पीएम मोदी ने वीडियो संदेश में छात्रों को किया माफ, कहा – “गालियां किसी समस्या का समाधान नहीं”

वीडियो संदेश में छात्रों को माफ करने की बात कहते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।
PM मोदी ने छात्रों को किया माफ, बोले- जिन्होंने मुझे और मेरी मां को गालियां दीं, मैं उन्हें माफ करता हूं

The Ashirvad के द्वारा प्रस्तुत:

नई दिल्ली: नीट पेपर लीक को लेकर दिल्ली के जंतर मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के द्वारा जो आंदोलन किया जा रहा था उसे आंदोलन के दौरान देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके स्वर्गीय माता को अभद्र तरीके से गंदी-गंदी गालियां दी गई और गलत गलत टिप्पणियां किया गया इसके बाद लोगों ने यह सवाल खड़ा करना शुरू कर दिया कि क्या छात्र का मतलब यही होता है कि देश के प्रधानमंत्री को और उनकी मां को गंदी-गंदी गालियां देना उनको अभद्र बातें कहना

क्या यह छात्र कहलाने योग्य है जो देश के प्रधानमंत्री को गलत तरीके से संबोधित करते हैं लोगों ने कई सारे सवाल खड़ा किया हालांकि इसके बीच देश के प्रधानमंत्री ने बच्चों के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया और नहीं उनके लिए कोई आपत्तिजनक बात बोली जिससे लगे कि इस बात को लेकर देश के प्रधानमंत्री को ठेस पहुंचा हो

प्रसिद्ध होने के चक्कर में दिया गया गली

जंतर मंतर पर जो छात्र आंदोलन कर रहे थे उसमें से लगभग कुछ ऐसे भी छात्र थे जिनको इस आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं था और ना ही वह नीट पेपर लीक मुद्दे को लेकर इस आंदोलन में शामिल होने आए थे वह तो बस खुद को कैमरा और लाइमलाइट के चक्कर में प्रसिद्ध होना देखना चाहते थे और इसके चक्कर में उन्होंने देश के प्रधानमंत्री को अभद्रता से संबोधित किया साथ में उनका गंदी-गंदी गालियां दी यह छात्र के आड़ में अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले कुछ ऐसे छात्र थे जो केवल और केवल अभद्रता फैलाने ही आए थे।

लड़कों ने तो देश के प्रधानमंत्री को गाली दिया ही उनके साथ में बच्चियों भी देश के प्रधानमंत्री और उनकी मां को गाली दी उन्होंने ऐसे ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जिसको सुनकर लोग शर्म से अपना सर झुका लिए लोगों ने यह सोचने पर मजबूर हो गए कि क्या देश में नारी शक्ति और उनके विचारों को बढ़ावा देना उसके बदले यही परिणाम मिलता है। क्योंकि नारी शक्ति का मतलब होता है बिना डरे निडर होकर आवाज उठाना लेकिन यहां पर आवाज के आड़ में गंदी-गंदी टिप्पणियां करना और गाली गलौज हो रहा है।

प्रधानमंत्री के ऊपर किया गया टिप्पणी

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर न केवल गंदी-गंदी टिप्पणियां की गई और गाली गलौज किया गया बल्कि उनके खिलाफ ऐसे ऐसे तर्क भी लोगों के सामने दिए गए और छात्रों के हाथ में अभद्रता भारी ऐसे ऐसे पोस्ट देखने को मिले जिस से साफ पता हो गया कि यह छात्र नहीं बल्कि छात्र के आड़ में आए हुए कुछ ऐसे गंदे विचार वाले लड़के लड़कियां हैं जो केवल और केवल लाइमलाइट के चक्कर में देश के प्रधानमंत्री को गाली दे रहे हैं।

अगर इन छात्रों को दिक्कत धर्मेंद्र प्रधान और नीट पेपर मुद्दे को लेकर था तो यह लोग केवल उसी की चर्चा करते लेकिन इन्होंने ऐसा नहीं किया बल्कि इन्होंने वह सारे काम किया जो इनको एक छात्र ना होने पर दर्शाता है इन्होंने गाली गलौज के साथ जंतर मंतर पर कई ऐसे करतूत भी किया जिसको देखकर लोग शर्म से पानी पानी हो गए

दिल्ली पुलिस से किया गया कार्रवाई का मांग

प्रधानमंत्री के ऊपर किया गया टिप्पणी और उनको गाली गलौज के चक्कर में लोगों ने दिल्ली पुलिस से निवेदन किया कि जितने भी लोग छात्रों के नाम पर इस आंदोलन में हिस्सा लिए थे और देश के प्रधानमंत्री और उनकी मां को गाली दिए हैं। उनके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए लोगों ने कहा कि जब तक इन लोगों के ऊपर इन लड़की और लड़कियों के ऊपर कारवाई नहीं होता है तब तक इसके खिलाफ आवाज उठाया जाएगा

हालांकि दिल्ली पुलिस के कार्रवाई करने पर और कुछ लोगों के ऊपर फिर करने पर उन लड़के और लड़कियों का माफी नामा वीडियो आया जिसमें उन्होंने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए कहा कि हमने केवल और केवल प्रसिद्ध होने के चक्कर में देश के प्रधानमंत्री को गाली दिया है। उनके माता को गाली दिया है जिनका की इस आंदोलन और इस पेपर लीक से कोई लेना-देना ही नहीं था ऐसे में हम लोग अपनी गुनाह को कबूल करते हैं और देश के प्रधानमंत्री और तमाम उन लोगों से माफी मांगते हैं जिनको इन टिप्पणियों से ठेस पहुंचा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने किया माफ

प्रधानमंत्री के ऊपर गाली गलौज करने के बाद और उनको अभद्रता से संबोधित करने के बाद भी प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों के बचाव में और उनके पक्ष में एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें उन्होंने कहा कि जंतर मंतर पर कुछ छात्रों के द्वारा जो गंदा बिचार प्रकट किया गया, और जो गालीयां दि गई उसमें छात्रों ने न केवल मुझे गाली दिया बल्कि मेरे स्वर्गीय मां को भी गंदी-गंदी गालियां दी गई इन छात्रों ने यह कोई जानबूझकर गलती नहीं की मुझे पता है कि पेपर लीक कोई छोटा मोटा नहीं था इसके लिए उन्होंने अपनी आकृष्ट जताई जो की जायज है।

यह र भारत के छात्र हैं और इनको रास्ता दिखाना उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलना यह हमारा कर्तव्य है और इसीलिए हम इन छात्रों के ऊपर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहते जिससे उनके भविष्य प्रभावित हो और यह कोर्ट कचहरी के चक्कर काटे यह रहा मटके छात्र हैं। और इनको रास्ता दिखाना और इनका सही मार्ग पर लाना यह हम सब का कर्तव्य है यह भारत के भविष्य हैं और इनके लिए जो भी उचित कदम होगा वह हम उठाएंगे इन छात्रों को मैं क्षमा करता हूं मुझे इनमें से कोई शिकायत नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे पता है कि छात्र जीवन काफी कठिन जीवन होता है इसमें सब कुछ सहते हुए खुद को मजबूत रखना पड़ता है काफी मेहनत से आगे बढ़ना पड़ता है ऐसे में अगर छात्रों के जीवन प्रभावित होता है तो वह आक्रोश में आते हैं उनके मेहनत बर्बाद हो जाते हैं। ऐसे छात्रों के द्वारा किया गया यह व्यवहार क्षमा तुल्य है और मैं उनके ऊपर कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता और ना ही मुझे उनसे कोई गिला शिकवा है यह मेरे बच्चे हैं और यह हमारे देश के भविष्य हैं ऐसे में इनको प्रेरणा देना और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करना हमारा कर्तव्य है।

लोगों ने अपनी विचार प्रकट करते हुए कहा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस वीडियो के बाद पूरे सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया लोगों ने प्रधानमंत्री के उदारता को देखते हुए कहना शुरू कर दिया कि देश के प्रधानमंत्री के अंदर काफी नम्रता है इन्होंने इतनी गालियां खाने के बाद और अपने स्वर्गीय मां के ऊपर अभद्रता पूर्वक टिप्पणी होने के बाद भी छात्रों के साथ नम्रता से पेश आते हैं और उनके साथ हमेशा खड़े रहते हैं प्रधानमंत्री ने अपनी भावना दिखाई है पूरे देश में अभी तक ऐसा कोई प्रधानमंत्री नहीं हुआ जो इतना कुछ सहकर भी सबके साथ कम से कदम मिलाकर चला हो और सबके उज्जवल भविष्य की कामना करता हो

लोगों ने कहा कि सरकार में लाख बुराइयां हो सकती है लेकिन हमारे देश के प्रधानमंत्री के अंदर हमेशा बच्चों की भविष्य को लेकर चिंता बनी रहती है और उनके उज्जवल भविष्य के लिए हर संभवत कम हमारे देश के प्रधानमंत्री उठाते हैं बच्चों ने जो जंतर मंतर पर जाकर गाली गलौज की वह कोई सामान्य बात नहीं थी इसके बावजूद भी देश के प्रधानमंत्री उनके साथ खड़े हुए, उनके लिए खड़े हुए और उनको क्षमा करते हुए उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दिए।

विपक्ष पर लगा आरोप

लोगों ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत में पहला ऐसा घटना सामने आया जिसमें विपक्ष को भी अपनी बात रखनी चाहिए थी लेकिन भारत का विपक्ष ऐसा है कि वह हर समय देश के बुराई और देश के अंनहीत के बारे में सोचता है। जब देश के प्रधानमंत्री और उनके मन को छात्रों के द्वारा गंदी-गंदी गालियां दी जा रही थी तब उसे समय देश का विपक्ष एक शब्द नहीं बोला थिस कभी पक्ष कभी नहीं कहा कि बच्चों के द्वारा जो गाली-गलौज किया जा रहा है। और जो देश के प्रधानमंत्री की मां को गाली दिए जा रहा है वह किसी भी प्रकार से उचित नहीं है।

बल्कि देश का विपक्ष तो इस पर भी अपनी राजनीतिक रोटियां सीखने लगा और कभी यह नहीं कहा कि जो बच्चों के द्वारा अभद्रता पूर्वक टिप्पणी की जा रही है यह छात्रों के लिए सही नहीं ।है क्योंकि सरकार में लाख बुराई हो सकती है लेकिन सरकार को गाली देना उनकी मां को गाली देना यह किसी भी प्रकार से उचित नहीं माना जाता लेकिन इस पर भी विपक्ष चुप रहा।

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अंततः

इतनी गाली सुनने के बाद और अपने स्वर्गीय मां के ऊपर अभद्रता पूर्वक छात्रों के द्वारा टिप्पणियां देखने के बाद भी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वीडियो के माध्यम से छात्रों को भविष्य की शुभकामनाएं दिए और साथ में उनका क्षमा करते हुए कहा कि मैं छात्रों के साथ हमेशा खड़ा हूं छात्रों ने जो किया उसमें उनकी कोई गलती नहीं है उनके अंदर आक्रोश भरा हुआ है और उनके साथ जो अन्याय हुआ है उसके लिए उनको सजा देना या उनका कोर्ट कचहरी का चक्कर काटना यह किसी भी प्रकार से उचित नहीं है।

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