अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बीते बुधवार को ईरान को एक आखरी मतलब अंतिम चेतावनी दे दिया है लेकिन सूत्रों के हवाले से यह पता चला कि इससे एक दिन पहले यानी मंगलवार को अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) ने पाकिस्तान से बात भी किए थे।
जिसमें एक्सपोर्ट का दावा है कि अमेरिका पाकिस्तान के जरिए ईरान को एक बड़ा चेतावनी भरा संदेश भिजवाया है। और इसी बीच यह भी देखा गया है कि कैसे अमेरिका की ओर से ईरान को लेकर एक शक्ति पेश रुख सामने आ रहा है, जिससे अब यह अरमान लगाया जा रहा है कि आने वाले समय में मिडिल ईस्ट की तनाव को और बड़ा रूप में परिवर्तन होते देखा जा सकता है।
ट्रंप के संबोधन से पहले कूटनीति हलचल
अमेरिका राजनीति में जब भी राष्ट्रपति किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय मुद्दे पर देश को संबोधित करते हैं तो उससे पहले जमीनी स्तर पर कई मुद्दों को लेकर कूटनीतिक बातचीत होती है
और अमेरिका की इस संबोधित कार्यक्रम में कई देशों में सियासी हलचल रहती है। अमेरिका की इस संबोधित कार्यक्रम से ठीक 1 दिन पहले अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पाकिस्तान के कई बड़े नेताओं और अधिकारियों से फोन पर बात की, और इस बातचीत में पाकिस्तान को क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद के खिलाफ सहयोग और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव जैसी मुद्दे पर चर्चा की गई
अमेरिका की पहली प्राथमिकता यह जानना है कि जितने भी दक्षिण एशिया के देश हैं उनकी इस बढ़ते तनाव को लेकर क्या राय है। अमेरिका पाकिस्तान से इस मुद्दे पर इसलिए बात किया क्योंकि पाकिस्तान कई देशों के पास स्थित है जैसे: ईरान अफगानिस्तान भारत और चीन
और इसीलिए अमेरिका को यह चिंता है कि अगर मिडल ईस्ट में तनाव एक भयानक रूप लेती है तो यह सिर्फ यही तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसका प्रभाव दक्षिण एशिया तक भी पड़ेगा।
पाकिस्तान के साथ वेंस की क्या बात?
मीडिया रिपोर्ट और सूत्रों के बताई गई खबरों के आधार पर यह बात सामने निकलकर आई की जेडी वेंस पाकिस्तानी मेडिएटरों को सख्त संदेश दिया कि हमारे राष्ट्रपति अब और इंतजार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जब तक ईरान डिल के लिए तैयार नहीं हो जाता है तब तक उसके इंफ्रास्ट्रक्चर और सैन्य ठिकानों पर दबाव बनता ही रहेगा।
लेकिन इस मुद्दों पर ट्रंप सरकार ने आधिकारिक रूप से यह नहीं बोला कि अमेरिका ईरान के ऊपर या उसके इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव डालेगा लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका चाहता है कि उसकी इस शब्दों को पाकिस्तान मेडिएटरों के द्वारा ईरान के कानों तक पहुंचाया जाए।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति की अहम भूमिका
एक्सपर्ट का बोलना है कि ईरान युद्ध को खत्म करने में अमेरिकी उपराष्ट्रपति का बड़ा योगदान है। कहा जा रहा है कि अमेरिका चुनाव 2028 की राष्ट्रपति उम्मीदवार के तौर पर जेडी वेंस को खड़ा किया जाएगा।
और इसीलिए वेंस अपनी भूमिका इस युद्ध को खत्म करवा कर सही और हम करने की कोशिश में है बोला जा रहा है, कि अमेरिका की तरफ से बातचीत के लिए जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रबियो (Marco Rubio) और अमेरिका रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) जैसे बड़े राजनीतिक कर शामिल हैं।
पाकिस्तान से ही बातचीत अमेरिका के लिए क्यों जरूरी है?
देखिए कई सारे लोगों का एक ही सवाल है कि आखिर अमेरिका पाकिस्तान से ही क्यों बातचीत कर रहा है यह भारत से भी तो बात कर सकता है भारत का रिश्ता तो अमेरिका और ईरान के साथ-साथ कई देशों के साथ से भी बढ़िया है। तो ऐसे में पाकिस्तान के साथी क्यों बातचीत किया वेंश ने।
तो देखिए इसमें कई सारे कारण बताए जा रहे हैं जिसमें पहला कारण यह बताया जा रहा है। कि पाकिस्तान लंबे समय से अमेरिका के लिए एक सहयोगी देश रहा है भले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच उतार-चढ़ाव देखने को मिला हो मगर इसके बाद भी पाकिस्तान सुरक्षा, आतंकवाद और क्षेत्रीय शांति जैसे मुद्दों पर हमेशा अमेरिका का साथ दिया है, और हमेशा अपना सहयोग जारी रखा है।
दूसरा कारण यह भी है कि पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि पाकिस्तान का भौगोलीय स्थान अफगानिस्तान, चीन, ईरान और भारत जैसे देशों के पास स्थित है। और इसी कारण से यह अमेरिका के लिए क्षेत्रीय सुरक्षा में काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है
वही इन सब में तीसरा सबसे बड़ा और अहम कारण माना जा रहा है, कि यूनाइटेड स्टेट यह दिखाना चाहता है। कि वह दक्षिण एशिया के देशों के साथ मिलकर कैसे वह क्षेत्र में शांति बनाए रखना चाहता है, यानी अमेरिका सीधा संदेश अपने सहयोगी देशों को यह देना चाहता है कि मिडिल लिस्ट में भले ही तनाव कितने भी बढ़ जाए मगर फिर भी वह अपने सहयोगी देशों के साथ शांति, स्थिरता और सहयोग के लिए हमेशा उनके साथ खड़ा है।
एक्सपोर्ट की राई
राजनीतिक एक्सपर्ट्स का बोलना है की जेडी वेंस के द्वारा पाकिस्तान को किया गया फोन कॉल केवल सामान्य कूटनीति बातचीत का इशारा नहीं है, बल्कि यह एक रणनीति कदम है अमेरिका की तरफ से। अमेरिका हर क्षण अपने सहयोगी देशों के साथ बातचीत करके यह अपनी सहयोगेता को मजबूत करने की कोशिश में है, ताकि किसी भी संभावीक संकट के समय एकजुट होकर संयुक्त रणनीति बनाई जा सके।
अंततः
ट्रंप के संबोधन से पहले जेडी वेंस द्वारा पाकिस्तान को किया गया फोन कॉल कोई सामान्य नहीं है यह अंतरराष्ट्रीय बातचीत के अहम भूमिका माना जा रहा है
इस बातचीत से पता चलता है कि मिडिल ईस्ट के तनाव को लेकर और दक्षिणी एशिया की स्थिति को लेकर अमेरिका काफी गंभीरता से समझ दिखा रहा है और अपने सहयोगी देशों के साथ लगातार संपर्क बना रहा है।
— समाप्त — (The Ashirvad)
