Petrol Diesel के बढ़ते दाम से मचा बवाल,आम जनता परेशान क्या है सरकार का अगला कदम?

petrol diesel price hike india 2026 fuel price increase common people impact
पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा ₹3 तक बढ़े दाम, आम जनता परेशान! क्या और बढ़ेगी महंगाई क्या है सरकार का अगला कदम?

नई दिल्ली: पेट्रोल डीजल के बढ़ते दाम ने पूरे देश में हाहाकार मचा दिया है। इस बढ़ते दाम की महंगाई का आसाराम जनता पर गहरा प्रभाव डाल रही है कई राज्यों में तो पेट्रोल पंप पर भारी संख्या में भीड़ देखने को फिर से मिल रही है वहीं कई राज्यों में पेट्रोल की दिक्कत फिर से शुरू हो चुकी है

पेट्रोल के इस महंगे दाम को लेकर तमिलनाडु की नई सरकार जो सब विजय ने केंद्र सरकार पर पहली बार निशान सजाते हुए अपने बातों को रखा और कहा है कि इस पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दाम को तमिलनाडु की सरकार स्वीकार नहीं करेगी इसको सरकार को वापस लेना पड़ेगा

क्या है पूरा मामला ?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव एक बार फिर से पूरे देश पर अपना गहरा प्रभाव डालना शुरू कर दिया है और इसी बीच सबसे भारी प्रभाव कच्चे तेलों पर देखने को मिल रहा है जिस वजह से प्रत्येक देश में पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोतरी देखने को मिली है और उन्हें देश में से एक देश है भारत जहां पर जहां पर भी पेट्रोल और डीजल में बढ़ोतरी हुई है हालांकि यह बढ़ोतरी अन्य देशों के मुकाबले बहुत ही काम है

पेट्रोल और डीजल पर तेल कंपनियों के द्वारा और सरकार के राय मसूदा के अनुसार ₹3 रुपए प्रति लीटर पर बढ़ोतरी देखने को मिली और इसी कारण पूरे राज्य में हड़कंप मच गया ₹3 बढ़ाते हुए दम को लेकर जनता में हड़कंप का माहौल देखने को मिला और पेट्रोल पंप पर लंबी-लंबी कतारें फिर से देखने को मिलना शुरू हो गई है।

पेट्रोल और डीजल के लिए मचा हड़कंप

भारत में जब से ₹3 प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल पर बढ़ोतरी की गई है तब से जनता अपने वाहनों के साथ पेट्रोल पंप पर लंबी-लंबी कतारें लगाकर पेट्रोल और डीजल लेने के लिए पहुंच चुकी है देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जनता से अपील करते हुए कहा था कि वाहनों का कम से कम इस्तेमाल करें और पेट्रोल और डीजल की बचत करें इसके बाद कई राज्यों में हड़कंप मच गया

लोगों का बोलना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से एक बार फिर गहरा प्रभाव पूरे देश पर पड़ने वाला है और इसी कारण से लोग अपने गाड़ियों में पेट्रोल और डीजल को भारी मात्रा में लेने के लिए पेट्रोल पंप पर लंबी-लंबी कतारें लग रहे हैं। सरकार के अनुरोध करने के बाद राज्य के बड़े-बड़े उद्योगपति और नेताओं ने अपनी अपनी गाड़ियों का काफिला कम कर दिया साथ में आम जनता को जागरुक करते हुए कहा कि कम से कम वाहनों का इस्तेमाल करें

और जितना हो सके उतना इलेक्ट्रिक वाहन और साइकिल जैसे सुविधाओं का इस्तेमाल करें, नरेंद्र मोदी के कहने पर कई राज्यों में लोग वाहनों को कम इस्तेमाल करना शुरू कर दिए हैं और साइकिल और इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर शिफ्ट हो चुके हैं। हालांकि लोगों का कहना है कि यह कोई परमानेंट सॉल्यूशन नहीं है सरकार को जल्दी से जल्दी इसका कोई निवारण निकालना पड़ेगा आम जनता इस मुसीबत से जूझ रही है और सरकार से अपील कर रही है कि इसका कोई परमानेंट सॉल्यूशन निकल जाए

मुख्यमंत्री ने माननें से किया इनकार

हाल ही में तमिलनाडु में बने नए सरकार Chief Minister Joseph Vijay ने पेट्रोल और डीजल पर बड़े दामों को लेकर केंद्र सरकार पर पहली बार निशाना साधते हुए कहा कि पांच राज्यों में चुनाव खत्म होने के बाद सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर रेट बढ़ा दी है और इसको तमिलनाडु की सरकार स्वीकार नहीं करेगी यह फैसला सरकार तब ली जब पांच राज्यों का चुनाव खत्म हुआ

केंद्र सरकार अपनी मनमानी से जो आम जनता पर जबरदस्ती का बोझ डाल रही है उसको केंद्र सरकार को वापस लेना पड़ेगा मुख्यमंत्री जोसेफ विजय का बयान यह तब आया जब मिडिल ईस्ट में पहले ही कच्चे तेल को लेकर काफी तनाव देखने को मिला है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण पहले ही कच्चे तेलों का दाम आसमान छू रहा है ऐसे में मुख्यमंत्री विजय का सरकार पर बढ़ते दाम का आरोप लगाना किस हद तक सही है।

क्या फिर से बढ़ेगा दाम

पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों को लेकर विशेषज्ञों ने कहा कि इसमें सरकार की कोई गलती या फिर मनमानी नहीं है मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण पहले ही कच्चे तेलों पर काफी ज्यादा दाम बढ़ चुका है और इसी कारण मजबूरन सरकार को देश में पेट्रोल और डीजल के दामों पर बढ़ोतरी करनी पड़ी है। इनका कहना है कि अन्य देशों में तो शुरुआत में ही पेट्रोल और डीजल का दाम बढ़ चुका था

हालांकि भारत सरकार ने पेट्रोल और डीजल के दम पर बहुत ही हद तक कंट्रोल करने के बाद काफी समय बाद दाम बढ़ाया है। और विशेषज्ञों का कहना है कि अगर मिडल ईस्ट में तनाव भयानक मोड़ लेता है तो कच्चे तेलों के दाम में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिलेगी और मजबूरन सरकार को पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाने पड़ सकते हैं। हालांकि सरकार इन सरी दिक्कतों पर अपनी नजर बनाई हुई है

नरेंद्र मोदी कि UAE सरकार से अपील

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में विदेशी दौरे पर गए हैं और पहली मुलाकात उनकि UAE सरकार से हुई जहां पर मोदी जी का भव्य स्वागत किया गया और कई मुद्दों पर विशेष रूप से बात की गई और इनमें से एक सबसे भारी मुद्दा है तेल भंडार को बढ़ावा देना प्रधानमंत्री मोदी UAE के सरकार से बात करते हुए कहा कि भारत और UAE मिलकर भारत में ही तेल भंडार का बड़ा सुरक्षा व्यवस्था बना सकती है।

जहां पर UAE अपने तेल को सुरक्षित भारत में रख सकता है लेकिन यह तेल UAE के रहेगा लेकिन इसको भारत भी इस्तेमाल कर सकता है। और इस मामले में UAE सरकार ने भारत में 5 बिलियन डॉलर का निवेश करने का भारत सरकार को प्रस्ताव दिया है। जहां पर भारत में तेल भंडार की सुरक्षा को और भी मजबूत किया जाएगा और तेल से हो रहे दिक्कतों को बहुत ही आसानी पूर्वक भारत को छुटकारा मिल सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी की लास्ट चेतावनी

विदेशी दौरे में प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी भाषणों में कहा कि अगर मिडल ईस्ट के तनाव को कम नहीं किया गया तो इसका खामियाजा पूरे विश्व को भुगतना पड़ेगा और केवल भुगतना ही नहीं पड़ेगा बल्कि पूरा विश्व ही धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस महायुद्ध को जड़ से खत्म करना और समझौते के साथ आगे बढ़ाना बहुत ही जरूरी है

क्योंकि इसका अवसर पूरे विश्व पर दिख रहा है और धीरे-धीरे पूरा विश्व इस तनाव में जूझता जा रहा है जिसके कारण से आम जनता पर बहुत ही भारी और गहरा अवसर देखने को मिल रहा है। जो की विश्व को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाएगा इसलिए मोदी ने अपील करते हुए कहा कि इस तनाव को जल्द से जल्द खत्म करना पड़ेगा। ‌

अंततः

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर पूरे विश्व पर दिखाना शुरू हो गया है जब से मिडल ईस्ट में तनाव पढ़ना शुरू हुआ है तब से कच्चे तेल के दाम में केवल और केवल बढ़ोतरी देखने को ही मिली है और इसी कारण से पूरे विश्व में पेट्रोल और डीजल पर भी दाम बढ़ता हुआ पाया गया हालांकि भारत ने इसको बहुत ही सुरक्षा पूर्वक कंट्रोल कर के रखा था हालांकि अब भारत में भी इसका प्रभाव दिखना शुरू हो गया है।

और भारत सरकार भी पेट्रोल और डीजल के दम पर ₹3 का बढ़ोतरी की है जो की अन्य प्रमुख देशों के मुकाबले बहुत ही काम बढ़ोतरी है क्योंकि अन्य देशों में तो पेट्रोल और डीजल के दाम में पहले से कई गुना दाम देखने को मिला है हालांकि भारत सरकार ने आम जनता से अनुरोध करते हुए कहा है कि अभी जिस प्रकार तनावपूर्ण माहौल बना है उसमें कम से कम ईंधन का प्रयोग किया जाए और जितना हो सके उतना ईंधन बचाने की कोशिश की जाए

हालांकि इस तनाव पर भारत सरकार अपनी पूरी नजर बनाई हुई है और भारत को पेट्रोल और डीजल के तनाव से संभवत बाहर निकलने का प्रयत्न कर रही है। प्रधानमंत्री मोदी का विदेशी दौरा भारत के तेल भंडार को और भी सुरक्षा और मजबूत करने पर गहरा प्रभाव डाल रहा है प्रधानमंत्री मोदी का यूएई में मुलाकात भारत के लिए फायदेमंद साबित होने वाला है।

          — समाप्त —     (The Ashirvad)

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *