संसद में राम मंदिर चढ़ावा विवाद: पप्पू यादव और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर सियासत तेज, जानिए पूरा मामला

संसद में राम मंदिर चढ़ावा विवाद पर पप्पू यादव और कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन से जुड़ी सांकेतिक तस्वीर।
संसद में राम मंदिर चढ़ावा विवाद को लेकर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के बाद राजनीतिक बहस तेज हो गई।

The Ashirvad के द्वारा प्रस्तुत:

नई दिल्ली: अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी को लेकर जो विवाद खड़ा हुआ था उसमें लोगों ने अपनी अलग-अलग प्रतिक्रिया जारी की इसी बीच विपक्ष ने भी सरकार पर सवाल खड़ा करते हुए कहा कि इतने बड़े सुरक्षा और इतनी निगरानी होने के बाद भी मंदिर से चढ़ावा चोरी हो जाता है सरकार ने जो बंदोबस्त किए हैं उसके बीच से ही श्रद्धालुओं के चढ़ाए गए पैसे और आभूषणों की चोरी कर ली जाती है।

अयोध्या राम मंदिर का चढ़ावा चोरी कोई छोटी-मोटी चोरी नहीं थी बल्कि पहले से की गई एक बड़ी साजिश थी जिसके तहत लगातार 2023 से मंदिर में पैसे निकाले जा रहे थे और आभूषणों की ही फिर की जा रही थी। मंदिर का जो दान पात्र था उसमें से लगभग 200 करोड रुपए तक का कैश चोरी कर लिया गया था जबकि सोने और चांदी के कई आभूषण भी चुराए गए थे।

यह चोरी लोगों के सामने आते ही पूरे भारत में बवाल मच गया उत्तर प्रदेश में बसा अयोध्या में श्री राम मंदिर जो लाखों श्रद्धालुओं का श्रद्धा का प्रतीक है। रामलाल का साम्राज्य और श्रद्धालुओं का प्रेम अयोध्या राम मंदिर को अटूट बंधनों में बांधता है और इसके बीच कोई श्रद्धालुओं का चढ़ाया हुआ चंदा चोरी कर ले जाता है तो वह न केवल श्रद्धालुओं के साथ विश्वास घात है बल्कि भगवान के मंदिर से चुराए हुए पैसे का भी भगवान का बहुत बड़ा अपमान है।

सरकार ने तुरंत लिया एक्शन

चढ़ावा चोरी के बाद जब यह खबर सरकार तक पहुंची तो सरकार बिना किसी देरी के तुरंत इस पर एक्शन लिया और S.I.T का गठन करके इसके जड़ तक तहकीकात करने की जिम्मेदारी दे दी गई। दिन लगातार छानबीन करने के बाद और कई दिनों तक लोगों से पूछताछ करने के बाद जो नतीजा सामने आया उसको देखकर सारे लोग दंग रह गए इस चढ़ावा चोरी में कई बड़े-बड़े नाम शामिल थे जिसमें से मंदिर के कर्ताधर्ता चंपत राय का सबसे पहले नाम आया।

सरकार ने जो S.I.T का गठन किया उसके माध्यम से पता चला कि मंदिर से करीब 200 करोड रुपए का कैश और कई सोने चांदी से बने मूरत भी मंदिर से गायब थे लगातार छानबीन करने के बाद और लोगों से पूछताछ करने के बाद कई लोगों के नाम सामने आए जिस पर सरकार ने तुरंत एक्शन लिया और उनको सलाखों के पीछे डाल दिया हालांकि इसके बावजूद भी सरकार के ऊपर उंगली उठाना और सवाल खड़ा होना बंद नहीं हुआ

लोगों ने सरकार से किया सवाल?

लोगों ने कहना शुरू कर दिया कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सरकार है जहां पर सुरक्षा को पहली प्राथमिकता दी जाती है। इसके बावजूद भी श्रद्धालुओं के श्रद्धा के साथ खिलवाड़ किया गया और उनके चढ़ाए हुए भगवान के शरण में दान लोगों के द्वारा मंदिर के प्रांगण से चोरी कर लिया गया और यह चोरी कोई आज से नहीं बल्कि दो-तीन वर्षों से लगातार की जा रही थी जिसका भनक सरकार को थोड़ा भी नहीं था।

विपक्ष ने तो सरकार पर तरंगे करते हुए कहा कि सरकार भी इसमें कहीं ना कहीं दोषी है क्योंकि इतने बड़े मंदिर में और इतने भारी मात्रा में श्रद्धालु रामलाल का दर्शन करने आते हैं और अपने श्रद्धा अनुसार जो भी होता है उनको भेंट स्वरूप देते हैं जो कि यह दोषी लोग बिना सोचे समझे लोगों के भावनाओं को ठेस पहुंचाते हैं और उनके चढ़ाए हुए चांदी को चोरी कर ले जाते हैं जिस पर सरकार चुप्पी साथ कर बैठी है।

हालांकि यह मुद्दा धीरे-धीरे सरकार के अंदर में पहुंचा और यह मुद्दा कोर्ट तक चला गया जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर इस पर बड़ी से बड़ी कार्रवाई की गई और जो कोई भी इसके पीछे था उसको सलाखों के पीछे भेजा गया है। जिसके बाद सरकार ने श्रद्धालुओं से और पूरे देशवासियों से निवेदन किया कि यह जो गलती हुई है यह भविष्य में ऐसा कभी नहीं होगा जो दोषी था उसको सलाखों के पीछे भेज दिया गया है और मंदिर का सुरक्षा व्यवस्था पहले से और ज्यादा कड़ा कर दिया गया है।

पप्पू यादव ने किया खुलासा

सर राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया सांसद पप्पू यादव संसद भवन के बाहर श्री राम मंदिर में जो चंदा चोरी हुआ था उसे पर एक सीन क्रिकेट किया जिसमें पूरा लिफ्ट के लोग ने उनके साथ दिया कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने भी पप्पू यादव का इसमें साथ दिया और मिलकर यह बताने की कोशिश की है कि कैसे राम मंदिर से साधुओं के द्वारा चंदा चोरी किया गया।

हालांकि पप्पू यादव के द्वारा किया गया यह एक नाटक लोगों को सही नहीं लगा लोगों के भावनाओं के साथ पप्पू यादव ने एक खेल खेल जिसमें उन्होंने अपने हाथ में प्रभु श्री राम का तस्वीर पड़े मंदिर के प्रांगण में कैसे चोरी की गई उसका एक सीन क्रिएट किया और हाथ में भगवान प्रभु श्री राम का तस्वीर लेकर अयोध्या के संसद के पैर पैर रखकर उनके पैर छूने लगे इसके बाद लोगों ने पप्पू यादव के ऊपर सवाल खड़ा कर दिया।

लोगों ने कहा कि पप्पू यादव अगर सनातन धर्म प्रेमी है और भगवान प्रभु राम को इतना मानते हैं। तो उनका तस्वीर अयोध्या के संसद के पैर में क्यों रखें क्या इससे सनातन धर्म का अपमान नहीं हुआ क्या इससे प्रभु राम का अपमान नहीं हुआ पप्पू यादव ने जो किया वह सही नहीं है। उन्होंने जानबूझकर सनातन धर्म को टारगेट किया और जानबूझकर धर्म के नाम पर अपनी राजनीतिक रोटियां सीखने की कोशिश की

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अंततः

पप्पू यादव के द्वारा किया गया श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी का एक सेन क्रिएट जो लोगों को सही नहीं लगा लोगों ने कहा कि यह उन लोगों के भावनाओं को ठेस पहुंचाने की कोशिश की जा रही है जो श्रद्धा और प्रभु राम में अटूट विश्वास करते हैं उनके श्रद्धा के साथ या खिलवाड़ है और पप्पू यादव के द्वारा जानबूझकर सनातन धर्म को टारगेट किया जा रहा है।

हाल किस पर पप्पू यादव ने कहा कि मैं भगवान राम को बहुत मानता हूं और सनातन धर्म को बचाने के लिए मैं एक बार नहीं बल्कि एक लाख बार अपना सिर कटा सकता हूं। मैं सनातन धर्म का रक्षक हूं और हमेशा उसकी रक्षा करूंगा।

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