The Ashirvad के द्वारा प्रस्तुत:
झारखंड: नीट पेपर लीक के बाद अब झारखंड में भी पेपर लीक को लेकर छात्रों के द्वारा आंदोलन किया जा रहा है। नीट पेपर लीक में जंतर मंतर पर छात्रों ने भारी संख्या में कई दिनों तक आंदोलन किया जिसमें छात्रों का डिमांड था, कि नीट पेपर लीक की वजह से जितने छात्रों ने अपना समय बर्बाद किया और जितने छात्रों ने जान गंवाई इसके बदौलत भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा दिया जाए।
इसके बाद केंद्र सरकार ने छात्रों की बात सुनी और भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा भी दिलाया गया और उनके जगह पर भारत के नए शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी को नियुक्त किया गया। जिसके बाद जंतर मंतर से यह मामला धीरे-धीरे शांत हो गया सरकार ने जो नीट पेपर लीक की वजह से बच्चों ने अपनी जान गंवाई उनको एक-एक करोड रुपए का मौज भी देने का ऐलान किया। जिसके बाद बच्चों के अंदर भाजपा और केंद्र सरकार को लेकर एक बार फिर विश्वास उत्पन्न हुआ
लेकिन अभी नीट पेपर लीक का मामला शांति हो रहा था। कि तभी झारखंड में पेपर लीक को लेकर छात्रों के द्वारा मार्च निकाला गया जिसमें छात्रों ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि झारखंड में जो पेपर लीक हुआ है। और जो चंद रूपों के कारण बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है, उसके ऊपर झारखंड सरकार को कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी होगी और छात्रों को जवाब देना होगा कि झारखंड में इतनी बड़ी घटना कैसे घाटी।
क्या है पूरा मामला?
झारखंड में हाल ही में 14वीं जेपीएससी (JPSC) सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा और पहले की JSSC-CGL (संयुक्त स्नातक स्तर) परीक्षा में धांधली और पेपर लीक / ओएमआर शीट वायरल होने के आरोप लगे हैं, जिसको लेकर रांची में छात्रों का भारी प्रदर्शन जारी है। छात्रों का कहना है कि जेपीएससी सिविल सेवा का पेपर एक बार लीक हुआ जिसके वजह से दोबारा री एग्जाम दिलाने का ऐलान किया गया लेकिन छात्रों ने जैसे री एग्जाम दिया तो पता चला कि ओएमआर शीट पहले से ही कुछ मैसेज ऐप पर फॉरवर्ड हो रही है।
जिसको लेकर छात्रों ने सरकार पर उंगली उठाते हुए कहा कि पहले बार में पेपर लीक की कार्रवाई करने की बजाय जब री एग्जाम हुआ तो भी पेपर लीक हो गया और सरकार इस पर कोई भी बड़ा एक्शन नहीं ले रही है ऐसे में सरकार को अब छात्रों को जवाब देना होगा और जो कोई भी इसके पीछे है उसके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी होगी।
शिक्षा मंत्री पर उठा सवाल?
झारखंड के मुख्यमंत्री ही झारखंड के शिक्षा मंत्री का कार्य भार संभाल रहे हैं। या यू कहे तो झारखंड के शिक्षा मंत्री ही झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जिन पर पेपर लीक और पेपर धांधली का आरोप छात्रों के द्वारा लगाया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि हेमंत की सरकार पेपर लीक पर कोई बड़ी एक्शन नहीं ले रही है। अभी तक इसके ऊपर कोई बड़ा कार्रवाई नहीं हुआ है और छात्रों को कोई भी जवाब नहीं दिया गया है जिससे पता चल सके कि यह पेपर लिक के पीछे किसी गिरोह का हाथ है।
छात्रों ने सोशल मीडिया पर आवाज उठाते हुए कहा कि हमें ना तो किसी पार्टी से दिक्कत है, और ना ही हमें किसी पार्टी का समर्थन चाहिए, हम तो बस सरकार से सवाल पूछ रहे हैं वह भी शांतिपूर्ण कि हमें सरकारी ही बता दे कि इस पेपर लीक का सबसे बड़ा कारण क्या है। क्योंकि झारखंड का सबसे बड़ा सिविल सर्विस का परीक्षा अगर लीक हो जाता है, तो सरकार की सुरक्षा व्यवस्था का सीधा पर्दाफाश होता है इससे साफ पता चलता है कि मुख्यमंत्री हेमंत का सुरक्षा व्यवस्था शिक्षा व्यवस्था को लेकर कितनी नरम है।
झारखंड सरकार ने अपनी सफाई दी?
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि हमारा आंख, नाक, कान सब खुला हुआ है। और इसीलिए इस पर हम कड़ी कार्रवाई करने का संदेश दे रहे हैं। इसके पीछे जो कोई भी है उसके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी और इसका जांच का आदेश हम सीआईडी को शॉप रहे हैं जो इसके जमीनी स्तर तक जांच करेगी जिससे इसके वजह का पता लगाया जा सकेगा।
साथ में मुख्यमंत्री हेमंत ने छात्रों से मुलाकात करने के लिए भी कहा और कहा कि उनकी बातों को ध्यान में रखते हुए उसे पर अमल करने की तैयारी की जाएगी।
छात्रों का सरकार से डिमांड
छात्रों ने बताया कि वह सीधे मुख्यमंत्री से बात करके अपने डिमांड को उनके सामने रखने का प्रयास करेंगे जिसके लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी उनसे मुलाकात करने की बात कही छात्रों का डिमांड है कि, सरकार उनकी बातों को सुने और छात्रों के साथ जो अन्याय हुआ है जिसके वजह से हजारों छात्रों का भविष्य अंधकार में गया है कई छात्रों ने इस घटना को झेल नहीं पा रहे हैं और उनके साथ जो दिक्कतें हो रही है उसे पर सरकार अपनी अस्पष्ट दे और आगे की क्या कार्रवाई करेगी और पेपर लीक की वजह से जो दिक्कतें हुए हैं उसे पर क्या एक्शन लेगी यह भी छात्रों को बताएं
झारखंड में झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 14वीं संयुक्त सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर छात्रों का आंदोलन तेज होता जा रहा है। लगातार प्रदर्शन के बीच हेमंत सोरेन सरकार दबाव में दिख रही है। सरकार ने प्रोटेस्ट कर रहे छात्रों से बातचीत के लिए चार मंत्रियों का एक प्रतिनिधिमंडल गठित किया है।
सरकार ने बातचीत के लिए छात्र प्रतिनिधियों को बुलाया है। हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे बंद कमरे में बातचीत नहीं करेंगे। उनकी मांग है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन स्वयं उनसे बातचीत करें। साथ ही वार्ता के दौरान कम से कम दो मीडिया प्रतिनिधियों की मौजूदगी हो।
अंततः
झारखंड में छात्र प्रदर्शन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने प्रदर्शनकारियों को बातचीत के लिए बुलाया है। सरकार की ओर से अधिकारियों ने छात्रों से एक प्रतिनिधिमंडल बनाने और मुख्यमंत्री से मिलने का न्योता दिया है। 6 अगस्त से विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है। छात्रों के एक गुट ने सत्र के पहले दिन विधानसभा मार्च करने का ऐलान किया है। वहीं, विपक्ष भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
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