दिल्ली: 23 अप्रैल 2026 को पश्चिम बंगाल विधानसभा की पहले चरण की मतदान शुरू हो गया है इस मतदान में पहले चरण में कुल 294 सीटों पर से 152 सीटों पर आज मतदान हो रहा है। यह चुनाव पश्चिम बंगाल के लिए बहुत ही टक्कर का चुनाव होने वाला है एक तरफ ममता बनर्जी की सरकार जो अपना सत्ता बचाने की प्रयास में है। वहीं दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी इस बार पश्चिम बंगाल को अपने कब्जे में लेने के लिए लगातार प्रयत्न कर रही है इन दोनों के टक्कर के बीच सूबेदार अधिकारी और कांग्रेस लेफ्ट गठबंधन भी अपना पूरा जोड़ लगा दी है।
इस बार का पश्चिम बंगाल का चुनाव केवल एक चुनाव नहीं बल्कि बेरोजगारी, भ्रष्टाचारी, शिक्षा, महिला सुरक्षा जैसे बड़े मुद्दों पर टिका हुआ है। इस बार भारतीय जनता पार्टी और ममता बनर्जी की सरकार दोनों ही पश्चिम बंगाल के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए इन समस्याओं को अपना दल बनाकर हर हाल में इस चुनाव को जीतने का प्रयास कर रहे हैं।
कितने सीटों पर हो रहा मतदान
पश्चिम बंगाल में विधानसभा के कुल 294 सिम हैं, और इस बार चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल के हालातो को देखते हुए मतदान को दो चरण में करने का फैसला लिया है।
- 23 अप्रैल 2026 को पहले चरण में मतदान कुल 152 सीटों पर हो रहा है।
- 29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण में मतदान कुल 142 सीटों पर होगा।
- मतदान का गणना 4 मई 2026 को होना तय है।
आज जिस 152 सीटों पर मतदान हो रहा है, उसमें उत्तर बंगाल, मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम, हुगली और पूर्व मेदिनीपुर जैसे अहम जिले शामिल हैं। इन सीटों का परिणाम सरकार बनाने की दिशा तय कर सकता है।
पश्चिम बंगाल का चुनाव इस बार का सबसे कांटेदार चुनाव होने वाला है। और समय जहां ममता बनर्जी की सरकार भारतीय जनता पार्टी और अन्य सरकार पर भारी पड़ती थी वही इस बार बीजेपी और ममता बनर्जी की सरकार एक दूसरी पर भारी पड़ रहे हैं कभी-कभी तो यहां तक लोगों को लग रहा है कि इस बार का सरकार सत्ता परिवर्तन पर हावी ना हो जाए।
किसकी बनेगी सरकार ?
एक तरफ TMC तो वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी इन दोनों के बीच टकराव कांटे का है लोगों के अंदर और खास कर पश्चिम बंगाल की जनता अपनी मतदान से तय करेगी की कौन सी सत्ताधारी पश्चिम बंगाल में अपना सत्ता जमा कर बैठेगी पश्चिम बंगाल का चुनाव इस बार अन्य राज्यों के चुनाव से काफी टकरा पूर्ण होने वाला है। एक तरफ ममता बनर्जी जो चौथी बार अपना सरकार बनाने के लिए एड़ी से चोटी तक का जोड़ लगा दी है।
ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल में चुनाव जीतने के लिए निम्न मुद्दों को अपना ढाल बनाकर जनता को लुभाने का कार्य कर रही हैं।
- मुफ्त राशन
- स्वास्थ्य साथी योजना
- किसान और गरीब वर्ग के लिए योजनाएं
- महिला सुरक्षा
- लक्ष्मी भंडार योजना
भाजपा भी पश्चिम बंगाल चुनाव जीतने के लिए अपना कई सारा मुद्दा जनता के सामने रखी है और इन्हीं मुद्दों से भाजपा ममता बनर्जी पर भारी पड़ती दिख रही है।
- भ्रष्टाचार खत्म करना
- घुसपैठ रोकना
- साफ-सुथरा प्रशासन
- रोजगार
भाजपा अपन चुनावी रैलियां के दौरान यह दावा कर रही है कि इस बार की सरकार परिवर्तन और विकास का कार्य चाहती है। और जनता इस बार ऐसे प्रतिनिधि को पश्चिम बंगाल में बैठा है जो सही मायने में ग्राउंड पर कम करें और लायन आर्डर के नियमों को फॉलो करें।
पश्चिम बंगाल का बड़ा विवाद
पश्चिम बंगाल चुनाव में इस बार सबसे बड़ा विवाद मतदाताओं का नाम निलंबित करना एक बड़ा मुद्दा का रूप धारण कर लिया है। इस तथा पश्चिम बंगाल से 91 लाख से भी अधिक नाम को वोटर लिस्ट से हटाया गया है। इस मुद्दे पर विपक्ष केंद्र और चुनाव आयोग से सवाल कर रही है। विपक्ष का दावा है कि यह नाम गरीब और छोटे वर्ग के लोगों का काटा गया है।
वहीं सरकार और चुनाव आयोग का कहना है कि यह नाम केवल डुप्लीकेट और फर्जी लोगों का हटाया गया है जिसका पश्चिम बंगाल से कोई तालुका ही नहीं है। वैसे लोगों का नाम चुनाव लिस्ट से काटा गया है जो पश्चिम बंगाल के चुनाव में फर्जीवाड़ा करते थे और उन्हीं लोगों का नाम अब चुनाव आयोग और सरकार के द्वारा हटा दिया गया है जिसको लेकर विपक्ष बौखला उठी है।
भाजपा का बड़ा मुद्दा
पश्चिम बंगाल के चुनाव में भाजपा बेरोजगारी और पलायन के मुद्दों पर गहरी मंथन कर रही है। क्योंकि पश्चिम बंगाल के हालातो को मध्य नजर रखते हुए युवाओं को रोजगार के लिए पश्चिम बंगाल से पलायन करके दूसरे राज्यों में जाकर रोजगार ढूंढना और करना पड़ता है।
भाजपा का बोलना है कि वह सत्ता में आती है तो बेरोजगारी सुरक्षा व्यवस्था और पलायन से हमेशा के लिए युवाओं को छुटकारा मिल जाएगा जहां पहले लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है वही भाजपा का कहना है कि वह सत्ता में आते ही जमीनी स्तर पर कार्य करेगी और लोगों के समस्याओं का निवारण करेगी।
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ममता बनर्जी से लोगों का आक्रोश
ममता बनर्जी भी अपने मुद्दे में रोजगार को बढ़ावा देना और लोकल लोगों को रोजगार के लिए सेवा प्रदान करना इनकी पहले प्राथमिकता मॉडल बनी हुई है। हालांकि लोग ममता बनर्जी से अभी भी आक्रोश जाता रहे हैं लोगों का बोलना है कि ममता बनर्जी का कार्य केवल पेपर तक ही सीमित रहता है जमीनी स्तर पर तो कोई कार्य ही नजर नहीं आता
ममता बनर्जी का बोलना है कि वह चौथी बार मुख्यमंत्री पद का शपथ लेती है तो वह पश्चिम बंगाल को और भी तरक्की के ऊंचाइयों पर लेकर जाएगी साथ में पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए हर संभवत कदम उठायेंगी। हालांकि लोगों का बोलना है कि वह अब ममता बनर्जी के झांसे में नहीं आने वाले उनको जमीनी स्तर पर काम देखना और कामों के प्रति लगन देखना चाहते हैं।
इन सीटों से ही सत्ता का दिशा तय होता है।
पश्चिम बंगाल के 294 सीटों में से कुछ ऐसे मुख्य सिटे हैं जिस पर पूरे भारतवासियों की नजर रहती है। और इन्हीं सीटों से सत्ता के परिवर्तन का खेल समझ में आता है इन सीटों से ही तय होता है कि किसकी सरकार बनेगी और किसकी बिगड़ेगी यह सिटे ही सरकार की भविष्य को तय करती हैं।
पश्चिम बंगाल के 294 सीटों में से यह सिटें निम्नलिखित रूप से मुख्य है।
- नंदीग्राम
- भवानीपुर
- मुर्शिदाबाद
- मालदा
- हुगली
- पूर्व मेदिनीपुर
पश्चिम बंगाल के इन मुख्य सीटों से ही जीत और हर की दिशा तय की जाती है इन सीटों से तय होता है कि किसकी सरकार पश्चिम बंगाल में राज करेगी और कौन वहां से हटकर जाएगी।
सुरक्षा कड़ा इंतजाम
पश्चिम बंगाल का संवेदनशील चुनावी माहौल को देखते हुए चुनाव आयोग ने सुचारू रूप से सुरक्षा नियमों को कड़ा करने आदेश दिया है। जिन-जिन बूथों से चुनाव आयोग को अशांति का संका प्रतीत हुई है उन जगहों पर सुरक्षा के नियमों को बेहद ही कड़ा कर दिया गया है। केंद्रीय बल, वेबकास्टिंग, CCTV निगरानी, अतिरिक्त पुलिस बल
चुनाव आयोग ने सुरक्षा के साथ पश्चिम बंगाल में चुनाव शांतिपूर्ण कराने का जिम्मेदारी सुरक्षा कर्मियों के ऊपर सोप है।
अंततः
पश्चिम बंगाल का विधानसभा चुनाव 2026 काफी कांटे का टक्कर देने वाली है ममता बनर्जी और भाजपा के बीच टकराव काफी कांटेदार होने वाला है। अब पश्चिम बंगाल की जनता ही सुनिश्चित करेगी कि किसको पश्चिम बंगाल का राजकाज हाथों में सौंपना है और किसको पश्चिम बंगाल से 5 वर्ष के लिए हटाना है।
दोनों ही पार्टियों अपने-अपने चुनावी मुद्दों से पश्चिम बंगाल के लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने पर पूरा जोर लगा दिए हैं अब तो देखना बाकी है कि पश्चिम बंगाल में कौन सी पार्टी अपनी सत्ता जमाती है और कौन वहां से उठ कर जाती है।
— समाप्त — (The Ashirvad)
