झारखंड में छात्र आंदोलन तेज: 20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान, इस्तीफे की मांग

झारखंड में छात्र आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग और 20 अगस्त को CM आवास घेराव का ऐलान दिखाता न्यूज थंबनेल
झारखंड में चल रहे छात्रों का आंदोलन के बीच छात्रों ने 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किया है। छात्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री अगर अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा

रांची: झारखंड में छात्रों के आंदोलन तेज हो चुका है 20 अगस्त को छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास घेराव का ऐलान किया है छात्रों का कहना है कि अगर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा

झारखंड में सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है।आंदोलन कर रहे JPSC और JSSC अभ्यर्थियों ने अब मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग उठाई है। छात्र नेताओं ने घोषणा की है कि अगर उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 20 अगस्त 2026 को मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।

20 अगस्त को क्या होगा?

लगातार कोई दिनों से छात्र पेपर लीक पर आंदोलन कर रहे हैं झारखंड में चल रहे इस आंदोलन पर सरकार की कोई ठोस प्रतिक्रिया भी देखने को नहीं मिली है छात्रों ने सरकार से प्रदर्शित और निष्पक्ष जांच की मांग की थी जिस पर सरकार ने अपनी सफाई देते हुए कहा कि इस जांच को लेकर सीआईडी को सौंप दिया गया है जिस पर सीआईडी अपने तौर तरीके से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच करेगी हालांकि छात्रों ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार हमें केवल बहला फुसला रही है।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जो की झारखंड के शिक्षा मंत्री कभी पद संभालते हैं उनसे जब छात्रों ने पेपर लिखकर सवाल किया और कहा कि JPSC और JSSC का जो पेपर लीक हुआ है उसमें अभी तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई और क्यों नहीं अभी तक सरकार के द्वारा छात्रों को किसी बड़ी कार्रवाई का अंजाम दिखाया गया। छात्रों का कहना है कि सरकार अपने तौर पर ढिलापन दिखा रही है।

सरकार से लगातार कोई दिन गुहार लगाने के बाद और बार-बार सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग करने के बाद जब छात्रों को सरकार की ओर से कोई संतुष्टि भरा निवारण नहीं मिला तब छात्र नेताओं ने ऐलान किया कि अगर 20 अगस्त तक मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने पौधे से इस्तीफा नहीं देते हैं तो हम 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे

विधानसभा घेराव के बाद बढ़ा तनाव

इससे पहले छात्रों ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा को घिराव करने की कोशिश की थी जिसमें छात्रों के साथ झारखंड पुलिस के द्वारा काफी बलपूर्वक व्यवहार किया गया जहां पर इनको आंसू गैस पानी और लाठी चार्ज जैसे समस्याओं का सामना करना पड़ा छात्रों को रोकने के लिए बैरिकेड में लंबे-लंबे कटीले तार भी लगाए गए जिससे छात्रों के इस आंदोलन को रोका जा सके लेकिन छात्रों ने अपना रास्ता दूसरा अपनाते हुए खेतों के द्वारा झारखंड विधानसभा का घिराव करने के लिए निकल पड़े

लेकिन इस बार छात्र रुकने वाले नहीं है उन्होंने साफ तौर पर सरकार को चेतावनी देते हुए कह दिया है कि अगर 20 तारीख तक हेमंत सोरेन अपने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो वह लोग मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे इसके बाद से छात्र आंदोलन और भी तेजी से बढ़ जाएगा

भर्ती परीक्षाओं को लेकर क्यों नाराज हैं छात्र?

झारखंड में चल रहे आंदोलन का मुख्य केंद्र सरकारी भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और अनियमितताओं के आरोप हैं। JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं को लेकर अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों का कहना है कि इसके पीछे जो कोई भी है उसको सरकार कड़ी से कड़ी सजा दे और छात्रों के साथ जो अन्याय हुआ है उसकी भरपाई भी करें

इस आंदोलन में छात्रों के कुछ मुख्य मांग है, उनका कहना है कि इस पेपर लीक मुद्दे को निष्पक्ष जांच और प्रदर्शित तरीके से होनी चाहिए जिसमें कुछ परीक्षाओं को रद्द भी करना जरूरी है। छात्रों का कहना है कि लगातार कई सालों और महीना मेहनत करने के बाद जब परीक्षा का समय आता है तब पेपर लीक जैसे बड़ी समस्या का सामना छात्रों को करना पड़ता है जिस पर सरकार ना तो कोई बड़ी एक्शन लेती है और ना ही कोई बड़ी कार्रवाई करती है।

छात्रों के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को लेकर सरकार अपना काफी ढीलापन दिखती है सरकार के अधीन जितने भी कार्य होते हैं उसे पर कोई भी निष्पक्षता और पारदर्शिता नहीं दिखाई देता है। अभी तक जो पेपर लीक हुआ है उसे पर भी सरकार ने अपनी ओर से कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है।

स्वतंत्रता दिवस पर निकली तिरंगा यात्रा

15 अगस्त के दिन भी छात्रों का आंदोलन जारी रहा उन्होंने अपने आंदोलन को मजबूत करने के लिए और सरकार से जवाब मांगने के लिए तिरंगा यात्रा निकाला, यह यात्रा जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से शुरू होकर अल्बर्ट एक्का चौक तक पहुंची। 15 अगस्त के दिन छात्रों का 22 वन दिन आंदोलन का पूरा हुआ जिसमें कई जगह पर छात्रों को रोकने के भी कोशिश किए गए छात्र गठन में अनशन पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र महतो को पुलिस ने इस तिरंगा यात्रा में जाने पर कोई घंटे तक रोक कर रखा

झारखंड में JPSC-JSSC परीक्षा में कथित धांधली के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने स्वतंत्रता दिवस पर अपने साथ हुए व्यवहार पर सवाल उठाए हैं। रांची सदर अस्पताल में भर्ती देवेंद्र का आरोप है कि उन्हें तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए अस्पताल से बाहर नहीं जाने दिया गया। इसके विरोध में वह ICU वार्ड के बाहर फर्श पर लेट गए और प्रशासन से जवाब मांगने लगे। उन्होंने कहा कि वह केवल राष्ट्रीय ध्वज को सलाम करने के लिए तिरंगा यात्रा में शामिल होना चाहते थे। लेकिन इसके बावजूद भी उनको जाने नहीं दिया गया और उनका कोई घंटे तक रोक कर रखा गया

देवेंद्र ने आरोप लगाया कि बाहर निकलने की कोशिश के दौरान उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट भी की गई। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है। उन्होंने बताया कि वह पिछले 13 दिनों से अनशन पर हैं। और करीब पांच दिनों से अस्पताल में भर्ती हैं। छात्र नेता ने साफ कहा कि छात्रों के अधिकारों की लड़ाई से वह पीछे नहीं हटेंगे। अब उन्होंने सरकार, प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से पूरे मामले पर सार्वजनिक जवाब और न्याय की मांग की है।

छात्रों का आरोप है कि सरकार ना तो उनकी मांग को पूरी कर रही है और नहीं पेपर लीक पर कोई निष्पक्ष जांच बैठा रही है और छात्रों को आंदोलन करने से भी रोका जा रहा है छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को जिस प्रकार से 15 अगस्त के दिन अस्पताल में ही रोक कर रखा गया और उनके साथ जिस प्रकार से व्यवहार किया गया उसको लेकर छात्रों ने अपने नाराजगी जताई है।

JPSC से जुड़े घटनाक्रम ने बढ़ाई चिंता

आंदोलन के बीच JPSC से जुड़े अधिकारियों और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर भी कई महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार आयोग के कुछ सदस्यों ने इस्तीफा दिया है और परीक्षा से जुड़े मामलों की जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ी है। लेकिन इस पर छात्रों ने कहा कि अलग-अलग परीक्षाओं का जांच करने से बढ़िया है कि एक साथ सारे परीक्षा का जांच किया जाए और कई पेपर को भी रद्द किया जाए

छात्रों का जोर इस बात पर है कि भविष्य में ऐसी कोई भी घटनाक्रम किसी भी छात्र को सामना न करना पड़े और आगे चलकर किसी भी छात्र को अपनी इंसाफ की लड़ाई लड़ने के लिए आंदोलन न करना पड़े इसके लिए इन्होंने सरकार से इस व्यवस्था पर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग कर रही है।

छात्र आंदोलन बन राजनीतिक मुद्दा

झारखंड में चल रहा छात्र आंदोलन अब केवल छात्रों का ही आंदोलन नहीं बल्कि यह एक राजनीतिक मुद्दा बन चुका है पिछले महीने जिस प्रकार से दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों के द्वारा प्रदर्शन किया गया और जिस प्रकार से कई राजनीतिक दलों ने उनका समर्थन किया यहां पर भी छात्र चाहते हैं कि उनके बातों को अलग-अलग राजनीतिक दलों के द्वारा रखा जाए क्योंकि छात्रों के साथ हुए अन्य को अगर कोई भी राजनीतिक पार्टी आवाज नहीं उठाती है तो वह एक प्रकार से छात्रों का विश्वास हो रही है।

छात्रों के इस आंदोलन में भाजपा ने भी अपनी प्रतिक्रिया देते हुए छात्रों के साथ अपना समर्थन जताया है और झारखंड सरकार से निष्पक्ष और पारदर्शिता का मांग किया है भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि जब दिल्ली के जंतर मंतर पर छात्रों के द्वारा आंदोलन किया जा रहा था तब कुछ राजनीतिक दलों ने अपनी राजनीतिक रोटियां सीखने के लिए इस आंदोलन को बढ़ा चढ़ा कर दिखाया लेकिन जब झारखंड में छात्रों की बात हो रही है। तब वहां पर यही राजनीतिक दल ऑन की मुंह से एक बात तक नहीं निकाल रही

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अंततः

लगातार 20 दिन से झारखंड में चल रहे छात्रों के द्वारा आंदोलन जिसमें निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता का मांग उठाया गया है छात्रों का कहना है कि सरकारी परीक्षा का सालों तैयारी करने के बाद जब छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार होता है और पेपर लीक जैसे घटनाक्रम सामने देखने को मिलता है तो यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

ऐसे में छात्रों का कहना है कि अगर झारखंड सरकार इस पर निष्पक्ष जांच और प्रदर्शित तरीके से कार्रवाई नहीं करती है और जो इसके पीछे आरोपी है उसकी कड़ी से कड़ी सजा नहीं देती है। तो इस पर हम मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का इस्तीफा मांगते हैं और अगर इस्तीफा नहीं मिलता है तो 20 अगस्त को हम मुख्यमंत्री आवास का घेराव करेंगे

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