अस्पताल से सोनम वांगचुक की बड़ी अपील, 20 जुलाई ‘संसद चलो’ आंदोलन में शामिल होने का किया आह्वान

सोनम वांगचुक की अस्पताल से बड़ी अपील
अस्पताल से सोनम वांगचुक की अपील, 20 जुलाई 'संसद चलो' आंदोलन को लेकर कही बड़ी बात

The Ashirvad: के द्वारा प्रस्तुत

नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन आए दिन बढ़ता जा रहा है। दिल्ली के जंतर मंतर पर महीना भर से चल रहे इस प्रदर्शन के बीच कई बड़े अपडेट सामने आए हैं सोनम वांगचुक जो लगातार 20 दिन से अनशन पर बैठे थे जिनका एक ही लक्ष्य था NEET एग्जाम पेपर लीक होने की वजह से जितने भी बच्चों के साथ नाइंसाफी हुई और जितने भी बच्चे अपनी जान गवाई उनको इंसाफ दिलाना और भारत के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा देना।

कॉकरोच जनता पार्टी का डिमांड धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा चाहिए। यह आंदोलन लंबे समय से चल रहा है हालांकि इसके बीच कई सारी अड़चनें भी देखने को मिली अभिजीत दीपके जो कॉकरोच जनता पार्टी का लीडर है। उसने कई ऐसे मुद्दे भी उठा जो देश के विद्रोह में कार्य करते हैं, लोगों ने इस पर भरोसा किया और इसका साथ देने जंतर मंतर पर पहुंच गए।

भारत विद्रोह में लगे नारे

जंतर मंतर पर हो रहे कॉकरोच जनता पार्टी के द्वारा विरोध जिसमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा लेना यह एक सार्वजनिक मुद्दा बन चुका है हालांकि जंतर मंतर के इस मंच से कुछ ऐसे नारे भी लगाए गए जो भारत के छवि को खराब करता है कॉकरोच जनता पार्टी के मंचों के द्वारा कई नारे ऐसे भी देखने को मिले जिससे भारत की गरिमा को ठेस पहुंचती है और उन लोगों का समर्थन दिया गया जो पहले से ही भारत के विपक्ष में कार्य किए हैं और जो पहले से ही आतंकवाद का बढ़ावा दिए हैं।

कॉकरोच जनता पार्टी जो शुरुआत में उन बच्चों के लिए लड़ाई लड़ रही थी जो पेपर लीक होने की वजह से अपनी जान गवा दिए लेकिन धीरे-धीरे यह मुद्दा दबाकर दूसरी तरफ मुड़ गया और देखते ही देखते जहां पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा का बात हो रहा था वहीं अब प्रधानमंत्री मोदी के इस्तीफा की बात होने लगी

प्रधानमंत्री मोदी का चाहिए इस्तीफा

कॉकरोच जनता पार्टी जो पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रही थी वह अचानक प्रधानमंत्री मोदी का इस्तीफा मांगने लगी उनका कहना है कि केंद्र में नरेंद्र मोदी सट्टा चला रहे हैं और अगर राज्य में कोई भी मुख्यमंत्री कार्य ठीक से नहीं करता तो उसको फटकार लगाना प्रधानमंत्री मोदी का कार्य है लेकिन केंद्र में ही बैठे लोग जब सत्ता के मदहोश में आकर बच्चों के जिंदगी के साथ खिलवाड़ करने लगे तब इसमें प्रधानमंत्री को ही इस्तीफा दे देना चाहिए

कॉकरोच ने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान जो भारत के शिक्षा मंत्री हैं और केंद्र में बैठकर शिक्षा नीति को ही नहीं संभाल पा रहे हैं जिनके नेतृत्व में कई पेपर लीक हो चुका है तो कई बच्चों ने अपने जान गवा दिए ऐसे में अगर प्रधानमंत्री मोदी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा नहीं दिलाते तो उनको खुद अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।

सोनम वांगचुक को उठाकर ले गई पुलिस

दिल्ली के जंतर मंतर पर हो रहे कॉकरोच के द्वारा विरोध प्रदर्शन जिसमें सोनम वांगचुक लगातार 20 दिन से अनशन पर बैठे थे उनके नाजुक हालत को देखते हुए दिल्ली पुलिस उनको जबरदस्ती उठाकर दिल्ली के सबसे बेहतरीन अस्पताल में भर्ती करवाया था कि उनका इलाज बढ़िया से बढ़िया किया जा सके सोनम वांगचुक जो 20 दिन से लगातार भूख हड़ताल कर रहे थे उनका शरीर काफी नाजुक हो चुका था ऐसे में दिल्ली पुलिस ने उनको बचाव कार्य हेतु अस्पताल में भर्ती करवाया है।

सोनम वांगचुक को अस्पताल में भर्ती करने पर और दिल्ली पुलिस के द्वारा जबरदस्ती उनको जंतर मंतर से उठाने पर कॉकरोच के अंदर आक्रोश भर गया उनका कहना था कि सोनम वांगचुक को जबरदस्ती उठाकर ले जाया गया है इनको जबरदस्ती शांति पूर्वक प्रदर्शन करने से मना किया गया है सोनम वांगचुक जो लगातार महीना भर से शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे उनके ऊपर दिल्ली पुलिस ने अपनी मनमानी का ठप्पा लगा दिया है

कॉकरोच ने ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों के ऊपर लाठी चार्ज किया और जबरदस्ती प्रदर्शन करने से रोका उनका बोलना है कि कई छात्र इस लाठी चार्ज की चपेट में आकर बुरी तरह से घायल हो गए हालांकि दिल्ली पुलिस ने अपने बयानों के माध्यम से बताया कि उन्होंने जो कुछ भी किया है वह कोर्ट के आदेश पर किया है और सोनम वांगचुक पहले जैसे स्वस्थ रहें और अपने भूख हड़ताल से खुद को छाती ना पहुंचाएं इसके लिए उन्होंने ऐसा कदम उठाया

सोनम वांगचुक ने किया अपील

अस्पताल में भर्ती होने के बाद सोनम वांगचुक का पहला बयान सामने आया जिसमें अपने संदेश में वांगचुक ने लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से 20 जुलाई को संसद तक मार्च में शामिल होने की अपील की। उन्होंने इस अभियान को लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से जुड़ने का आग्रह किया। कुछ बयानों में उन्होंने इसे “भारत का दूसरा स्वतंत्रता आंदोलन” भी बताया है।

डॉक्टरों की निगरानी में होने के बावजूद सोनम वांगचुक लगातार आंदोलन को लेकर संदेश जारी कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार उनकी स्थिति स्थिर बताई गई है, लेकिन उन्हें चिकित्सा देखरेख में रखा गया है। इसी बीच उनके परिवार की ओर से बेहतर इलाज की मांग को लेकर अदालत का भी रुख किया गया।

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आंदोलन क्यों है चर्चा में?

दिल्ली के जंतर मंतर से जबरन सोनम वांगचुक को उठाकर अस्पताल में भर्ती करने के बाद कॉकरोच के अंदर आक्रोश का माहौल बन चुका है। सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। आंदोलन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल से जारी वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि देश के लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिक अधिकारों से जुड़ा हुआ है।

सोनम वांगचुक देश के जाने-माने शिक्षा सुधारक और पर्यावरण कार्यकर्ता हैं। उनके आंदोलन और अस्पताल से जारी संदेश के बाद सोशल मीडिया पर #SonamWangchuk और #SansadChalo जैसे विषय तेजी से ट्रेंड करने लगे हैं। समर्थक इसे लोकतांत्रिक अधिकारों की आवाज बता रहे हैं, जबकि इस पूरे घटनाक्रम पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आ रही हैं।

अंततः

20 जुलाई को प्रस्तावित “संसद चलो” मार्च पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। एक ओर सोनम वांगचुक अस्पताल से लोगों से आंदोलन में शामिल होने की अपील कर रहे हैं, वहीं प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की तैयारी में जुटा है। 20 जुलाई जो भारत के इतिहास में एक बड़ा आंदोलन प्रदर्शन देखने को मिलेगा और इसीलिए सरकार भी पूरी सुरक्षा के साथ तैयार बैठी है इस आंदोलन के माध्यम से कॉकरोच जनता पार्टी धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और भारत के न्याय व्यवस्था में सुधार लाने की मांग कर रही है।

कॉकरोच जनता पार्टी जो 20 जुलाई को सांसद चलो मार्च में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और साथ में नीट एग्जाम पेपर लीक के कारण जितने बच्चों ने अपनी जान गवाही और जितने बच्चों के साथ नाइंसाफी हुआ उनका भी इंसाफ का गुहार लगाने कॉकरोच जनता पार्टी 20 जुलाई को प्रदर्शन करने वाली है।

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