पटना (बिहार): बिहार के भोजपुर जिले में 17 जून 2026 को हुई भरत भूषण तिवारी की मौत के बाद यह मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। सरेंडर करने के बाद भी भरत भूषण तिवारी को पांच गोली मारा गया और एनकाउंटर में उनकी मौत हो गई हालांकि अब भारत भूषण तिवारी का एनकाउंटर मामला केवल बिहार में ही नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष में एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा और चर्चा का विषय बन चुका है।
भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं और लगातार इनको इंसाफ दिलाने के लिए भारत के कोने कोने से आवाज उठाई जा रही है जिसमें हर तरह के लोग शामिल हो रहे हैं फिर वह राजनीतिक दल के लोग हो या शिक्षक हो छात्र हो या वकील हो यहां तक की कई ऐसे बड़े राजनेता जो कि भारत भूषण तिवारी को इंसाफ दिलाने के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं।
भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर केवल एक कथित तौर पर किया गया एनकाउंटर नहीं है बल्कि यह एक राजनीतिक मुद्दा को बढ़ावा दे रहा है जिसमें लोगों का कहना है कि भारत भूषण तिवारी ने जो कुछ भी किया वह गलत नहीं था उनका रास्ता भले ही गलत हो मगर उन्होंने केवल और केवल लोगों के लिए ही लड़ाई लड़ी है और इसके बावजूद भी इनको एनकाउंटर में देर कर दिया गया और पुलिसकर्मी जो इनका इनकाउंटर करके खुद को एक मजबूत और निष्पक्ष पुलिसकर्मी साबित कर रहे हैं उनको भी सजा मिलनी चाहिए
Bharat Bhushan Tiwari News: मामला क्यों बना राष्ट्रीय चर्चा का विषय?
देखिए लगातार 5 साल से भारत भूषण तिवारी अपने गांव का दर्द सरकार को बताने की कोशिश कर रहे थे हालांकि 5 साल से इनके बातों को बिहार सरकार द्वारा अनदेखा किया जा रहा था यहां तक की इनको कई बार धमकी भी दी गई कि यह चुप हो जाएं भारत भूषण तिवारी न केवल अपने गांव का आवाज उठा रहे थे बल्कि पूरे देश के हित में अपनी संवेदना प्रकट करते थे उनका कहना था कि मैं जब तक जीवित रहूंगा तब तक भारत के कोने-कोने में हो रहे अन्याय के खिलाफ आवाज उठाऊंगा।
हालांकि उनको पता नहीं था कि यही बात उनके लिए आगे चलकर एक मौत का कारण बन जाएगी भारत भूषण तिवारी जो अपने गांव जो नदी के कटाव से बह जाता था उसको सुरक्षित रखने के लिए और अपने गांव को सुरक्षित बचाने के लिए सरकार को कई बार पत्र लिखो यहां तक की उन्होंने इसके खिलाफ कई सारी सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट की जिसमें वह अपने गांव के दर्द को सरकार से साझा कर रहे थे।
भरत तिवारी ने मजबूरी में उठाया हथियार
जो भारत तिवारी लगातार सरकार से अपने गांव और अपने समाज के लोगों का दर्द बताते बताते थक गए और सरकार की ओर से जब कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तब उन्होंने मजबूरी में आकर शस्त्र उठा लिया हालांकि स्वस्थ उठाना इनके लिए एक मजबूरी का कारण जरूर था मगर उसे इन्होंने किसी को क्षति नहीं पहुंचाई हालांकि शस्त्र उठाना और बिना इजाजत के अपने पास किसी प्रकार का शस्त्र रखना यह कानूनी अपराध तो है लेकिन इससे भारत तिवारी ने किसी को क्षति नहीं पहुंचाई थी
भरत तिवारी लगातार सरकार से बस यही गुहार लगा रहे थे कि उनके गांव के और उनके लोगों के दर्द को समझा जाए और उनको एक सुरक्षित स्थान दिया जाए जहां पर यह अपने जीवन को यापन कर सके हालांकि सरकार इनके बातों को थोड़ा भी सीरियस नहीं लिया और कुछ करने की बजे भरत तिवारी को ही चुप करना उचित समझा।
एनकाउंटर के बाद मचा बवाल
भारत भूषण तिवारी जो अपने एनकाउंटर का वीडियो लाइव फेसबुक पर दिख रहे थे और उन्होंने दिखाया कि कैसे पुलिस कर्मियों के द्वारा इनको पांच गोली मार कर उनका एनकाउंटर कर दिया गया वह भी तो अब जब वह हथियार पुलिस कर्मियों के सामने फेंक कर खुद को सरेंडर कर दिए भारत भूषण तिवारी का एनकाउंटर देखकर पूरे बिहार में लोगों के अंदर आक्रोश भर गया लोगों का कहना है कि अगर भारत भूषण तिवारी खुद को सुरेंद्र जाप कर दिए तो उनका एनकाउंटर में क्यों मारा गया
और अब भारत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के बाद बिहार के लोगों के अंदर इंसाफ का एक चिंगारी जल उठा है जहां पर लोग लगातार सड़कों पर उतरकर भारत भूषण तिवारी के इंसाफ के लिए सरकार से मांग कर रहे हैं उनका कहना है कि भारत भूषण तिवारी अगर खुद को पुलिस कर्मियों के सामने सरेंडर कर दिए तब उनका एनकाउंटर क्यों किया गया इसका जवाब सरकार को देना होगा यहां तक की लोग भारत भूषण तिवारी को जिन पुलिस कर्मियों ने एनकाउंटर किया उनको भी उसी प्रकार से जवाब देने की मांग कर रहे हैं।
लोगों का कहना है कि भारत भूषण तिवारी को जब सरकार ने पहले ही मानसिक रोगी घोषित कर दिया था तब उनका मानसिक रोगी के अस्पताल में भेज कर इलाज करना चाहिए ना कि उनका इनकाउंटर करके उनको मौत की घाट उतारती चाहिए सरकार ने और उनके पुलिसकर्मियों ने जो भारत तिवारी के साथ किया है उसका इंसाफ सरकार को करना होगा और उसके लिए हम हर तरह से प्रदर्शन करेंगे
पोस्टमार्टम में हुआ खुलासा?
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बड़ा खुलासा हुआ है, समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि भरत तिवारी को एक दो नहीं, बल्कि कुल पांच गोलियां लगी थीं. पहली गोली बाएं जांघ के ऊपरी हिस्से में सामने की ओर से लगी थी. दूसरी गोली भी बाएं जांघ के मध्य भाग में भीतर की तरफ लगी थी, तीसरी गोली दाहिनी जांघ के बीच वाले हिस्से में भीतर लगी थी।
इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि चौथी गोली दाहिनी जांघ में बाहरी हिस्से से अंदर की ओर लगी थी, जबकि पांचवीं गोली बाएं पैर के मध्य भाग में पीछे की तरफ से लगी थी, इस रिपोर्ट के खुलासे के बाद से पुलिस एनकाउंटर पर सवाल उठने लगे हैं। अब लोगों का कहना है कि भारत भूषण तिवारी का जिस प्रकार से गोली मारकर एनकाउंटर किया गया है उसी प्रकार से इन पुलिस कर्मियों का भी एनकाउंटर होना चाहिए
राजनेताओं की प्रतिक्रिया?
भारत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के बाद बिहार से लेकर पूरे भारत तक के कई बड़े दिग्गज राजनेताओं का प्रतिक्रिया आया जिसमें उन्होंने सरकार और उनकी पुलिस कर्मियों की आलोचना करते हुए कहा कि भारत भूषण तिवारी भले ही गलत हो लेकिन उसने अगर खुद को पुलिस कर्मियों के सामने सरेंडर कर दिया और हथियार नीचे डाल दिया तब उसको अदालत के द्वारा सजा दिलानी चाहिए ना कि उनका इनकाउंटर करके वही मौत के घाट उतार दे
पुलिसकर्मी और सरकार के द्वारा जो भारत तिवारी के साथ किया गया है वह एक बड़ा अन्याय का कम दिख रहा है और यह सरासर गलत हुआ है इसके लिए सरकार को जवाब देना होगा और जो कोई भी इनके साथ छल से इनका एनकाउंटर किया है उसको भी सजा कड़ी से कड़ी मिलनी चाहिए
भरत तिवारी के साथ सही हुआ?
बिहार के जाने-माने राजनेता और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी का कहना है कि भरत भूषण तिवारी के साथ सही हुआ है भारत भूषण तिवारी एक देशद्रोही और गुंडा था जिसके साथ पुलिसकर्मियों ने सही बर्ताव किया अगर वह सही था तो उसके पास बंदूक कहां से आई और उसने क्यों पुलिस कर्मियों के ऊपर बंदूक तन और बदले में उसने पुलिस कर्मियों के ऊपर गोली भी चलाई ऐसे में पुलिसकर्मी अपनी सुरक्षा करते हुए उसकी एनकाउंटर में देर कर दिए तो यह अन्याय नहीं बल्कि एक निष्पक्ष जवाब है।
जीतन राम मांझी की प्रतिक्रिया के बाद बिहार की जनता का कहना है कि सत्ता के मदहोश में आकर जीतन राम जी जो मन में आ रहा है वह बोल रहे हैं उनको पता नहीं की भरत तिवारी को पहले ही सरकार मानसिक रूप से रोगी घोषित कर चुकी थी ऐसे में अगर वह इंसान खुद को पुलिसकर्मियों के सामने सरेंडर कर दिया तो उसको अस्पताल में भर्ती करने की बजाय उसका एनकाउंटर कर दिया गया
वकीलों ने भी दिया धरना?
भरत तिवारी के एनकाउंटर के बाद बिहार में पूरे लोग इंसाफ का मांग कर रहे हैं ऐसे में अब इनके साथ बिहार के पूरे वकील समाज भी जुट चुके हैं और वह सड़क पर उतरकर सरकार से भरत भूषण तिवारी के लिए इंसाफ का मांग कर रहे हैं आज वकीलों ने प्रदर्शन करते हुए भरत तिवारी अमर रहे ऐसा नारा लगाया और भरत तिवारी को इंसाफ मिलना चाहिए ऐसी सरकार से गुहार लगाई वकीलों के साथ-साथ बिहार के बड़े-बड़े राजनेता और शिक्षक छात्र सब मिलकर भारत तिवारी को इंसाफ दिलाने के लिए सरकार से लगातार दबाव बना रहे हैं
इसी बीच सरकार ने भी निष्पक्ष और साफ सुथरी जांच के लिए एक कमेटी का निर्वाह किया है जहां पर सरकार का कहना है कि भरत तिवारी के एनकाउंटर के मामले में निष्पक्ष और प्रदर्शित तरीके से जांच होगा अगर भारत तिवारी सही साबित होते हैं तो उनके खिलाफ किए गए एनकाउंटर में जितने लोग भी शामिल थे उनको कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी
भारत के मन को मिली धमकी
भरत तिवारी की मां मीडिया के सामने रोते हुए कहीं की उनके बेटे को एनकाउंटर में करने के बाद अब मेरे परिवार को और मुझे भी लगातार धमकी मिल रही है भरत तिवारी की मां ने एसपी पर आरोप लगाते हुए कहा कि एसपी साहब मेरे घर आकर मुझे धमकी दिए कि मैं मीडिया से कुछ ना बताऊं वरना वह मेरा भी हाल वैसे ही करेंगे जैसा उन्होंने मेरे बेटे का किया है
इस बयान के बाद लोगों के अंदर और भी आक्रोश भर गया है कि एक तरफ सरकार निष्पक्ष और साफ सुथरे जांच का आश्वासन लोगों को दे रही है तो वहीं दूसरी तरफ एसपी साहब और पुलिस कर्मियों के द्वारा लगातार परिजनों को धमकी दिया जा रहा है कि वह मीडिया और लोगों से कोई बात ना करें वरना उनके साथ भी वही हाल किया जाएगा जो उनके बेटे के साथ किया गया है।
अंततः
भरत तिवारी एनकाउंटर मामला आज पूरे बिहार से लेकर भारत के कोने कोने में एक राजनीतिक मुद्दा बन चुका है जहां पर भरत तिवारी के साथ खड़े लोग सरकार पर आरोप लगाते हुए कह रहे हैं कि बिहार सरकार बिहार में भी योगी मॉडल लाना चाहती है और दिखाना चाहती है कि वह भी योगी जी की तरह ही एनकाउंटर करते हैं हालांकि इनका पता नहीं है कि योगी जी अपराधियों का सफाई करते हैं ना कि किसी ऐसे इंसान का जो अपने गांव और अपने समाज के लिए आवाज उठाता हो
भरत तिवारी के काउंटर पर लोग सरकार पर लगातार दबाव बना रहे हैं और उनका कहना है कि जब तक भारत तिवारी को इंसाफ नहीं मिल जाता और जब तक इनके एनकाउंटर करने वाले पुलिस कर्मियों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिल जाती तब तक हम लोग चैन की सांस नहीं लेंगे और सरकार पर लगातार दबाव बनाते रहेंगे क्योंकि भारत तिवारी के साथ जो हुआ है वह एक नाइंसाफी है और उनके साथ चल करके उनका एनकाउंटर में मर गया है।
Disclaimer: यह लेख विभिन्न समाचार रिपोर्टों और सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। मामला अभी जांचाधीन है। किसी भी आरोप या दावे को अंतिम सत्य नहीं माना जाना चाहिए। अंतिम निष्कर्ष सक्षम न्यायिक एवं जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट होगा
— समाप्त — 🟥
