भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला: न्यायिक जांच की मांग के बीच बढ़ा राजनीतिक विवाद

"भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले पर न्यायिक जांच की मांग और बिहार की राजनीति में बढ़ता विवाद"
भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामला: न्यायिक जांच की मांग के बीच बढ़ा राजनीतिक विवाद

पटना (बिहार): भारत भूषण तिवारी का एनकाउंटर केवल बिहार का ही नहीं बल्कि पूरे भारत का राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है, देश के कोने-कोने में भारत भूषण तिवारी का एनकाउंटर मामला काफी ज्यादा चर्चित बन चुका है देश के हर नागरिक के जुबान पर अभी भरत भूषण तिवारी का ही नाम गुजारा है जिसमें कुछ लोग उनके समर्थन में बात कर रहे हैं तो कुछ लोगों के विपक्ष में बात कर रहे हैं।

भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर लोगों का कहना है कि पुलिस के द्वारा यह धोखे से किया गया एक शर्मनाक एनकाउंटर है जिसमें भरत भूषण तिवारी को पांच गोली मारकर मौत के घाट कर दिया गया वहीं भरत भूषण तिवारी जो समाज के परिवर्तन के लिए आवाज उठा रहा था लगातार 5 साल से समाजसेवी भरत भूषण तिवारी जो अपने से पहले दूसरों के बारे में सोचा करते थे उनको पुलिस कर्मियों ने छल से एनकाउंटर कर दिया ऐसा वहां के ग्राम वासियों का कहना है।

कौन थे भरत भूषण तिवारी?

बिहार के भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव का रहने वाला भारत भूषण तिवारी (भरत तिवारी) जो मौज 28 साल की उम्र में ही अपने कंधे पर समाज सेवा का बोझ लेकर 5 वर्षों से लगातार समाज की सेवा और उनका आवाज बनकर उभर रहे थे भारत भूषण तिवारी जो अपने से पहले समाज की प्राथमिकता को महत्व देते थे उनका समाज के प्रति और अपने देश के प्रति उच्च विचार और अच्छी सोच ही उनको एक समाजसेवी का पहचान दिया

हालांकि भरत भूषण तिवारी चर्चा में तब आए जब इन्होंने अपने गांव के दुख को लेकर सरकार से लगातार सवाल करते रहे जिसमें यह अपने गांव जो बार-बार बाढ़ के कारण पानी के कटाव में बह जा रहा था उसका निवारण हेतु सरकार से कई बार अनुरोध किया कि उनके गांव पर भी ध्यान दिया जाए और उनके गांव को एक सुरक्षित दिशा में ले जाया जाए जहां पर बाढ़ के चपेट में आगे चलकर इनका गांव फिर से पानी में न बहे

हालांकि बार-बार सरकार से गुहार लगाने के बाद और बार-बार सोशल मीडिया पर आवाज उठाने के बाद भी भरत भूषण तिवारी को सरकार ने लगातार अनदेखा किया भरत भूषण तिवारी जो अपने से पहले अपने गांव की भलाई का मांग सरकार से कर रहे थे जब उन्होंने देखा कि सरकार इनके बातों पर जोर नहीं दे रही है और इनको बार-बार अनदेखा कर रही है तब यह न चाहते हुए भी मजबूरी में शस्त्र उठा लिए

भरत भूषण तिवारी का कहना था?

भरत भूषण तिवारी अपने गांव के लोगों से और अपने समाज के लोगों से लगातार एक बात ही रहते थे कि वह जब तक जीवित रहेंगे तब तक वह अन्य के खिलाफ आवाज उठाएंगे और अपने गांव को और गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान दिलाएंगे भारत भूषण तिवारी जो अपने गांव में हो रहे दिक्कतों को लेकर सोशल मीडिया पर भी कई बार आवाज उठाया हालांकि बार-बार इनको अनदेखा कर दिया गया

इसके बाद ना चाहते हुए भी भरत भूषण तिवारी मजबूरी में आकर शस्त्र उठाए हालांकि इनका शस्त्र उठाने का मकसद किसी को जान से मारना नहीं बल्कि शास्त्र के बल पर सरकार से अपनी बातों को मनवा ना था हालांकि सरकार भी इनके बातों पर ना ध्यान देकर उनके शास्त्र पर ज्यादा ध्यान दिया और अपने पुलिस कर्मियों के द्वारा इनको बार-बार स्वस्थ नीचे करने और खुद को सरेंडर करने का अवसर दिया गया

हालांकि भारत भूषण तिवारी का बार-बार एक ही कहना था कि उनका जो सरकार से अपने गांव और अपने समाज को लेकर डिमांड है उसको मान लिया जाए फिर भरत भूषण तिवारी अपना जान देने के लिए भी तैयार है वह शास्त्र नीचे फेंक देंगे और खुद को सुरेंद्र भी कर देंगे हालांकि सरकार इनके बातों को तब भी मानने के लिए तैयार नहीं थी और बार-बार इनको अनदेखा कर रही थी, भरत भूषण तिवारी के घर पर लगातार पुलिसकर्मियों का दौर चलता रहा

शास्त्र फेंकने के बाद भी हुआ एनकाउंटर

भरत भूषण तिवारी के घर पर लगातार पुलिस कर्मियों का दौर चलता रहा लेकिन इसके बीच भी भरत तिवारी खुद को ना तो पुलिस के हवाले किया और नहीं शास्त्र नीचे किया उनका एक ही कहना था कि वह किसी को क्षति नहीं पहुंचने वाले बस उनका जो उनके गांव के प्रति लेकर सरकार से मांग है उसको पूरा किया जाए और उसको स्वीकार किया जाए तो यह खुद को पुलिसकर्मियों को सौंप देंगे इसके बाद इनको अगर फांसी भी दी जाती है तो इनका कोई परवाह नहीं है

हेलो किसके बाद भी सरकार इनके बातों को नहीं मानी इसके बाद भारत तिवारी अपने गांव के कुछ दूरी पर ही जाकर पुलिस कर्मियों के द्वारा घेराबंदी कर लिए गए और वहां पर भी भारत तिवारी का एक ही कहना था कि मेरे बातों को माना जाए और मैं खुद को पुलिसकर्मियों के हवाले कर दूंगा हालांकि भारत तिवारी और पुलिस कर्मियों के बीच लगातार बढ़ता लाभ होने के बाद इनके बातों को मानने के लिए कहा गया और इसे बताया गया कि सरकार इनके बातों को मान रही है आप शास्त्र ने नीचे फेंक के खुद को सरेंडर कर दें

पुलिस कर्मियों की बात मानने के बाद भारत तिवारी अपने शास्त्र को उनके सामने नीचे फेंक दिए और खुद को पुलिस कर्मियों के हवाले कर दिए इसके बाद भी पुलिस कर्मियों ने इनको पांच गोली मारकर उनके प्राण ले लिए, भरत तिवारी जो खुद को आत्मसमर्पण कर दिए पुलिस कर्मियों के पास उसके बावजूद भी इनका एनकाउंटर कर दिया गया

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भरत तिवारी का एनकाउंटर बना राजनीतिक मुद्दा ?

भरत तिवारी का अब एनकाउंटर एक राजनीतिक मुद्दा बन चुका है जहां पर अलग-अलग दल के राजनेता उनके साथ अपने संवेदना प्रकट कर रहे हैं कुछ लोग जो भरत तिवारी के हुए एनकाउंटर को लेकर सरकार की अवहेलना करते हुए सरकार पर पलटवार कर रहे हैं और उनका कहना है कि भारत तिवारी को चल से मारा गया है भरत तिवारी जो समाजसेवी था और समाज के लिए आवाज उठा रहा था उसकी सरकार के द्वारा जानबूझकर मार दिया गया

वहीं कुछ विपक्षीय नेता का कहना है कि भारत तिवारी भले ही अच्छा था लेकिन उसने कई बार पुलिस कर्मियों के ऊपर अपनी शास्त्र का प्रहार किया पुलिस कर्मियों के ऊपर उसने कई बार गोली चलाई जिससे पुलिसकर्मी जख्मी होते होते हुए बच्चे हैं ऐसे में अगर पुलिसकर्मी ही इन गुंडे मवलियों से डर जाएंगे तो फिर उनका क्या होगा इसलिए भारत भूषण तिवारी का एनकाउंटर कोई चल से किया गया एनकाउंटर नहीं है बल्कि पुलिस कर्मियों के द्वारा खुद को बचाने की चपेट में चलाई गई गोली का अंजाम है

भरत भूषण तिवारी के घर लगातार राजनेता अपना उल्लू सीधा करने के लिए उनके घर पर धरना दे रहे हैं कई लोग उनके माता-पिता के साथ बीते इस दुख की घड़ी में अपनी संवेदना प्रकट कर रहे हैं तो कई लोग खुद की राजनीतिक गलियारों का बढ़ावा वहां से दे रहे हैं हालांकि इसी बीच कुछ ऐसे राजनेता भी देखने को मिले हैं जो भरत तिवारी के घर पर जाकर किसी पार्टी और किसी सरकार की अवहेलना ना करते हुए उन्होंने स्पष्ट न्याय की मांग की है जिसमें उनका कहना है कि जो भी घटना घटित हुई है उसका उचित न्याय मिलना चाहिए

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का बयान ?

भरत तिवारी के एनकाउंटर पर सम्राट चौधरी के कई प्रतिक्रिया सामने आई जिसमें उन्होंने बिहार की जनता को आश्वासित करते हुए कहा कि अगर पुलिस कर्मियों से गलती हुई है और भरत तिवारी को चल से मारा गया है तो उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी मैं बिहार की जनता को यह आश्वासन दिलाता हूं कि भरत तिवारी के खिलाफ उच्च और पारदर्शी तरीके से जांच किया जाएगा जिसमें सत्य को पूरे लोगों के सामने प्रकट किया जाएगा

हालांकि इसी बीच सम्राट चौधरी का कई ऐसा बयान भी दूसरे लोगों को लेकर देखने को मिल रहा है जिसमें उन्होंने गुंडो को सचित करते हुए कहा है कि अगर बिहार में रहना है तो गुंडागर्दी छोड़ना पड़ेगा वरना गुंडे मवालियों को बिहार भी छोड़ना पड़ सकता है कोई भी अपने मर्जी से शास्त्र पुलिस कर्मियों के ऊपर तन देगा और हमारी सरकार और हमारे पुलिसकर्मी चुप रहेंगे ऐसा बिल्कुल नहीं हो सकता

अंततः

भारत भूषण तिवारी का हुआ एनकाउंटर को लेकर आज बिहार में पूरी खलबली मच चुकी है पूरे बिहार का जनता भारत भूषण तिवारी के साथ हुए अन्य को लेकर आवाज उठा रही है उनका कहना है कि सरकार भरत तिवारी को उचित न्याय दे और उनके साथ जो अन्याय हुआ है और जिसने किया है उसके साथ कड़ी से कड़ी कार्रवाई किया जाए

भरत तिवारी के माता-पिता का कहना है कि जो कोई भी उनके बच्चे का एनकाउंटर किया है उसको फांसी की सजा मिलनी चाहिए और सीबीआई को हमारे बच्चे की केस सोफा जाए ताकि इसके जड़ तक तहकीकात हो और जो सच है वह पूरे लोगों को बताया जाए

Disclaimer
यह लेख विभिन्न मीडिया रिपोर्टों, सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारियों और राजनीतिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है। इस लेख का उद्देश्य केवल समाचार एवं सूचना प्रदान करना है। किसी भी व्यक्ति, संस्था या पक्ष को दोषी अथवा निर्दोष घोषित करना हमारा उद्देश्य नहीं है। मामले की अंतिम सच्चाई संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायालय के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

          — समाप्त —     (The Ashirvad)

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