झारखंड में TDPL की परीक्षाएं और रिजल्ट रद्द: हेमंत सोरेन सरकार का बड़ा फैसला, छात्रों पर क्या होगा असर?

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का TDPL परीक्षाओं और रिजल्ट को लेकर बड़ा फैसला, परीक्षा और चयन प्रक्रिया रद्द किए जाने की खबर
झारखंड में TDPL परीक्षा और रिजल्ट को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार के फैसले के मुताबिक TDPL के जरिए आयोजित परीक्षाओं, प्रकाशित रिजल्ट और चयन प्रक्रिया को लेकर बड़ा कदम उठाया गया है।

रांची: जंतर मंतर पर छात्र प्रदर्शन के बाद झारखंड में हो रहे छात्र प्रदर्शन पर भी अब सरकार की प्रतिक्रिया आई और फाइनली अब झारखंड में छात्रों के बाद को भी सरकार ने सुना और उसे पर कार्रवाई करने का ऐलान कर दिया है।

बीते पिछले 20 दिनों से लगातार झारखंड में छात्रों के द्वारा आंदोलन किया जा रहा था जिसका उद्देश्य था कि जितने भी पेपर लीक हुए हैं उन पर झारखंड सरकार कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें और जो कोई भी इस पेपर लीक का मास्टरमाइंड है उसकी कड़ी से कड़ी सजा मिले साथ में छात्रों ने सरकार से यह भी गुहार लगाई की कुछ पेरो को रद्द भी किया जाए और इस सारे कार्रवाई को सीआईडी के हाथों सौंप दिया जाए

हाल किस बात को लेकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अभी तक छात्रों को कोई भी ऐसी प्रतिक्रिया नहीं दिए थे जिससे छात्रा अपने आंदोलन को रोक सके और सरकार के बातों पर अपना चिंतन कर सकें, लेकिन अचानक से हेमंत सोरेन के द्वारा एक बड़ा ऐलान किया गया है जिसमें उन्होंने छात्रों की बात मानते हुए उन सारे शर्तों पर अमल होने का बात कही है जो छात्रों के द्वारा किया जा रहा था।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान

लगातार 20 दिन से छात्रों के द्वारा आंदोलन के बीच सरकार से कई बार सवाल किए गए लेकिन इस पर सरकार की ओर से कोई ऐसी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली जिससे छात्रों को संतुष्टि मिल सके और इसी के कारण बीते पिछले दिनों छात्र नेताओं ने ऐलान किया कि अगर हेमंत सोरेन 20 अगस्त से पहले अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो हम लोग मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे

छात्रों को इस बात को गहराई से समझते हुए और छात्रों के साथ हुए अन्याय के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सुरेंद्र ने कल एक बहुत बड़ा ऐलान किया जिसमें उन्होंने कहा कि वह छात्रों की बातों को मत देना जो रखते हुए टीडीपीएल के द्वारा जितने भी पेपर कराए गए या जितने भी रिजल्ट प्रकाशित किए गए और साथ में जितने भी छात्रों को चयनित किया गया उन सभी छात्रों और रिज़ल्ट के साथ उन सारे पेरो को रद्द किया जाता है।

सरकार की इस बड़े ऐलान के बाद छात्रों के अंदर न्याय मिलने की एक उमंग देखने को मिली जिसमें छात्रों ने अपने विश्वास की जीत और सरकार के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि हमारी मेहनत और हमारा निष्पक्ष आंदोलन सरकार को इस कार्रवाई में आने पर मजबूर किया

रद्द किया गया परीक्षा, रिजल्ट और चयनित छात्र

झारखंड में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच छात्रों ने जिस बात को लेकर सरकार से डिमांड किया था कि कुछ परीक्षाओं को रद्द किया जाए और सरकार इस पेपर लिखकर कार्रवाई पर निष्पक्ष और प्रदर्शित तरीके से जांच करें और पूरे कार्रवाई को सीआईडी के हाथों सौंप दिया जाए इन सारी बातों को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मानते हुए ऐलान किया कि छात्रों के द्वारा जी भी बात को लेकर आंदोलन किया जा रहा है और उनका जो मांग है उसे पर सरकार पूरी तरह अमल करती है।

हेमंत सोरेन का कहना है, कि हम इस कार्रवाई को सीआईडी के हाथों सौंप कर निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच करवाएंगे और जो कोई भी इसके पीछे छुपा बैठा है, उसकी कड़ी से कड़ी सजा दिया जाएगा। साथ में हेमंत सूर्य ने यह भी ऐलान किया कि टीडीपीएल के द्वारा जो भी पेपर कराए गए या फिर जो भी रिजल्ट प्रकाशित हुए और जो भी छात्र चयनित हुए उन सबको रद्द किया जाता है, और निष्पक्ष और पारदर्शी जांच का ऐलान किया जाता है।

JSSC-CGL परीक्षा भी रद्द

इस पूरे मामले में JSSC-CGL सबसे चर्चित परीक्षाओं में से एक है। सरकार के फैसले के बाद JSSC-CGL को रद्द किए जाने की पुष्टि कई रिपोर्टों में की गई है। JSSC यानी Jharkhand Staff Selection Commission के माध्यम से होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में बड़ी संख्या में युवा हिस्सा लेते हैं। ऐसे में CGL परीक्षा को रद्द करने का फैसला अभ्यर्थियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है।

सरकार के इस कदम का उद्देश्य भर्ती प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों की जांच करना और भविष्य में परीक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में आगे बढ़ना बताया जा रहा है।

झारखंड में छात्रों की हुई जीत

छात्र आंदोलन के बीच झारखंड सरकार हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान के बाद से छात्रों के अंदर एक खुशी का माहौल देखने को मिला छात्रों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार ने देर से ही सही लेकिन हमारी बातों को सुना और हमारे विचारों पर चिंतन किया क्योंकि सरकार को भी पता है की छात्रा की प्राथमिकता राज्य और देश में कितनी बड़ी है छात्रों के साथ हुए अन्य को लेकर अगर सरकार पहले ही एक्शन ले ली होती तो हमें यह आंदोलन करने की कोई जरूरत ही नहीं पड़ती

लेकिन देर से ही सही सरकार ने हमारी बातों को सुना और जो कोई भी हमने डिमांड किया हुआ था उसे सब पर सरकार अपनी बात को रखते हुए कहा है कि छात्रों के द्वारा किए गए डिमांडों को पूरा किया जाएगा और इस सारे पेपर को रद्द करते हुए निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच भी किया जाएगा

देवेंद्र महतो ने तोड़ा अपना अनशन

छात्र आंदोलन में छात्र नेता देवेंद्र महत्व लगातार 20 दिन से अनशन पर बैठे हुए थे। इसी बीच इनको हॉस्पिटल में भी भर्ती कराया गया क्योंकि अनशन पर बैठने के कारण इनके तबीयत काफी हद तक खराब हो चुका था जिसके कारण इनका अस्पताल में भर्ती करना पड़ा लेकिन हेमंत सोरेन के ऐलान के बाद और छात्रों के डिमांड पूरा होने के बाद अब देवेन्द्र महत्व ने भी अपना अनशन तोड़ते हुए कहां है, कि यह छात्रों की जीत है यह एक लोकतांत्रिक देश में निष्पक्ष और न्याय की जीत है।

देवेंद्र महतो सोनम वांगचुक से बात करते हुए कहा कि मैं आपके आशीर्वाद और आपके दिखाए हुए मार्ग पर चलकर इस अनशन को विराम देना चाहता हूं क्योंकि सरकार ने हमारी बात सुन ली और अब मुझे अनशन तोड़ने के लिए आपका इजाजत चाहिए, जिस पर सुनो वांगचुने भी कहा कि मैं तो काफी दिन से सोच रहा था और कई दिनों से प्रयास भी कर रहा था कि आपका आंसर टूट जाए लेकिन छात्रों की जीत और सरकार की ओर से प्रतिक्रिया मिलने के बाद आपका आंसर टूटने पर मुझे बेहद खुशी हो रही है। मैं आशा करता हूं कि आपका स्वास्थ्य जल्दी से जल्दी सही हो जाए।

क्या दोबारा परीक्षा होगी?

अभी सबसे बड़ा सवाल यही है कि रद्द की गई परीक्षाओं के स्थान पर नई परीक्षा कब और किस प्रक्रिया से आयोजित होगी। हालांकि इस पर अभी कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ है क्योंकि सरकार ने पहले ही कहा है की सारी परीक्षा को जांच करने के लिए कमेटी बनाई जाएगी और इस व्यवस्था को सुधारने के लिए और मजबूत करने के लिए इस पर कार्रवाई किया जाएगा जिसके कारण अभी राज्य परीक्षा को दोबारा से करने के लिए कोई भी डेट अनाउंसमेंट नहीं किया गया है।

जब तक नहीं भीम की स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ जाती और जब तक पेपर लीक जैसे बड़े मुद्दे का कोई निष्पक्ष समाधान नहीं मिल जाता तब तक इस पर कुछ भी कहना या तत्काल में कोई भी परीक्षा करवा देना उचित नहीं रहेगा सरकार के द्वारा ऐलान के बाद से अब पूरी तरह से निष्पक्ष पारदर्शी जांच की बाद ही कोई आगे की तारीख या फिर आगे की प्रक्रिया सरकार की ओर से देखने को मिलेगा

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अंततः

फाइनली 20 दिन से अधिक हो चुके थे झारखंड में छात्र आंदोलन को लेकर लेकिन सरकार की ओर से कोई भी ऐसी प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली थी जिससे छात्रों को संतुष्टि मिले और छात्र अपने आंदोलन को विराम दे सके लेकिन कल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के द्वारा बड़ा ऐलान किया गया जिसमें उन्होंने साफ तौर पर कहा कि छात्रों के बाद को मध्य नजर रखते हुए टीडीपीएल के द्वारा जो भी परीक्षा करवाया गया या जो भी रिजल्ट प्रकाशित हुआ या फिर जो भी छात्र चयनित हुए उन सभी को रद्द किया जाता है।

इस बात पर छात्रों ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देर से ही सही लेकिन सरकार की ओर से इस पर कार्रवाई करने का घोषणा किया गया। जिस पर लोकतांत्रिक देश में निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जांच की जीत बताई गई और छात्रों ने कहा कि देर से ही सही लेकिन सच्चाई की जीत हुई और छात्रों के बातों को भी सरकार के द्वारा सुना गया

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