थलापति विजय के 300 करोड़ की फिल्म तो कॉपी निकाली।

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लोग इस बात पर अपनी नाराजगी जाता रहे हैं कि इतनी बड़ी मेगा बजट की फिल्म ऊपर से ऐ विजय की जीवन की आखिरी फिल्म है मगर फिर भी मेकर्स इसकी कहानी दूसरे फिल्मों से कॉपी क्यों किए हैं?

थलापति विजय की अपकमिंग मूवी जन नयागन को करीब 300 करोड़ के मेगा बजट में बनाया गया है जो कि यह फिल्म विजय की जीवन की लास्ट फिल्म होगी इस लास्ट फिल्म के बाद थलापति विजय पूरी तरह से फिल्म जगत को छोड़कर अपना पूरा जीवन अपनी राजनीतिक पार्टी टी०वी०के० (TVK) में समर्पित कर देंगे। और यही कारण है, कि विजय की लास्ट फिल्म जन नयागन जिसको की हिंदी में जन नेता भी बोला जा रहा है। उसकी हाईप ऑडियंस के बीच जमकर बनाई जा रही है। साथ में विजय के फैंस को भी इस फिल्म से बेहद उम्मीद है लोगों का यह मानना है, कि जब यह फिल्म विजय की जीवन की लास्ट मूवी है। तो इस फिल्म को मेकर्स विजय की बाकी फिल्मों से सबसे बेहतरीन बनाने की कोशिश करेंगे।

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मेकर्स ऐसी कोई गलती नहीं करेंगे जिससे विजय की यह फिल्म उनके करियर की लास्ट फ्लॉप फिल्म बन जाए और तभी तो मेकर्स इस फिल्म को बनाने में 300 करोड़ रुपए लगा दिए हैं। मगर एक बात लोगों के दिमाग में अभी भी चल रही है कि इतनी बड़ी बजट के बाद भी और इतनी तगड़ी स्टार कास्टिंग के बाद भी मेकर्स को जन नेता (जन नयागन) की कहानी किसी दूसरे फिल्म से कॉपी क्यों करनी पड़ी?

जन नेता आखिर किस फिल्म की कॉपी है?

           तो आपको बता दें, कि जब से जन नेता का ट्रेलर रिलीज हुआ है। तब से इसको जनता अलग-अलग फिल्म की कॉपी बताई जा रही है। वैसे अगर आप भी इस फिल्म का ट्रेलर देखे होंगे, तो आप गौर करेंगे कि इस ट्रेलर में दिखाया गया कुछ सीन तेलुगू सिनेमा के जाने-माने अभिनेता नंदमूरि बालाकृष्णन जिनको की एनबीके (NBK) भी बोला जाता है उनकी 2023 में आई फिल्म भगवंत केसरी की कॉपी है।

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या फिर आप बोल सकते हैं। कि इस फिल्म के कुछ सीन भगवंत केसरी से इंस्पायर्ड है, और शायद यही वज़ह है कि जनता के बीच इस मूवी को लेकर काफ़ी बहस चल रही है। ऑडियंस को समझ नहीं आ रहा कि आखिर विजय अपनी लास्ट फिल्म को इतने हल्के में क्यों लें रहे हैं। क्योंकि इस फिल्म को लेकर केवल इसके कॉपी सिन की वजह से ही विवाद नहीं हो रहा। बल्कि इसकी हिंदी डबिंग को लेकर हिंदी की जनता भी खुश नहीं है।

हिंदी डबिंग पर आखिर क्यों नाराज है हिंदी की जनता?

         तो देखिए पहले आप विजय की जितनी भी फिल्में देखे होंगे जैसे : विजय द मास्टर, द ग्रेटेस्ट आफ ऑल टाइम और भी बहुत सारी फिल्में इन सारी फिल्मों में विजय की हिंदी आवाज वॉइस आर्टिस्ट संकेत माह‌त्रे ने दिया है, जो कि ए केवल विजय की हीं फिल्मों को हिंदी आवाज नहीं देते बल्कि ऐ अल्लु अर्जुन समेत साउथ सिनेमा के कइ सारे एक्टर्स की फिल्मों को हिंदी में डब करते हैं

थलापति की हर फिल्मों को बेहतरीन आवाज में हिंदी ऑडियंस के सामने प्रस्तुत करना यह काम वॉइस आर्टिस्ट संकेत माहत्रे करते थे। मगर विजय की लास्ट मूवी जन नेता में इस बार संकेत माहत्रे नहीं बल्कि वरुण बडोला ने अपनी हिंदी आवाज दिए हैं। जो की विजय की हिंदी जनता को कहीं ना कहीं ऐ डबिंग ना खुश कर रही है। लगातार एक आवाज में ही विजय को सुनना और फिर अचानक से लास्ट फिल्म में आवाज के मोड को बदल देना विजय के चाहने वाले को अच्छा नहीं लग रहा। और शायद यही वजह है, कि जनता फिर से हिंदी वर्जन में जन नेता को संकेत माहत्रे से डबिंग करवाने की मेकर्स से डिमांड कर रही है।बाकी मेकर्स इस हिंदी डबिंग को लेकर कितना अपना दिलचस्प दिखाएंगे वह तो आगे कोई अपडेट आने के बाद देखना होगा। क्योंकि हम सबको पता है कि साउथ सिनेमा का सबसे बड़ा कारोबार हिंदी ऑडियंस से ही होता है, और अगर हिंदी ऑडियंस ही इस आवाज से ना खुश रहेगी तो फिर इस मूवी को हो सकता है। कि आगे चलकर फ्लॉप का भी सामना झेलना पड़े। और अगर मेकर्स फिल्म को फ्लॉप नहीं देखना चाहते हैं, तो शायद फिर से यह अपने वॉइस की डबिंग में चेंजिंग लाने की कोशिश करेंगे। बाकी विजय की अब तक जितने भी फिल्में अपने बेहतरीन से बेहतरीन देखी होंगी उसमें संकेत माहत्रे ने उनको हिंदी ऑडियंस के सामने प्रस्तुत किया था। बाकी अब वरुण बडोला से उनकी आवाज डबिंग करा कर इस मूवी को एक अलग ही दिशा में ले जाया गया है।       

          The Ashirvad के द्वार प्रस्तुत

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