Sonam Wangchuk का ‘संसद चलो’ आंदोलन: दिल्ली में बढ़ा सियासी तापमान, जानिए पूरा मामला

सोनम वांगचुक संसद चलो आंदोलन 2026, दिल्ली पुलिस सुरक्षा और संसद भवन का दृश्य
Sonam Wangchuk का 'संसद चलो' आंदोलन: दिल्ली पुलिस ने क्यों नहीं दी अनुमति? जानिए पूरा मामला

The Ashirvad के द्वारा प्रस्तुत:

नई दिल्ली: आज 20 जुलाई को भारत की राजधानी दिल्ली के जंतर मंतर से एक बड़ा विरोध प्रदर्शन संसद तक निकल जा रहा है जिसको नाम दिया गया है सांसद चलो मार्च प्रदर्शन यह प्रदर्शन कॉकरोच जनता पार्टी के द्वारा किया जाने वाला है। कॉकरोच जनता पार्टी जो नीट पेपर लीक में बच्चों ने जो अपनी जान गवा दी और जितने बच्चों के साथ नाइंसाफी हुई उसके लिए विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जिनका मुख्य उद्देश्य है धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देना

भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जिनके ऊपर लगातार कॉकरोच जनता पार्टी के द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। कि यह अपनी पद शिक्षा विभाग से इस्तीफा दे दें क्योंकि इनके नेतृत्व में नीट जैसे बड़े लेवल का एग्जाम लीक हुआ, जिसमें कई बच्चों ने अपनी जान गवा दी, तो लगभग 20 लाख बच्चों के साथ एक बड़ा धोखा देखने को मिला इसके बावजूद भी भारत के शिक्षा मंत्री ने इसके ऊपर ना तो कोई टिप्पणी की और ना ही अपने बयानों के द्वारा यह स्पष्ट किया कि यह सारी गलती उनके रखरखाव में हुई है।

धर्मेंद्र प्रधान का चाहिए इस्तीफा

कॉकरोच जनता पार्टी जो जंतर मंतर पर लगातार महीना भर से विरोध प्रदर्शन कर रही है और उनका सरकार से एक ही गुहार है कि धर्मेंद्र प्रधान अपने पद शिक्षा मंत्री से इस्तीफा दें क्योंकि वह इस विभाग के लायक नहीं उनके नेतृत्व में नित जैसे बड़े लेवल का एग्जाम लिख तो हुआ ही साथ में बहुत सारी और भी एग्जाम लीक हुआ है इसके उपलक्ष्य में धर्मेंद्र प्रधान के ऊपर अभी तक भारत सरकार ने कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की

कॉकरोच का बोलना है कि इससे पहले जब कांग्रेस की सरकार थी तब उस समय अगर कोई पेपर लीक होता था तो शिक्षा मंत्री को जवाब देना पड़ता था। लेकिन अभी के समय में जब भाजपा की सरकार है तो भाजपा तो खुद अपनी मनमानी कर ही रही है। साथ में शिक्षा मंत्री के ऊपर भी कोई भी प्रेशर नहीं बन रहा उनको भी खुली छूट मिल गई है कि अपने पद के रोब दिखाते हुए मनमानी करते रहे।

कॉकरोच जो आज 20 जुलाई को संसद तक संसद चलो मार्च विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं उनका लक्ष्य है कि धर्मेंद्र प्रधान अपनी पद से इस्तीफा दे और भारत के शिक्षा मंत्री के रूप में सोनम वांगचुक को नियुक्त किया जाए क्योंकि सोनम वांगचुक एक हायर एजुकेटेड आदमी है जो देश के लिए बहुत सारी नई-नई खोज किए हैं। और उनको भारत का शिक्षा मंत्री बना कर भारत की शिक्षा प्रणाली में एक नया दिशा लाया जा सकता है।

20 जुलाई के सांसद चलो प्रदर्शन में रुकावट

कॉकरोच जनता पार्टी आज 20 जुलाई को संसद तक संसद चलो मार्च निकालने के लिए पूरी तैयारी कर ली थी लेकिन इसी बीच उनसे एक चुक हो गई, संसद तक विरोध प्रदर्शन के लिए कॉकरोच जनता पार्टी को जो दिल्ली पुलिस से परमिशन लेना था उन्होंने इसके लिए परमिशन नहीं लिया क्योंकि कोई भी बड़ा प्रदर्शन करने के लिए पहले अनुमति लेना अनिवार्य होता है हालांकि दिल्ली पुलिस ने अपने बयानों के द्वारा बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी इसके लिए कोई परमिशन नहीं ली

दिल्ली पुलिस ने यही बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी ने इसके लिए परमिशन नहीं ली है तो उनको कोई परमिशन नहीं मिला है जिसके लिए उनको यह अनुमति नहीं है कि वह संसद तक किसी भी प्रकार का कोई भी मार्च निकाले अगर कॉकरोच जनता पार्टी बिना परमिशन लिए ही अपनी मनमानी करती है तो यह नियम का उल्लंघन होगा क्योंकि प्रदर्शन करने से पहले तत्कालीन परिस्थितियों को देखते हुए अनुमति लेना अनिवार्य होता है और उसके लिए पहले ही लिखित तौर पर देना पड़ता है

समर्थन में जुटे हजारों लोग

कॉकरोच जनता पार्टी का आज संसद चलो मार्च विरोध प्रदर्शन में देश के कोने-कोने से लोग इस प्रदर्शन में शामिल हो रहे हैं भारी की संख्या में लोग अपने घरों से निकलकर जंतर मंतर पहुंच रहे हैं हालांकि इसी बीच दिल्ली पुलिस ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है हर तरफ फोर्स की निगरानी है और सुरक्षा के नियमों के तहत हर प्रकार की व्यवस्था की गई है जिससे कोई भी सुरक्षा का उल्लंघन ना हो दिल्ली पुलिस हर मोमेंट पर निगरानी बनाई हुई है।

सामने आए कुछ मीडिया रिपोर्ट के कथित रिपोर्ट के आधार पर इस प्रदर्शन में कई हजार लोग शामिल हो चुके हैं और यह आंकड़ा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है सारे लोगों का एक ही लक्ष्य है धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देना। हालांकि अभी तक इस पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक तौर पर बयान नहीं आया है जिससे यह स्पष्ट हो सके की कॉकरोच जनता पार्टी का डिमांड भारत सरकार के द्वारा पूरा किया जाएगा। क्योंकि किसी व्यक्ति का इस्तीफा देना और उसके पद पर किसी और को बैठा देना या रातों-रात संभव नहीं इसके लिए सरकार की अनुमति और पूरे मंत्रिमंडल का हस्तक्षेप होना जरूरी है।

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सोनम वांगचुक का अपील है?

सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस जंतर मंतर से उठाकर अस्पताल में भर्ती कर दी है हालांकि उनका अभी स्वास्थ्य पहले से ठीक होता दिख रहा है। लेकिन इन सब के बीच सोनम वांगचुक प्रदर्शन कारियों को अपने बयानों के द्वारा लगातार अपील कर रहे हैं कि यह प्रदर्शन शांतिपूर्वक होनी चाहिए और ज्यादा से ज्यादा लोग इस प्रदर्शन में हिस्सा लें क्योंकि यह केवल एक आदमी के लिए नहीं किया जा रहा बल्कि इससे पूरे देश के बच्चों की भविष्य की चिंताएं जुड़ी हुई है

यह कदम उन बच्चों के लिए उठाए जा रहा है जो पेपर लीक होने की वजह से अपनी जान गवा दी उन बच्चों के साथ हुई ना इंसाफी को हम हरगिज़ मंजूरी नहीं देंगे हमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए और इसके लिए हम संसद तक शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन करेंगे।

अंततः

‘संसद चलो’ आंदोलन ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के मुद्दों और लोकतांत्रिक विरोध प्रदर्शन को राष्ट्रीय बहस के केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में सरकार की प्रतिक्रिया और आंदोलन की अगली रणनीति पर पूरे देश की नजर रहेगी। धर्मेंद्र प्रधान के विरोध में इस्तीफा की मांग करना और शिक्षा मंत्री के रूप में सोनम वांगचुक को नियुक्त करना कॉकरोच जनता पार्टी का पहला प्रस्ताव है हालांकि इस पर सरकार की अभी कोई भी वास्तविक प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली है।

अब पूरे देश की नजर इस आंदोलन पर और सरकार की आने वाली बयानों के ऊपर निर्धारित करती है जिससे इस प्रदर्शन के आगे की दिशा तय किया जाएगा हालांकि अभी तक इस प्रदर्शन में अनुमति न लेने के लिए सबसे बड़ी रुकावट आ चुकी है अब देखना होगा कि बिना अनुमति के भी क्या इस प्रदर्शन को आगे बढ़ाया जाएगा या 20 जुलाई यानी आज के दिन हो रहे इस प्रदर्शन को जंतर मंतर पर ही रोक दिया जाएगा

(नोट: यह रिपोर्ट उपलब्ध आधिकारिक और विश्वसनीय मीडिया रिपोर्टों के आधार पर तैयार की गई है। यदि इस मामले में कोई नया आधिकारिक अपडेट आता है, तो रिपोर्ट को उसी अनुसार अपडेट किया जा सकता है।)

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