दिल्ली: 2026 भारत की राजनीति के लिए बहुत ही बेचीदा समय देखा जा रहा है एक तरफ जहां बिहार राज्य में मुख्यमंत्री पद से नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद बिहार की राजनीति में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। वहीं दूसरी ओर आम आदमी पार्टी में अब सामने बड़ा दरार देखने को मिल रहा है।
आम आदमी पार्टी के बीते शुक्रवार (25 अप्रैल 2026) को 7 सांसदों ने आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो गए। 10 में से सात सांसदों ने जो बीजेपी में शामिल हुए हैं उनमें से सबसे चर्चित नाम और राघव चड्ढा का है। राघव चड्ढा का नाम इसलिए ज्यादा चर्चा में है क्योंकि यह अरविंद केजरीवाल के सबसे चहीते और सबसे विश्वासिय सांसद थे।
अरविंद केजरीवाल जब राघव चड्ढा को डेप्युटी लीडर के पद से हटाया था तभी से आम आदमी पार्टी में दरार पढ़ना शुरू हो गया था। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी के कुछ नेता राघव चढ़ा के खिलाफ बोलने लगे कि यह संसद का समय बर्बाद करते हैं। और यही कारण था कि धीरे-धीरे आम आदमी पार्टी में दरार पादना शुरू हो गया
अरविंद केजरीवाल के द्वारा राघव चड्ढा को पद से निकल जाने पर राजनीति विशेषज्ञों ने पहले ही भविष्यवाणी कर दी थी की राघव चढ़ा बहुत जल्द भाजपा मैं शामिल हो जाएंगे और यह भविष्यवाणी सत्य साबित हो गई।
राघव चड्ढा ने क्यों छोड़ा AAP
राघव चड्ढा को अरविंद केजरीवाल जब से आम आदमी पार्टी के डेप्युटी लीडर के पद से हटाया था तभी से यह चर्चा शुरू हो गया था कि आम आदमी पार्टी आवाज उठाने वाले और लोगों के साथ खड़े होने वाले सांसदों को दबाने की कोशिश कर रही है। आम आदमी पार्टी नहीं चाहती है कि कोई आम लोगों का आवाज बनकर संसद में सवाल करें।
आम आदमी पार्टी से राघव चड्ढा को निकल जाने पर राघव चड्ढा ने बोला था कि उनके अच्छे काम और उनके परिश्रम को आम आदमी पार्टी में दबाने की कोशिश की जा रही है। साथ में राघव चढ़ाने यह भी बोला कि वह कभी झुकेंगे नहीं और नहीं वह लोगों के विश्वास को अपने ऊपर से कम होने देंगे
राघव चड्ढा शुरू में ही बोले थे कि उनको संसद में बोलने से आम आदमी पार्टी के द्वारा रोका जा रहा है आम आदमी पार्टी नहीं चाहती है कि मैं जो सवाल संसद में करता हूं वह संसद में किया जाए या मैं लोगों का आवाज बंद कर संसद में सवाल खड़ा कर सकूं।
और यही कारण था कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर या तो कोई और पार्टी में शामिल होना चाहते थे या फिर खुद की पार्टी बनाने की सोच रहे थे। लेकिन विशेषज्ञों ने पहले ही बोल दिया था कि राघव चड्ढा कुछ ही दिन के अंदर भाजपा में शामिल हो जाएंगे, लेकिन इतनी जल्दी शामिल होंगे और अपने साथ और सांसदों को भी लेकर आएंगे यह उम्मीद किसी को नहीं थी।
कितने लोगों ने छोड़ा आम आदमी पार्टी
10 में से 7 सांसद आम आदमी पार्टी से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल हो चुके हैं लेकिन सवाल यह है कि राघव चड्ढा को आम आदमी पार्टी से निकल गया था और सबको पता था कि केवल राघव चढ़ा ही कोई दूसरी पार्टी मैं शामिल हो सकते हैं लेकिन अपने साथ और सांसदों को लेकर आएंगे यह किसी को उम्मीद नहीं थी बीते शुक्रवार को राघव चड्ढा ने अपने साथ और 6 सांसदों को लाकर आम आदमी पार्टी को झटका दे दिया।
भाजपा में राघव चढ़ा के अलावा आम आदमी पार्टी के 6 और सांसद शामिल हुए जिनका उम्मीद ना के बराबर था यहां तक की एक सांसद को तो अरविंद केजरीवाल ने राघव चढ़ा के डेप्युटी लीडर के पद पर बैठाया था। इसके बावजूद भी वह आप से हटकर भाजपा में शामिल हो गए।
कितने लगोगे हुए शामिल भाजपा में।
- Harbhajan Singh (राज्यसभा सांसद)
- Swati Maliwal
- Sandeep Pathak
- Ashok Mittal
- Rajinder Gupta
- Vikramjit Singh Sahney
राघव चढ़ा के साथ यह लोग भी आम आदमी पार्टी को छोड़कर भाजपा ज्वाइन कर लिए।
राघव चड्ढा के नाम पर असर
राघव चढ़ा जो संसद में खड़े होकर लोगों के लिए मसीह के रूप में सरकार से सवाल करते थे और लोगों की दुख दर्द को सरकार के सामने प्रकट करते थे और उसका निवारण पूछते थे और ऐसा करते-करते राघव चढ़ा आम जनता की कहते बन गए और जब इनको आम आदमी पार्टी से निलंबित किया गया तब लोगों ने उनके प्रति अपनी उदारता दिखाई लोगों ने बोला कि आम आदमी पार्टी अच्छे नेता को दबाने की कोशिश करती है।
लोग यह कहने लगा कि राघव चड्ढा आम जनता की मसीहा है और उनके दुख दर्द को समझते हैं राघव चड्ढा ने अपने आवाज के दम पर और अपने सततू का सही प्रयोग करते हुए आम जनता के लिए बहुत कुछ कर दिखाया है। राघव चड्ढा रिचार्ज, एयरपोर्ट पर महंगाई और लोगों के जीवन से जुड़े कई सवाल सरकार से बेधड़क पूछने का काम किया है।
ऐसे में आम जनता राघव चड्ढा को पसंद करने लगी और सबको लगने लगा कि राघव चढ़ा सरकार से ऐसे ही सवाल करते रहेंगे यह दबाने वाले नहीं है। लेकिन राघव चड्ढा को भाजपा में शामिल होता हुआ देख अब यही लोग परेशान हो रहे हैं क्योंकि जो आदमी विपक्ष में खड़ा होकर सरकार से सवाल पूछता था अब वही आदमी सरकार के अधीन हो गया है ऐसे में अब लोग यह सोच रहे हैं कि अब सरकार से सवाल कौन करेगा।
क्योंकि राघव चड्ढा जो एक मसीह के रूप में उभरे थे वह तो खुद भाजपा में शामिल हो गए और यही नहीं अपने साथ और 6 सांसदों को शामिल करवा दिया तो जब राघव चढ़ावा सही में आम जनता की भावनाओं को समझते थे तो यह बीजेपी क्यों ज्वाइन किया उसके जगह पर यह कांग्रेस या फिर कोई और दल में शामिल हो सकते थे, जिसके कारण यह संसद में खुले मन से सवाल तो करते।
राघव चड्ढा पर लगा बड़ा दाग
राघव चड्ढा जब से भाजपा में शामिल हुए हैं तब से लोग बोलना शुरू कर दिए हैं कि अरविंद केजरीवाल राघव चड्ढा को निकाल कर सही फैसला किया क्योंकि जो आदमी विपक्ष से सवाल करता था आज वह खुद विपक्ष में शामिल हो चुका है ऐसे में यह आदमी आम जनता का मसीहा बनने का केवल ढोंग कर रहा था। अगर राघव चड्ढा को सच में आम जनता की परवाह होती तो यह विपक्ष का राह कभी नहीं चुनते।
राघव चड्ढा जो अपना छवि कुछ ही महीना में बना लिए थे उसको यह भाजपा में शामिल होते ही खत्म कर दिए। उन लोगों का विश्वास राघव चढ़ा से टूट गया जो कभी यह सोचा करते थे कि राघव चड्ढा आम जनता के लिए एक मसीह के रूप में उभरे हैं और आम जनता के लिए ही सरकार से सवाल करते हैं।
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भाजपा पर इन लोगों का विश्वास
बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी अपने बयान में बोला कि दूसरे दलों में जो अच्छे लोग हैं उनको उन दलों में रहकर घुटन महसूस होती है क्योंकि वह डाल उन लोगों को आगे बढ़ता नहीं देखना चाहती और लोगों के मसीहा के रूप में काम करने से पीछे खींचती है ऐसे में इन लोगों को बस भाजपा पर ही विश्वास है। क्योंकि भाजपा हमेशा लोगों के हित में ही कार्य करती है और लोगों के भलाई के बारे में ही सोचती है ऐसे में आम आदमी पार्टी कांग्रेस या अन्य कोई दलों में से जो अच्छे लोग हैं वह भाजपा में धीरे-धीरे शामिल हो जाएंगे।
संजय सरावगी का बोलना है कि अच्छे लोगों को हमेशा भाजपा पर विश्वास है और यह तो अभी शुरुआत है आगे आगे देखते रहिए बहुत से लोग भाजपा में शामिल होने के लिए उत्सुक हैं और वह बहुत जल्द भाजपा में शामिल भी हो जाएंगे क्योंकि ऐसे लोग भाजपा में खुले मन से काम करते हैं और लोगों के लिए अच्छे विचार भी प्रकट करते हैं।
अंततः
राघव चड्ढा बीते शुक्रवार को सारे लोगों को अचानक झटका दे दिया जब इन्होंने भाजपा में शामिल हो गए। जितने लोग राघव चड्ढा से उम्मीद लगा कर बैठे थे कि यह अच्छे सांसद हैं और आम जनता के लिए अच्छे कार्य करेंगे और उनके लिए हमेशा विपक्ष से उनका आवाज बनकर सवाल करेंगे, लेकिन अचानक राघव चड्ढा ने पलटी मारी और भाजपा में शामिल हो गए ऐसे में अब लोगों को राघव चड्ढा पर से विश्वास उठ गया है।
लोग यह बोलना शुरू कर दिए हैं कि जो आदमी आम आदमी पार्टी का नहीं हुआ और जो आदमी आम जनता का नहीं हुआ वह आदमी भाजपा में शामिल होकर अपना रंग रूप दिखा दिया कि वह सवाल करने का ढूंढ कर रहा था।
लोगों की नाराजगी राघव चढ़ा के प्रति जायज भी है क्योंकि लोग राघव चड्ढा से काफी उम्मीद लगा कर बैठे थे और उन सारे उम्मीद पर राघव चड्ढा ने बहुत ही आसानी से पानी फेर दिया है।
— समाप्त — (The Ashirvad)
