राम मंदिर दान विवाद: SIT जांच के बाद FIR दर्ज, किन लोगों का नाम आया सामने, जानिए पूरा मामला क्या है?

राम मंदिर दान विवाद पर SIT जांच और FIR दर्ज से जुड़ी सांकेतिक तस्वीर
SIT जांच के बाद FIR दर्ज होने की खबर सामने आई है। आखिर क्या है पूरा मामला? पढ़िए पूरी रिपोर्ट और जानिए अब तक की सभी महत्वपूर्ण जानकारी।

उत्तर प्रदेश: देश में एकबार फिर से राम मंदिर से जुड़ा एक मामला काफी गर्म हो चुका है जिसमें हाल ही में आए कुछ खबरों के मुताबिक और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार श्री राम मंदिर में बड़ी चोरी को अंजाम दिया गया है और यह चोरी किसी विशेष चोरों के द्वारा एक दिन में नहीं किया गया बल्कि इस चोरी में राम मंदिर के सहयोग में उपलब्ध कुछ लोगों ने किया है जो पिछले कई वर्षों से राम मंदिर का कार्यभार अपने हाथों से संभाल रहे थे।

इस मामले को जड़ तक तहकीकात करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा एक विशेष रूप से संगठन SIT का निर्माण किया गया जिसके अंदर में इस चोरी की पूरी तहकीकात प्रारंभ हुई हालांकि हाल ही में SIT के द्वारा प्रस्तुत कुछ रिपोर्टर्स में और कुछ मीडिया खबरों में चल रही SIT के इस खबर ने उत्तर प्रदेश समेत पूरे भारत के लोगों को एक बड़ा झटका दिया है।

चोरी के बाद और SIT के जांच के बाद पहली बार राम मंदिर के ट्रस्ट के द्वारा आठ लोगों पर एफआईआर दर्ज कराया गया जिसमें 8 ऐसे लोगों का नाम सामने आया जिसको लेकर थोड़ा भी विश्वास नहीं था कि यह लोग ऐसा भी कर सकती हैं हालांकि इन आठ लोगों पर SIT अपनी पूरी जांच शुरू कर दी है और इनसे पूरी सच जानने की कोशिश कर रही है।

क्या है पूरा मामला?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भाजपा नेता राजनीत सिंह कुछ समय पहले पीएमओ को एक पत्र लिखते हुए बताया था कि राम मंदिर में जो चढ़ावा आता है और जो दान पत्र में भक्तों के द्वारा दान किया जाता है उसमें गड़बड़ी चल रही है रजनीश सिंह ने पत्र में कहा कि राम मंदिर की जो ट्रस्टी हैं और जो इसके अध्यक्ष है उनसे अब तक का पूरा हिसाब लिया जाए क्योंकि इसमें बड़ी लेवल पर गड़बड़ी चल रहा है।

और इसके बाद जब जिला प्रशासन ने राम मंदिर के ट्रस्ट से अब तक का पूरा हिसाब किताब मांगा और लेनदेन का विवरण साथ में जमीनी खरीदार कभी विवरण देखने को मांगा तब उन्होंने जांच का हवाला देकर ट्रस्ट ने आए हुए आए को सार्वजनिक तौर पर उजागर करने से मना कर दिया और उन्हें वापस भेज दिया इसके बाद सरकार के द्वारा SIT का निर्माण किया गया

SIT ने प्रारंभिक स्तर पर उपलब्ध दस्तावेजों, शिकायतों और संबंधित पक्षों से मिली जानकारी का अध्ययन किया जिसमें पाया गया कि यह जो चंदा में हेर-फेर किया जा रहा है वह बड़े लेवल पर किया जा रहा है जिसमें कोई ऐसे लोग शामिल हैं जो पहले एक विश्वासी के तौर पर राम मंदिर के कम्युनिटी में कार्य कर रहे थे। इसी प्रक्रिया के बाद पुलिस ने FIR दर्ज की है।

SIT ने जब जांच शुरू किया तब पता लगा कि चढ़ने के अंदर केवल और केवल पैसों का ही हेर फेर नहीं किया गया बल्कि पैसों के साथ-साथ जमीन सोना चांदी और लोगों के द्वारा चढ़ाए गए बहुमूल्य सामग्री में भी हेर फेर देखने को मिला यह गड़बड़ी काफी बड़ी लेवल पर किया जा रहा था जिसमें बड़ी ही चालाकी से वर्षों से धीरे-धीरे इस काम को अंजाम दिया जा रहा था जिसके बारे में किसी को भनक तक नहीं लगा।

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कई लोगों के घर बरामद हुए पैसे?

राम मंदिर चढ़ावा में तीन दल कार्य कर रहे थे पहले दाल का जिसमें लगभग 8 से 10 लोग थे उनका कार्य था दिन भर का चढ़ावा इकट्ठा करना और दूसरे दल को ले जाकर सौंप देना वहीं दूसरे दल का कार्य था कि सीसीटीवी के निगरानी में इस चढ़ावे में से सोने, चांदी, सिक्के और नोटों को अलग-अलग जगह पर छाटा जाएं वहीं तीसरे दल का कार्य था कि इन पैसों को ले जाकर एसबीआई के लोकल ब्रांच में जमा करना यह तीनों ही डाल अपने-अपने जगह पर दिल्ली यह प्रक्रिया कर रहे थे

हालांकि जब जांच शुरू हुआ तो पाया गया कि इनमें से कोई ऐसे लोग थे जिनकी सैलरी 18 से ₹20000 ही थी और जिनका कार्य था कि वह इन छंदों को मंदिर प्रांगण से निकलकर एसबीआई के लोकल ब्रांच तक पहुंचाने में जो इनका कार्य है उसको पूरे ईमानदारी से निभाना हालांकि जब जांच किया गया तब देखा गया कि इसमें से कुछ ऐसे कर्मचारी हैं जिनके घर पर लाखों रुपए कैश पाए गए एक कर्मचारी के घर में गोबर के देर के पास 10 लख रुपए कैश पाया गया

वहीं दूसरी ओर इस मंदिर के जो अध्यक्ष है चंपत राय उनके भतीजे के पास से कुल 55 करोड़ का संपत्ति बरामद किया गया यह वही चंपत रहे हैं जिनका पूरा कार्य राम मंदिर का देखरेख करना और उसके चढ़ावा को एकत्रित करके उसके नियमित स्थान पर पहुंचना हालांकि जब जांच शुरू हुआ तो चंपत राय की भतीजे के घर से 55 करोड़ का संपत्ति देखकर सब कोई अचंभित रह गया क्योंकि उनके भतीजे का कार्य था मंदिर में आए हुए दान को सीसीटीवी कैमरे के निगरानी में गिनती करना और उसको तीसरे दल के हाथों में सपना

चंपत राय ने कुछ नहीं चंदे का हिसाब

अयोध्या एडियम इंद्रकांत द्विवेदी ने जब चंपत राय से चंदा का हिसाब मांगा तब चंपत राय ने यह कहते हुए वापस भेज दिया कि अभी SIT का जांच चल रहा है जिस वजह से पूरे कागजात को इकट्ठा करने में लगा हुआ है और इसीलिए यह मंदिर में आए हुए चढ़ावा का कोई भी हिसाब किताब नहीं दे सकते जब तक की जांच पड़ताल पूरा नहीं हो जाता।

हालांकि एसआईटी जांच में पूरी तरह से क्लियर हो गया कि इसमें जो गड़बड़ी की गई है वह काफी बड़ी लेवल पर की गई है जिसमें सारे चीजों की गड़बड़ी अगर मिलाई जाए तो लगभग 3500 करोड़ का हिसाब किताब देना अभी बाकी है जिसमें 200 करोड रुपए सोने चांदी और मंदिर में भक्तों के द्वारा चढ़ाए गए मूर्तियों का भी हिसाब किताब नहीं दिया गया है सीट का कहना है कि इन सारी चीजों को अगर मिलाया जाए तो लगभग 3500 करोड़ से भी ऊपर का हिसाब किताब होता है जो कि उनके द्वारा छुपाया गया है।

SIT की जांच में देखा गया कि जो जमीन मंदिर के नाम पर खरीदा गया था जिसकी कीमत 2  2.5 करोड़ रुपए थी उसको 50 से 55 करोड रुपए दिखाकर खरीदा गया जिसमें साफ तौर पर 50 करोड़ का मुनाफा अपने जेब में रख लिया गया और हिसाब किताब में 50 करोड़ का बिल भर दिया गया जबकि बिल तो दो से ढाई करोड़ का ही होना चाहिए

कितने लोगों का नाम आया सामने?

मंदिर में चंदा चोरी करने में आठ लोगों पर एफआईआर दर्ज किया गया है जिसमें से कई ऐसे नाम है जिन पर विश्वास करना भी मुश्किल पड़ रहा है हालांकि जांच पड़ताल के दौरान उनके घर से भी भारी मात्रा में कैश और संपत्ति भी बरामद किया गया है जो इनके सैलरी और उनके उम्मीद से भी ज्यादा है।

इनहीमी से एक है चंपत राय के ड्राइवर जो पहले मुंबई में ऑटो चलाया करते थे उनके घर से जांच के दौरान 55 करोड़ का संपत्ति मिला और एक 24 मंजिला हॉस्टल मिला जबकि कई महंगे गाड़ियां और कई शहरों में जमीन भी मिला जब उनके ड्राइवर से पूछताछ किया गया तो उनका कहना था कि यह अपने जवानी के दिन में ऑटो चलकर खूब मेहनत किए जिससे उन्होंने इतनी संपत्ति बनाई है हालांकि यह सारी संपत्ति राम मंदिर में आने के बाद ही बनी है।

आज लोगों का नाम दर्ज:

  • रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव
  • लवकुश मिश्रा
  • अनुकल्प मिश्रा
  • अविनाश शुक्ला
  • मनीष यादव
  • रमाशंकर मिश्र
  • सुभाष चंद्र श्रीवास्तव
  • करुणेश पांडे

अंततः

राम मंदिर के चंदा में जो गड़बड़ी हुई है और लगभग 3500 करोड़ का जो घोटाला किया गया है उसको पूरी तरह से जांच पड़ताल करने के लिए सीट अपने स्तर पर सख्त कदम उठा रही है सरकार समेत अब पूरी जनता की निगरानी सीट की उन रिपोर्ट्स पर है जिसमें यह दावा किया जाएगा कि किन जगह से कितने करोड़ का हेर-फेर किया गया है

राम मंदिर में चंदा गड़बड़ी आज से नहीं बल्कि शुरुआत से ही हो रही थी हालांकि इस पर नजर तब पड़ी जब भाजपा नेता के द्वारा पीएमओ को एक पत्र लिखा गया इसके बाद चंदा घोटाला पूरे भारतवर्ष में चर्चा का विषय बन गया।

          — समाप्त —     (The Ashirvad)

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