नई दिल्ली: 25 सितंबर को वृंदावन में स्थित गुरु कृपा कुंज परिसर में शिष्य रसिक दुलारी उर्फ दीपक लोधी का मौत पूरे लोगों को चौंका कर रख दिया है। शिष्य रसिक दुलारी का मौत पूरे लोगों के लिए एक चिंता का विषय बना हुआ है क्योंकि रसिक दुलारी महाराज प्रेमानंद के शिष्य थे। ऐसे में अब महाराज प्रेमानंद के ऊपर भी कुछ लोगों ने सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया है।
25 सितंबर को हुई इस घटना को जब पुलिस ने अपने स्तर से जांच पड़ताल शुरू किया तो पता चला कि शिष्य रसिक दुलारी परिसर के सबसे ऊंची बिल्डिंग से गिर पड़े जिससे उनकी मौत हो गई।
हालांकि जैसे-जैसे पुलिस का जांच पड़ताल आगे बढ़ता गया और जिस प्रकार से एक के बाद एक CCTV फुटेज निकला गया उसमे अलग-अलग रहस्य का खुलासा होने लगा। एक CCTV में खुलासा हुआ कि रसिक दुलारी बाहर से सीढी के द्वारा छत पर गए उसके बाद छत पर कुछ देर टहलने के बाद उन्होंने वहां पर बैठा हुआ था। दूसरे CCTV में यह खुलासा हुआ कि अचानक रसिक दुलारी उठे और छत से छलांग लगा दिए
पुलिस अब अलग-अलग कैमरों की रिकॉर्डिंग को जोड़कर घटना से पहले का पूरा घटनाक्रम समझने की कोशिश कर रही है। पुलिस के द्वारा अब अलग-अलग कमरे का खुलासा किया जा रहा है। जिसमें कई अलग-अलग ऐसे बातों को देखा जा रहा है जिससे इसके आगे की घटना को समझा जा सके
पोस्टमार्टम पर हुआ सबसे बड़ा खुलासा
इस घटना के बाद पुलिस की जांच पड़ताल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कई ऐसी बातों का खुलासा हुआ रसिक दुलारी के मिले कमरे से कुछ ऐसे साक्ष्यों जिसको पोस्टमार्टम के रिपोर्ट से जोड़कर देखा जा रहा है जब पोस्टमार्टम का रिपोर्ट सामने आया तो पता चला कि उनके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे।
प्रभात खबर में छपिक रिपोर्ट के मुताबिक मृतक रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद उनके परिजन घटना से जुड़ी हर जानकारी जानना चाहते हैं। परिवार की ओर से यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि उनके प्राइवेट पार्ट पर चोट या कटने की स्थिति कैसे बनी। इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आ रही हैं, लेकिन घटना की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह पता चल सकेगा कि मौत से पहले वास्तव में क्या हुआ था।
परिवार ने उठाए सवाल
रसिक दुलारी के परिवार की ओर से भी कई सवाल उठाए गए हैं। उनकी मां ने बताया कि दीपक धार्मिक प्रवृत्ति के थे और पहले सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे थे। बाद में वह वृंदावन चले गए और आश्रम से जुड़ गए। परिवार का आरोप है कि आश्रम जाने के बाद उन्हें दीपक से मिलने में परेशानी हुई। जब वह रसिक दुलारी से मिलने जाते थे तो उनका आश्रम के गेट पर घंटे बैठाया जाता लेकिन इसके बावजूद भी उनसे मिलने की अनुमति नहीं दी जाती थी।
परिजनों ने कहा कि वह कई महीनो ऐसे ही गेट के बाहर जा जाकर खड़े हुए ताकि वह रसिक दुलारी उर्फ दीपक लोधी से मिल सके हालांकि उनको मिलने नहीं दिया गया और वह हर तक कर निराश होकर घर वापस आ जाया करते थे। आप परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है और CBI जांच की मांग भी सामने आई है।
ट्रस्ट ने जारी की लोगों से अपील
विवाद बढ़ने के बीच राधा केलि कुंज ट्रस्ट की ओर से सोशल मीडिया पर एक अपील जारी की गई है। ट्रस्ट ने कहा कि हाल की घटना से महाराज जी और आश्रम से जुड़े लोग काफी दुखी हैं। साथ ही मृतक साधक के परिवार के प्रति संवेदना भी जताई गई है। ट्रस्ट ने कहा कि मामले की निष्पक्ष और तथ्यों पर आधारित जांच में पुलिस प्रशासन को पूरा सहयोग दिया जाएगा। लोगों से जांच पूरी होने तक संयम रखने की अपील की गई है।
अफवाहों से दूर रहने की सलाह
ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं, साधकों और लोगों से अपील करते हुए कहा कि जांच पूरी होने तक किसी भी तथ्य पर विश्वास ना करें और उसको आगे भेजने की कामना करें साथ ही साथ महाराज श्री के ऊपर कोई भी ऐसा गलत टिप्पणी या कोई भी ऐसा आरोप ना लगे जो की सत्य ना हो। इस पूरी घटना पर पुलिस अपना तहकीकात कर रही है। ट्रस्ट ने निवेदन करते हुए यह भी कहा कि किसी भी ऐसी अफवाहों पर जोड़ना दें जिसमें महाराज प्रेमानंद की छवि को खराब किया जा सके
महाराज पर लगाया गया 5 करोड़ का आरोप
शिष्य रसिक दुलारी की मौत के बाद कई ऐसी अफवाह बनाए गए जिसमें महाराज प्रेमानंद को बदनाम करने की भी कोशिश किया गया। साथ में उनके आश्रम और आश्रम के लोगों को भी बदनाम करने की कोशिश किया जा रहा है। इन्हीं अफवाहों के बीच एक ऐसा खबर देखने को मिला जिसमें कुछ लोगों ने और कुछ बड़े मीडिया हाउस ने यह आरोप लगाया कि महाराज प्रेमानंद से जबभी विराट कोहली और अनुष्का शर्मा मिलने आए उनके लिए उनको 5 करोड रुपए दिया गया
आरोप लगाया गया की 5 करोड रुपए देकर अनुष्का और विराट को बुलाया गया ताकि महाराज जी को और प्रसिद्ध किया जा सके। हालांकि यह तथ्य बिल्कुल ही गलत है यह बिल्कुल अफवाह बात है जिसको की विश्वास किसी भी तरह से नहीं किया जा सकता
इस अफवाह पर कुछ लोगों ने अपना प्रतिक्रिया देते हुए यह भी कहा कि जो विराट कोहली और अनुष्का शर्मा अंबानी की शादी में करोड़ों रुपए का ऑफर ठुकरा कर नहीं गए वह 5 करोड रुपए के लिए किसी साधु और संत के पास मिलने जाएंगे। उन्होंने आया क्योंकि महाराज प्रेमानंद के भक्ति भाव ने उनको प्रेम के रस में डुबाया है। उनके अंदर भक्ति का एक दीपक जलाया है और इन्हीं कर्म से वह आश्रम में नंगे पैर आते हैं और महाराज श्री से दर्शन करते हैं उनसे बातें सीखते हैं।
महाराज प्रेमानंद की छवि खराब करने की कोशिश
महाराज प्रेमानंद के ऊपर लगाए जा रहे आरोपों के बीच कुछ लोगों ने अपने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इतने वर्षों में महाराज प्रेमानंद के ऊपर किसी ने उंगली तक नहीं उठाई लेकिन जैसे ही शिष्य रसिक दुलारी का मौत हुआ लोगों ने तरह-तरह के अफवाह बनाना शुरू कर दिया उनको बदनाम करने की साजिश रचने लगे
लोगों ने यही कहा कि जो माता-पिता अपने बच्चों को अभी ढूंढने की कोशिश कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उनके बच्चे को अगवा कर लिया गया है उनका बच्चा मीना से लापता है वह इससे पहले ना तो कभी मीडिया से बात किए थे और ना ही ऐसा कभी आरोप लगाए थे लेकिन जैसे दुलारी का मौत हुआ यह लोग भी सामने आ गए और आरोप पर आरोप लगाते चले गए।
अब सबसे बड़ा सवाल क्या है?
- अब पुलिस के सामने मुख्य सवाल है कि घटना से पहले रसिक दुलारी के साथ आखिर क्या हुआ था।
- CCTV फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य सबूतों को मिलाकर पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
- इस मामले में सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे भी किए जा रहे हैं, लेकिन हर वायरल दावे को सच मानना सही नहीं होगा।
अंततः
शिष्य रसिक दुलारी के मौत को लेकर जितने भी अफवाह बनाए जा रहे हैं या महाराज प्रेमानंद के ऊपर जितने भी आरोप लगाकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है उन सभी को एक बात जानने की आवश्यकता है कि जब तक पुलिस के द्वारा पूरी तरह जांच पड़ताल खत्म नहीं कर दिया जाता और जब तक फॉरेंसिक रिपोर्ट नहीं आ जाती
जिससे यह साबित हो सके कि उनकी मौत का कारण क्या है तब तक सवाल उठाना और किसी के ऊपर आरोप लगाना सही नहीं है। जब तक पुलिस की जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट से पूरी स्थिति साफ नहीं होती, तब तक रसिक दुलारी की मौत को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
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