भारत आ रहे तेल से लदे दो और जहाज होर्मुज को सुरक्षित पर किया ऊर्जा पूर्ति को बड़ी राहत।

Middle East: में बढ़ते तनाव और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर बनी चिताओं के बीच भारत ने एक राहत भरी खबर दी है। या फिर यू बोले तो भारत सरकार ने अपने लोगों के लिए एक राहत भरी खबर दी है जिसको सुनकर भारतवासीयो को एक बड़ी तसल्ली का एहसास हो रहा है।

सूत्रों और कुछ बड़ी मीडिया हाउसों के अनुसार भारत की ओर आ रहे कच्चे तेल से लदे दो और बड़े टैंकर जहाज ने होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित रूप से पार कर लिया है

और यह खबर ऐसे वक्त में आई है जब दुनिया भर में ऊर्जा आपूर्ति और तेल परिवहन को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है पूरी दुनिया अभी ऊर्जा की कमी से जूझ रही है ऐसे में भारत अपनी ऊर्जा स्तर को मजबूत करते जा रहा है।

क्यों महत्वपूर्ण है हार्मोन जल्द जलडमरूमध्य?

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग में से एक है Strait of Hormuz जहां से रोजाना लाखों बैरल कच्चे तेल का परिवहन होता है इसी मार्गो से लगभग पूरी दुनिया की आयत सबसे आसान और जल्दी व सुरक्षित होता है और इसी एक मार्ग में बाधा आने से लगभग देशों की अर्थव्यवस्था पर बाधा आने लगता है।

यह जलडमरूमध्य मध्य भारत की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ती है और यही रास्ता खाड़ी देशों से एशिया यूरोप और अन्य देशों तक तेल पहुंचने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

ग्लोबल ऊर्जा बाजारों के लिए यह मार्ग इतना महत्वपूर्ण है, क्योंकि यहीं से दुनिया का लगभग 20% तेल का आगमन इसी रास्ते से होता है यहां तक की खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकतर तेल इसी मार्ग से एशिया के देशों में पहुंचता है

और यही कारण है कि जब भी इसी क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो इस तनाव का असर सीधा इस क्षेत्र पर निर्भर देशों के ऊपर पड़ता है उनकी अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

भारत के लिए यह खबर क्यों है महत्वपूर्ण?

देखिए भारत दुनिया की सबसे बड़ी तेल आयतन में से एक है भारत अपनी जरूरत का 85% कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है ऐसे में भारत के लिए यह मार्ग इतना महत्वपूर्ण है कि जब भी इस मार्ग पर कोई बाधा आती है तो वह बाधा भारत के ऊपर भी आती है

और इसीलिए भारत में इन दोनों जहाजों को आना भारत के लिए राहत भरी सांस की तरह है। कुछ रिपोर्ट के अनुसार जो दो टैंकर जहाज ने यह क्षेत्र पर किया है वह खाड़ी क्षेत्र से कच्चा तेल लेकर भारत की ओर बढ़ रहे हैं। इन जहाजों को सुरक्षित भारत पहुंचने से भारत के तेल भंडार में बहुत बड़ा उछाल आएगा जिससे लोगों की चिंता दूर हो जाएगी।

क्या तनाव के बीच जारी है तेल का आयत?

हाली के दिनों में मिडिल ईस्ट में भू राजनीतिक तनाव बढ़ने से ग्लोबल तेल बाजार में हलचल देखी जा रही है और इसी बीच समुद्री सुरक्षा को लेकर कई देशों ने भी अपनी चिंता प्रकट की है। इस छेत्र में तनाव का दिन प्रतिदिन बढ़ना कई देशों के लिए खतरा बढ़ता जा रहा है देश के चिंता इस बात को लेकर है कि इनकी तेल लेकर आ रही जहाज सुरक्षित अपने देश पहुंचे उनकी आवाजाही पर कोई खतरा न आए

क्योंकि कई देशों की तेल टैंकरों की आवाजाही पूरी तरह बंद नहीं हुई है अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा निगरानी और नौसेना की मौजूदगी के कारण जहाज के सुरक्षित रास्ता दिया जा रहा है और इसी बीच कई देशों ने अपनी जहाज की सुरक्षा निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की चुनौती से बचा जा सके।

भारत सरकार स्थिति पर रखे हुए है नजर

इसी बीच भारत सरकार और ऊर्जा मंत्रालय लगातार इस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार भारत अपने तेल आपूर्ति मार्गों की सुरक्षा को लेकर संबंधित देशों और एजेंसियों के साथ संपर्क में है।

भारत की कई तेल कंपनियां जैसे: Indian Oil Corporation
Bharat Petroleum, Hindustan Petroleum
खाड़ी देशों से कच्चे तेल की नियमित खरीद करती हैं। इसलिए इस क्षेत्र की स्थिति भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। भारत सरकार हर कदम अपने देश के हित में सोच रहा है, और इसी वजह से इन तेलों पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी को भी कटौती किया है।

तेल कीमतों पर भी पड़ सकता है असर

जब भी होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव की खबरें सामने आती हैं तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेजी देखी जाती है। क्योंकि तेल का निर्यात जब कम और मेहंगा होने लगती है तो जाहिर सी बात है कि तेल के दाम में बढ़ोतरी होने की।

विशेषज्ञों का कहना है कि अगर इस मार्ग में लंबी अवधि तक व्यवधान आता है तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। हालांकि फिलहाल जहाजों की आवाजाही जारी रहने से बाजार में थोड़ी स्थिरता बनी हुई है।

भारत के पास हैं वैकल्पिक रणनीतियां

भारत ने पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

जैसे: रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserve)
अलग-अलग देशों से तेल आयात, नवीकरणीय ऊर्जा पर जोर
ऊर्जा आपूर्ति के वैकल्पिक मार्गों की तलाश
भारत के रणनीतिक तेल भंडार संकट के समय कुछ समय तक देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकते हैं। भारत के पास इस संकट से कुछ समय के लड़ने के लिए तेल कि जामा पुंजी रहतीं हैं।

निष्कर्ष

कुल मिलाकर कच्चे तेल से लदे दो और जहाजों का होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित पार करना भारत के लिए सकारात्मक खबर है। इससे देश की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं में कमी आई है।
हालांकि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए भारत और अन्य देशों को ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सतर्क रहना होगा। आने वाले दिनों में मध्य पूर्व की स्थिति और समुद्री मार्गों की सुरक्षा वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित करती रहेगी, इसलिए आने वाले समय में हर देश को इस समस्या से खुद को दूर रखने के लिए एक परमानेंट समाधान निकालना होगा।

          — समाप्त —     (The Ashirvad)

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