारात्मक और जरूरी कदम हैं। इनका मकसद छात्रों को ऐसा माहौल देना है जहाँ वे बिना डर, बिना भेदभाव और पूरे आत्मविश्वास के साथ पढ़ाई कर सकें।
अगर ये नियम सही तरीके से लागू होते हैं, तो आने वाले समय में कॉलेज और यूनिवर्सिटी छात्रों के लिए और ज्यादा सुरक्षित और बेहतर बनेंगी।
____ समाप्त। (The Ashirvad)
