पीएम मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ बयान पर मचा बवाल, होम्योपैथी वाली टिप्पणी से फिर गरमाई राजनीति

PM Modi Dimagi Naxal Statement Controversy
‘दिमागी नक्सल’ पर फिर बोले PM मोदी, होम्योपैथी वाली बात से मची हलचल

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिमागी नक्सल वाली बयान के बाद एक बार फिर से बहुत तेज हो गई है। इस बयान के बाद लोगों ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है। दिमागी नक्सली वाली बयान से राजनीतिक माहौल तो गर्म हुआ ही है साथ में विपक्ष दल ने भी प्रधानमंत्री और भाजपा के ऊपर निशाना साधते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री का बयान भड़काऊ है।

दिल्ली में छात्रों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने अपने अपने 15 अगस्त के दिन लाल किले से दिए गए बयान का जिक्र किया और होम्योपैथी का उदाहरण देते हुए कहा कि उनकी टिप्पणी के बाद ऐसे लोगों के “लक्षण” सामने आने लगे। प्रधानमंत्री मोदी का इस बयान के बाद फिर से लोगों के अंदर खलबली मच चुकी है और जो लोग पहले वाले बयान को लेकर प्रधानमंत्री पर निशाना साथ रहे थे वह फिर से तेजी में आ चुके हैं।

प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं का दौर तेज हो गया है। समर्थक इसे देश विरोधी और अराजक सोच के खिलाफ प्रधानमंत्री का वैचारिक हमला बता रहे हैं, जबकि आलोचक और विपक्षी नेता इस शब्द के इस्तेमाल पर सवाल उठा रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने क्या कहा है ?

15 अगस्त 2026 के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने लाल किले से अपने भाषण के दौरान दिमागी नक्सली का एक कथित तौर पर बयान दिया इसके बाद यह बयान मीडिया और सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल होने लगा। विपक्ष के साथ-साथ कोई लोगों ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट करते हुए कहा कि मैं भी दिमागी नक्सली हूं।

वही कोई विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री की इस बयान को लेकर आलोचना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री अपने बयान से डायरेक्ट लोगों पर निशाना साथ रहे हैं। और इनका ऐसा भाषा किसी भी प्रकार से स्वीकृत नहीं है एक प्रधानमंत्री के पद पर होकर अपने हक की लड़ाई लड़ने वाले लोगों को दिमागी नक्सली कहना यह प्रधानमंत्री की सबसे बड़ी गलती है।

प्रधानमंत्री ने अपने बयान में कहा था कि दिमागी नक्सली वाले लोगों को पहचाने और इसे युवाओं को बचाकर उनका मुख्य धारा से जोड़ने की प्रयास करें ऐसे लोग युवाओं को भड़काने और उनको गलत राह पर ले जाने के कार्य करते हैं प्रधानमंत्री ने युवाओं के साथ अपनी प्रस्तुति जताते हुए उन लोगों पर बयान बाजी किए थे जो युवाओं को केवल और केवल भड़काने में ही अपना उल्लू सीधा करते हैं।

आखिर बयान पर क्यों मचा इतना बवाल?

15 अगस्त के दिन कह गए इस बयान के बाद पहले ही लोगों के अंदर हलचल मच चुका था कई लोगों ने इसे पॉजिटिव में लिया तो कई लोग इस बात को नेगेटिव में लिया हालांकि प्रधानमंत्री मोदी का तरीका लोगों को बेहद पसंद आया कई लोगों ने प्रधानमंत्री मोदी का प्रशंसा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जो कहा है वह बिल्कुल सही कहा है कुछ ऐसे लोग हैं जो युवाओं को केवल भड़काने का कार्य करते हैं।

युवा जो अपने हक की लड़ाई लड़ रहे हैं वह जायज है लेकिन उनको इसी लड़ाई में उलझा कर गलत तरीके से उनको डाइवर्ट करना और उनकी मानसिकता को चोट पहुंचाना यह कई लोगों का व्यवसाय बन चुका है और ऐसे में प्रधानमंत्री मोदी का यह बयान उन लोगों के लिए बिल्कुल सटीक बैठ रहा है क्योंकि दिमागी नक्सल कुछ लोग पहले से ही बन चुके हैं।

अब SRCC में प्रधानमंत्री द्वारा होम्योपैथी वाला उदाहरण दिए जाने के बाद यह मुद्दा फिर से सुर्खियों में आ गया है।

फिर से बयान पर चर्चा हुई तेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली के श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स (SRCC) में युवाओं को संबोधित करते हुए एक बार फिर ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का जिक्र किया। और यह बयान काफी तेजी से वायरल हो रहा है प्रधानमंत्री मोदी ने छात्रों को संबोधित करते हुए दिमागी नक्सल का फिर जिक्र किया

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में होम्योपैथी के इलाज का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने लाल किले से एक तरह की “होम्योपैथिक गोली” दी थी, जिसके बाद “दिमागी नक्सल” के लक्षण बाहर आने लगे। प्रधानमंत्री ने इस टिप्पणी के जरिए अपने आलोचकों और कुछ विचारधाराओं पर निशाना साधा।

यह बयान प्रधानमंत्री के 15 अगस्त के बयान से जोड़ा जा रहा है। जिसमें उन्होंने पहले भी दिमागी नक्सल वाले बात का जिक्र किया था। और फिर से दूसरी बार उन्होंने जिक्र करके उन लोगों को फिर से उकसा दिया है। जो पहले से ही बात को लेकर आलोचना कर रहे थे प्रधानमंत्री के इस बयान के पास से फिर से वही लोग बाजी करना शुरू कर दिए हैं जिनको दिमागी नक्सली वाले शब्द से पहले भी चिड हो रही थी।

इस बयान पर मचा राजनीतिक बावल

प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद से अलग-अलग राजनेताओं का प्रतिक्रिया सामने आया जिसमें विपक्ष के राजनेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री का यह बयान भड़काऊ है। और राजनीतिक में भेदभाव पैदा कर सकता है। प्रधानमंत्री के जगह पर रहकर ऐसे शब्दों का प्रयोग करना किसी भी प्रकार से स्वीकृत नहीं है।

वहीं, सरकार और भाजपा की ओर से यह तर्क दिया गया है कि प्रधानमंत्री ने किसी एक विपक्षी नेता या पूरे विपक्ष को सीधे तौर पर “दिमागी नक्सल” नहीं कहा, बल्कि एक ऐसी मानसिकता की बात की जो हिंसा, अराजकता या देश के विकास को बाधित करने की कोशिश करती है। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी पहले इस विवाद पर कहा था कि प्रधानमंत्री ने किसी विपक्षी नेता को व्यक्तिगत रूप से “दिमागी नक्सली” नहीं कहा है।

सोशल मीडिया पर बहस हुई तेज

प्रधानमंत्री के इस बयान के बाद फिर से एक बार सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गया है। कई लोगों ने प्रधानमंत्री के इस बयान को लेकर अपनी सहमति जताई और कहा कि प्रधानमंत्री ने जो बात कहा वह बिल्कुल सही कहा है। कुछ लोग ऐसे हैं जो केवल और केवल भड़काने का कार्य करते हैं। तो वहीं कई लोग ऐसे भी हैं जो प्रधानमंत्री के इस बयान पर अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि

प्रधानमंत्री मोदी उन लोगों को दिमागी नक्सल कह रहे हैं जो लोग अपनी हक की लड़ाई के लिए आवाज उठाते हैं जो प्रधानमंत्री और सरकार से सवाल करते हैं और इस बात को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को बेहद चिड है और इसी कारण से वह लोगों पर इस प्रकार के टिप्पणी कर रहे हैं।

📌 यह भी पढ़ें

अंततः

प्रधानमंत्री मोदी ने SRCC में युवाओं को संबोधित करते हुए फिर से दिमागी नक्सल वाले बात का जिक्र किया और इस बात को लेकर दो दल अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है। एक दल जो प्रधानमंत्री के साथ खड़ा है उनके बयानों का समर्थन करता है तो वहीं दूसरी दल प्रधानमंत्री के इस बयान का आलोचना करते हुए कह रहा है, कि जो लोग अपनी आवाज उठाते हैं सरकार से सवाल करते हैं वह लोग प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में दिमागी नक्सली है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी बात में साफ-साफ कह दिया कि दिमागी नक्सल वह है जो युवाओं को गुमराह करने की कोशिश करते हैं जो भड़काने की कोशिश करते हैं। क्योंकि युवाओं के साथ गलत करना और उनको गलत राह पर ले चलना यह एक दिमागी नक्सल वाले लोग ही कर सकते हैं।

          — समाप्त — 🟥

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *