भारत ने अपने नागरिकों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चलाए एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन।

ईरान में फंसे 550 से भी ज्यादा भारतीयों को भारत सरकार ने सुरक्षित बाहर निकाल कर अपने देश लाया दिल्ली: Middle East में शुरू युद्ध..

ईरान में फंसे 550 से भी ज्यादा भारतीयों को भारत सरकार ने सुरक्षित बाहर निकाल कर अपने देश लाया

दिल्ली: Middle East में शुरू युद्ध के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए ईरान में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया है। सरकार के इस रेस्क्यू ऑपरेशन के तहत सैकड़ों भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया और फिर उन्हें भारत लाने की प्रक्रिया शुरू की गई। सरकार का यह बड़ा कदम अपने नागरिक को पहले प्राथमिकता की ओर दिखाता है। 

विदेश मंत्रालय के कथित अनुसार ईरान में रह रहे भारतीय छात्र, कामकाजी लोग या फिर घुम्ने गए हुए लोगों को सबसे पहले भारतीय सरकार ने ईरान से बाहर निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया और फिर वहां से अपने देश लाने कि प्रक्रिया जारी की। सरकार का साफ़ तौर पर बोलना है, कि विदेशों में रह रहे भारतीय नागरिकों कि सुरक्षा का ध्यान देना हमारी पहली प्राथमिकता है।

ईरान में हीं क्यों शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन?

हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में तनाव काफी बढ़ गया है। कई देशों के बीच बढ़ती राजनीतिक और सैन्य गतिविधियों के कारण वहां रहने वाले विदेशी नागरिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। ऐसे में भारत सरकार ने भी अपने नागरिकों कि सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया

इस स्थिति को देखते हुए भारत सरकार ने ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का फैसला किया। भारतीय दूतावास ने वहां रह रहे भारतीयों से संपर्क किया और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की जानकारी दी। सरकार ने पहले वाहां मौजुद अपने लोगों से संपर्क किया और फिर उनको सुरक्षा पुर्व भारत भेजने कि तैयारी की।

ईरान से 550 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया।

सरकारी जानकारी और मिडिया रिपोर्ट के अनुसार अब तक 550 से अधिक भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है।                                                  जिसमें से, भारतीय छात्र, धार्मिक यात्रा पर गए तीर्थयात्री, कामकाजी लोग, पर्यटक इन सभी लोगों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।

बताया जा रहा है कि लगभग 285 भारतीय तीर्थयात्री धार्मिक यात्रा के लिए ईरान गए हुए थे, जिन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
यह रेस्क्यू ऑपरेशन कई चरणों में चलाया जा रहा है ताकि सभी भारतीयों को सुरक्षित निकाला जा सके। सरकार हर समय प्रयास कर रही है कि जितने भी भारत के नागरिक याहा या फिर हो रहें उस हर देश में युद्ध कि वजह से विदेशों में फंसे हैं, उनको तुरंत सुरक्षा पुर्वक बाहर निकाल के भारत लाया जाए।

किस देशों के रास्ते निकाले गए भारतीय नागरिक?

भारत ने इस ऑपरेशन के लिए अपने पड़ोसी देशों की भी मदद ली है।
ईरान से कई भारतीय नागरिकों को पहले सुरक्षित रूप से सीमा पार कराकर पड़ोसी देशों में पहुंचाया गया। उसके बाद वहां से उन्हें विमान के जरिए भारत भेजा गया, इस आपरेशन में भारत के साथ पड़ोसी देश कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं।           आर्मेनिया, अज़रबैजान जैसे पड़ोसी देश भारतीय नागरिकों को ईरान से सुरक्षित बाहर निकालने में भारत कि पुरी तरह मदद कि।

विदेश मंत्रालय की सुझबुझ से सुरक्षित भारतीय नागरिक।

इस पूरे अभियान को सफल बनाने में भारत के विदेश मंत्रालय की अहम भूमिका रही है। विदेश मंत्रालय लगातार ईरान में मौजूद भारतीयों से संपर्क बनाए हुए है, ताकि बिना किसी परेशानी के सारे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जाए।

भारत सरकार ने एक और बडा क़दम उठाया ईरान में रहने वाले नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत मदद मिल सके। सरकार ने यह भी कहा कि जरूरत पड़ी तो और भी उड़ान कि व्यवस्था कि जाएगी, ताकि नागरिकों को किसी प्रकार की कोई दिक्कत ना हो।

भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी।

ईरान में स्थित भारतीय दूतावास ने भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। इस एडवाइजरी में कहा गया है कि:
भारतीय नागरिक सुरक्षित स्थानों पर रहें
दूतावास के संपर्क में बने रहें
स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें                       और हर समय अपने सरकार के निर्देश दिए हुए बातों का पालन करें।

दूतावास ने यह भी कहा है कि जो लोग अभी भी ईरान में हैं वे जल्द से जल्द अपनी जानकारी दूतावास को दें, ताकि उनको सुरक्षित अपने देश भेजा जि सकें।

भारत सरकार के इस आपरेशन से परिवारों को मिली राहत।

भारत सरकार के इस कदम से उन परिवारों को बड़ी राहत मिली है जिनके परिजन ईरान में फंसे हुए थे।
कई परिवारों ने सरकार का धन्यवाद किया है और कहा है कि इस कदम से उनकी चिंता कम हुई है, और उनको सरकार पर पुरा भरोसा है, वो उनके परिजनों को सुरक्षित भारत लाएंगे।
भारत सरकार इससे पहले भी कई बार विदेशों में फंसे भारतीयों को सुरक्षित वापस लाने के लिए ऐसे ऑपरेशन चला चुकी है।

भारत पहले भी चला चुका है ऐसे बड़े ऑपरेशन।

यह पहली बार नहीं है जब भारत सरकार ने विदेशों में फंसे अपने नागरिकों को सुरक्षित निकाला हो, इसे पहले भी भारत सरकार दुसरे देशों में फंसे भारतीयों के लिए आपरेशन चला चुकी है।

यूक्रेन से भारतीय छात्रों की वापसी लाने के लिए ऑपरेशन गंगासूडान से नागरिकों की निकासी के लिए ऑपरेशन कावेरीयमन से निकासी के लिए ऑपरेशन राहत

इन अभियानों के जरिए हजारों भारतीयों को सुरक्षित भारत लाने में भारत सरकार सफ़ल रहीं हैं।

क्या आगे भी जारी रहेगा यह अभियान।

सरकार ने कहा है कि अगर स्थिति और गंभीर होती है तो रेस्क्यू ऑपरेशन को और तेज किया जाएगा।
विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि ईरान में मौजूद हर भारतीय नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।
इसके लिए लगातार निगरानी की जा रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे, भारत सरकार अपने नागरिक को हर मुश्किल से बाहर सुरक्षित निकालने में हर समय तत्पर हैं।

निवारण (निष्कर्ष) :

ईरान में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार द्वारा चलाया जा रहा यह रेस्क्यू ऑपरेशन भारतीय नागरिकों के लिए राहत की खबर है। इस अभियान ने एक बार फिर दिखाया है कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है और विदेशों में रहने वाले भारतीयों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहता है।
सरकार का यह कदम न केवल भारतीय नागरिकों के लिए बल्कि उनके परिवारों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आया है।

     — समाप्त —     The Ashirvad

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