पटना: बिहार मैं शराबबंदी को लेकर आए दिन नई-नई खबर बाहर आते हैं। जिसमें कभी यह देखने और सुनने को मिलता है कि बिहार में बहुत जल्द शराबबंदी से मुक्ति मिलने वाली है तो कई खबरों में यह तक देखने को मिलता है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी बहुत जल्द फिर से बिहार में शराबबंदी हटाने वाले हैं।
कुछ मीडिया रिपोर्ट नहीं तो यह तक बता दिया था कि उनके गुप्तचर से पता लगा है की, सम्राट चौधरी बिहार में शराब बंदी से रोक हटाने के लिए मंथन कर रहे हैं। और हो सकता है कि बहुत जल्द बिहार से शराबबंदी का बैन हट जाए और फिर से बिहार में शराब बिकना शुरू हो जाए
अब इस बात पर कितनी सच्चाई थी और कितना तथ्य शराबबंदी को लेकर सही साबित हो रहा था, कि उससे पहले ही बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 9 सितंबर को ABP में दिए एक इंटरव्यू के दौरान शराबबंदी को लेकर पूरी सच्चाई बताई जिसे साफ क्लियर हो गया कि बिहार में शराबबंदी से बना हटेगा कि नहीं हटेगा
शराबबंदी पर क्या बोले सम्राट चौधरी?
शराबबंदी पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि यह कोई छोटा-मोटा विषय नहीं है बल्कि या सबसे बड़ा मुद्दा है और यह आज से नहीं बल्कि माननीय नीतीश कुमार जी के शासनकाल से ही चला रहा है यह सवाल माननीय नीतीश कुमार जी जब बिहार के मुख्यमंत्री थे उसे समय भी काफी ज्यादा रफ्तार पकड़ हुआ था जिसमें लोग बिहार में शराबबंदी से मुक्ति मिलेगी कि नहीं इस बात को लेकर काफी हल्ला बोल कर रहे थे।
हालांकि बिहार में शराबबंदी को लेकर जितने भी अफवाह चल रही है कि बहुत जल्द हमारी सरकार शराब बंदी से बैन जाता देगी तो यह सरासर फर्जी खबर है ऐसा कुछ नहीं होगा। उन्होंने कहा कि बिहार में शराबबंदी जारी रहेगी और इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि माननीय नीतीश कुमार जी के 20 साल के शासनकाल में अगर कोई ऐतिहासिक फैसला है तो वह शराब बंदी है और यह माननीय नीतीश कुमार जी का फैसला है जिसको हम कभी नहीं बदलेंगे और ना ही हमारी सरकार बदलने की प्रयास करेगी शराब बंदी आज भी जारी है और आगे भी जारी रहेगी उसे पर लेकर कोई भी बातचीत नहीं होगा
उन्होंने माना कि शराबबंदी की वजह से राज्य को राजस्व का नुकसान होता है। उनके मुताबिक, इससे बिहार को करीब 20 हजार करोड़ रुपये सालाना राजस्व का नुकसान होता है। इसके बावजूद सरकार शराबबंदी जारी रखने के अपने फैसले पर कायम है।
महिलाओं का सम्मान कि यह बात है?
सम्राट चौधरी ने शराबबंदी को सिर्फ राजस्व से जोड़कर देखने के बजाय इसे महिलाओं के सम्मान और परिवारों से जुड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि बिहार की आधी से ज्यादा आबादी का यही मांग था कि बिहार में शराबबंदी हो महिलाओं ने नीतीश कुमार जी से शराबबंदी करने पर काफी ज्यादा जोड़ दिया और उन्हें महिलाओं का सम्मान करते हुए नीतीश कुमार जी ने यह ऐतिहासिक फैसला लिया जिससे बिहार में शराबबंदी हुई
महिलाओं को सरकार पर और उनके कार्यों पर पूरा भरोसा है और इसीलिए महिलाओं ने हमारी सरकार भी बिहार में बने और उन्हीं लोगों ने अपनी पूरी सहमति और बहुमत के साथ सरकार का बिहार में स्वागत किया और इसीलिए हम महिलाओं को और बिहार के उन सभी का सम्मान करते हैं जिन्होंने हम पर विश्वास किया और शराब बंदी को लेकर हमसे अपनी राय प्रकट की
मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि हमारी सरकार शराबबंदी को लेकर कभी भी किसी भी प्रकार से चर्चा नहीं करेगी। चाहे उससे कितना भी राज्य को नुकसान क्यों ना हो, एक बार जो फैसला ले लिया गया है उस पर हमारी सरकार हमेशा कायम रहेगी। यह फैसला हमारी जनता के हित में है और जो जनता के हित में होता है उससे बदला नहीं जाता। जानता ही तय करती है कि किसकी सरकार सत्ता में रहेगी और किसकी सरकार सत्ता से बाहर जाएगी
20 हजार करोड़ रुपये सालाना राजस्व का नुकसान
बिहार में शराबबंदी के कारण लगभग 20,000 करोड रुपए सालाना का नुकसान होता है इसके बावजूद भी बिहार सरकार मजबूती से खड़ी है और आगे भी खड़ी रहेगी शराबबंदी के कारण चाहे सरकार को कितना भी नुकसान क्यों न झेलना पड़े इसके बावजूद भी बिहार में शराबबंदी हमेशा ही चलता रहेगा शराबबंदी से जितना नुकसान राज्य के है उससे कई ज्यादा नुकसान जनता को है और इसीलिए जनता के हित में हमेशा से सरकार फैसला लेती आई है।
क्या बिहार में शराबबंदी खत्म होगी?
क्या बिहार में शराबबंदी खत्म होगी यह सवाल सबसे बड़ा सवाल बना हुआ था। लेकिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान के बाद फिलहाल इस सवाल पर एक पूर्ण विराम लग चुका है। जहां पर अब सवाल यह नहीं होगा कि क्या बिहार में शराबबंदी खत्म होगी बल्कि उसके जगह पर यह रहेगा कि क्या बिहार में कोई दूसरी सरकार आती है तो फिर से शराबबंदी चालू होगा या जैसे चलता आ रहा है वैसे ही चलता रहेगा
क्योंकि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने तो साफ तौर पर कह दिया है कि उनकी जब तक सरकार रहेगी तब तक बिहार में शराबबंदी चलता रहेगा इसके साथ कोई भी समझौता नहीं होगा चाहे राज्य को कितना भी नुकसान क्यों ना उठाना पड़े इसके बावजूद भी बिहार में लगातार शराबबंदी का समर्थन किया जाएगा और आगे भी सरकार इस पर कोई भी चर्चा नहीं करेगी
अंततः
बिहार में शराबबंदी को लेकर जितने भी अफवाह बन रही थी और जितने भी लोग यह कह रहे थे, कि बिहार में बहुत जल्द शराबबंदी से मुक्ति मिलेगा और फिर से बिहार में शराब बिकना शुरू हो जाएगा उसे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्ण विराम लगाते हुए इंटरव्यू में कहां है। कि बिहार में माननीय नीतीश कुमार जी का जो सबसे ऐतिहासिक फैसला है। वह बिहार में शराबबंदी है और इस फैसले का हर कोई सम्मान और समर्थन करता है।
ऐसे में हमारी सरकार जब तक बिहार में रहेगी ना तो शराबबंदी से कोई मुक्ति मिलेगा और ना ही इस पर आगे कोई चर्चा होगी शराबबंदी आज भी जारी है और आगे भी जारी रहेगी हमारी सरकार जब तक बिहार में रहेगी तब तक जनता के हित में ही कार्य करेगी जनता का फैसला ही सर्व प्रथम है। जनता ही तय करती है कि किसकी सरकार सत्ता में रहेगी और किसकी सरकार सत्ता से बाहर जाएगी
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