खान सर को अदालत से राहत मिलने के बाद बताएं पूरे सच्चाई, नीट पेपर लीक पर हुआ था बहस!

"खान सर NEET शिक्षा व्यवस्था विवाद 2026"
खान सर और रोशन आनंद के विवाद में आया एक नया मोड़ अदालत ने खान सर की गिरफ्तारी पर लगाई रोक रोशन आनंद अभी भी हैं गिरफ्तार?

पटना (बिहार): खान सर उर्फ फैजल खान को अदालत से राहत मिल चुकी है इनके गिरफ्तारी पर रोक लग गया है और अदालत ने इनको हर तरफ से मुक्त कर दिया है खान सर को पटना पुलिस जो गिरफ्तार करने के लिए लगातार प्रयत्न कर रही थी और उनके कोचिंग सेंटर पर लगातार जा रही थी वह खान सर अब बिना गिरफ्तारी के ही कोर्ट से अपने गिरफ्तारी पर रोक लगवा लिए हैं, लेकिन आखिर यह सब हुआ कैसे?

देखिए बीते 2 जून को खान सर के कोचिंग पर अचानक फायरिंग होता है जिसके चक्कर में काफी विवाद हो जाता है और इस विवाद का रुख ऐसा मुड़ता है कि इस विवाद में खान सर के साथ ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद का नाम भी काफी ज्यादा चर्चा में आ जाता है। कोचिंग सेंटर पर हुए फायरिंग को लेकर और दो शिक्षकों के बीच हुए विवाद को लेकर पूरे मीडिया से लेकर सोशल मीडिया पर एक नया बहुत छूट जाता है।

यहां तक की दोनों शिक्षकों के छात्र भी आपस में टकरा जाते हैं और अपने-अपने शिक्षक को सही साबित करने के लिए और अपने-अपनी शिक्षक को इंसाफ दिलाने के लिए धरने पर उतर जाते हैं एक तरफ खान सर के छात्र जो खान सर के पक्ष में लगातार धरना देते हैं और कहते हैं कि खान सर के अच्छे कर्म और उनकी बढ़ती हुई लोकप्रियता पर अब उंगली उठाए जा रहा है।

वहीं दूसरी ओर ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद के गिरफ्तारी के बाद उनके छात्र आंदोलन पर उतर जाते हैं और लगातार कहते हैं कि हमारे शिक्षक को जानबूझकर फसाया गया है इन दोनों छात्रों के विवाद में और दोनों शिक्षकों के आपस में टकराव एक ऐसा भयानक रख ले लेता है कि आगे चलकर यह टकराव न केवल दो शिक्षकों के बीच में रहता है बल्कि यह मीडिया से लेकर पूरी सोशल मीडिया पर एक नया बस का चर्चा बन जाता है।

लेकिन यहां पर सवाल आता है कि ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद को ही क्यों गिरफ्तार किया गया खान सर जो पहले इस मुद्दे को ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर के तरफ मोड़ दिए थे अचानक वह मुद्दा इनके तरफ एक नया रूप ले लेता है इसके बाद भी खान सर की गिरफ्तारी नहीं होती और इनको अदालत से इनके गिरफ्तारी पर रोक मिल जाती है और अदालत रहती है कि खान सर पर पटना पुलिस कोई भी एक्शन नहीं लगी

लेकिन आखिर यह सब हुआ कैसे?

2 जून की शाम खान सर अपने कोचिंग सेंटर में छात्रों की क्लास ले रहे थे इसी बीच कुछ लोग खान सर के गार्ड को आकर पीटना शुरू कर देते हैं और गार्ड को मार कर लहूलुहान कर देते हैं जब इस मामले को खान सर के मौजूद कुछ लोग देखते हैं तो उसको बचाने जाते हैं इसके उपरांत में दोनों पक्षधरों के बीच बहुत छूट जाता है और देखते ही देखते आप उसे टकरा एक भयानक रूप ले लेता है इसके बाद यह खबर खान सर को पता चलती है

और खान सर जो कुछ समय पहले छात्रों की क्लास ले रहे थे वह अपने कोचिंग के बाहर आते हैं और देखते हैं कि काफी ज्यादा भीड़ आपस में टकरा रही है और उनके लोगों पर पत्थरबाजी और उनके लोगों को पीटा जा रहा है जिसके आक्रोश में खान सर आकर अपने दो गर्दा को कहते हैं कि तुम फायरिंग करो ताकि यह जो भीड़ है यह डरकर भाग सके और उनके कहने पर ही दोनों गार्ड फायरिंग करते हैं जिसका वीडियो सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो जाता है।

हालांकि जब यह मामला पटना पुलिस के पास पहुंचता है और पटना पुलिस इसके जांच में खान सर के कोचिंग पर आती है तब वहां पर खान सर इस मामले के रूप को अपने पड़ोसी कोचिंग सेंटर वालों पर मोड़ देते हैं और खान सर पटना पुलिस से कहते हैं कि यह सब किया कराया उनके पड़ोसी कोचिंग सेंटर वालों का है जिसमें ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद का हाथ है खान सर के कथित बयान पर और कुछ लोगों के कहने पर पटना पुलिस ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद समेत दो लोगों को गिरफ्तार करती है और उनसे पूछताछ शुरू कर देती है।

हालांकि इसी बीच रोशन आनंद की जितनी भी छात्र होते हैं उनको पता चलता है कि यह फायरिंग खान सर नहीं करवाई थी और रोशन आनंद सर को जानबूझकर फसाया गया है तो वह लोग इस मुद्दे को सोशल मीडिया पर उठाते हैं और देखते ही देखते यह मुद्दा एक भयानक रूप ले लेता है जिसके बाद फिर से पटना पुलिस इसके जड़ तक तहकीकात शुरू कर देती है।

पटना पुलिस को क्या मिलता है?

पटना पुलिस मौजूद लोगों के कथित बयानों पर और सीसीटीवी को खगोलने पर पता चलता है कि खान सर ने जो फायरिंग का बात अपने पड़ोसी कोचिंग सेंटर वालों पर थोपी थी वह बात पूरी झूठी निकली और वह फायरिंग जो रोशन आनंद की तरफ से बताया जा रहा था वह खुद खान सर ने करवाई होते हैं यह फायरिंग खान सर के दोनों गार्ड ही करते हैं जो सीसीटीवी के माध्यम से पता लगता है।

इसके उपरांत पटना पुलिस खान सर के दोनों गार्ड को गिरफ्तार करती है और उनसे पूछताछ शुरू कर देती है और इस बीच पटना पुलिस खान सर को गिरफ्तार करने जाती है ताकि उनसे भी पूछताछ शुरू कर दिया जाए हालांकि खान सर को पटना पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाती है क्योंकि इनको बचाने के लिए वहां पर हजारों छात्रों का सैलाब खड़ा हो जाता है।

हालांकि जब पटना पुलिस खान सर के दोनों गर्दा से पूछताछ करती है तो उसमें गार्ड कहते हैं कि यह फायरिंग कोई और नहीं बल्कि इन्होंने की थी और वह भी खान सर के कहने पर खान कर ही थे जो अपने गर्दा से बोले थे कि तुम लोग फायरिंग करो बाकी जो होगा वह मैं देख लूंगा इसके खाने के बाद दोनों गार्ड्स ने भीड़ पर फायरिंग करना शुरू कर दिया

गाड़ियों के कथित बयान के बाद पटना पुलिस खान सर को गिरफ्तार करने के लिए जाती है हालांकि अपने कोचिंग सेंटर पर खान सर मौजूद नहीं मिलते हैं जिसके बाद पटना पुलिस खान सर की छानबीन शुरू कर देती है हालांकि खान सर इसी बीच अपने वकील अरविंद कुमार मौर्य खान सर को बचाने के लिए अदालत में एक याचिका दाखिल करते हैं जिसमें कहा जाता है कि खान सर ने जो बात कही थी वह घबराकर कहा गया था खान सर के गार्ड के ऊपर हुए हमले को देखकर खान सर अंदर से डर गए थे।

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हालांकि इसमें खान सर की कोई गलती नहीं है और ना ही खान सर ने किसी के ऊपर हमला किया है जिसमें वह किसी को चोट पहुंचा हो खान सर ने तो केवल आत्म सुरक्षा के लिए और अपने गार्ड की सुरक्षा के लिए ऐसा कदम उठाया था खान सर जो नहीं चाहते थे कि उनके गार्ड को बेरहमी से जो लोग मर रहे हैं उसकी मौत की घाट उतार दें उन लोगों से अपने गार्ड को बचाने के लिए खान सर ने ऐसा किया है यह कहना खान सर की वकील अरविंद कुमार मौर्य का था।

हालांकि सी बीच खान सर अदालत में हाजिरी लगाते हैं और अदालत से सारी बातचीत करने के बाद अदालत इनको मुक्त कर देता है और उनके ऊपर पटना पुलिस को कोई भी कार्रवाई करने से रोक लगा देता है इसके बाद खान सर फिर से अपने कोचिंग में छात्रों को पढ़ना शुरू कर देते हैं लेकिन यह मामला यहीं पर शांत नहीं होता।

रोशन आनंद के छात्रों ने उठाई आवाज

हालांकि खान सर को तो अदालत की ओर से मुक्ति मिल जाती है लेकिन इसके बीच रोशन आनंद पर कोई सुनवाई नहीं होती और उनको गिरफ्तार करके रखा जाता है जिसके बाद रोशन आनंद के छात्र अपने शिक्षक के इंसाफ के लिए आवाज उठाते हैं और उनका कहना होता है कि जब यह साबित हो गया कि यह फायरिंग खान सर नहीं करवाई थी तो हमारे शिक्षक रोशन आनंद को गिरफ्तार करके क्यों रखा गया है।

क्योंकि आप तो यही था कि रोशन आनंद ने यह फायरिंग करवाई है और उनके गार्ड के ऊपर भी यह हमला करवाया है हालांकि यह बात पूरी तरह साबित नहीं होती है कि जो लोग खान सर की गार्ड को लहूलुहान करते हैं वह रोशन आनंद के ही लोग होते हैं जिसके लिए रोशन आनंद के छात्र आवाज उठाते हैं हालांकि रोशन आनंद को लेकर कोई भी सुनवाई नहीं होती है और उनको गिरफ्तार करके ही रखा जाता है।

खान सर ने क्या कहा?

खान सर अदालत से मुक्ति पाने के बाद जब अपने छात्रों से मिलते हैं तो कहते हैं कि उसे समय में केवल अपने लोगों की सुरक्षा और गार्ड की सुरक्षा का सोच रहा था जिसके लिए मैं यह फायरिंग करवाया मेरा कोई भी उद्देश्य किसी को चोट पहुंचाना या फिर किसी को भड़काना नहीं था मुझे जो सही लगा वह मैंने किया और मेरे को बदनाम करने के लिए मीडिया ने एक कसर तक नहीं छोड़ी

खान सर भाऊ को कर कहते हैं कि जो आदमी पहले पूरे लोगों के लिए खान सर हुआ करता था वह मीडिया और कुछ लोगों की कहा पर फैजल खान बन गया और पूरी मीडिया मुझे बदनाम करने के लिए और मेरे कोचिंग को बंद करने के लिए अपना एड़ी से लेकर चोटी तक का दम लगा दी थी हालांकि मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि उनकी सरकार है और यह लोग कोचिंग तो बंद कर सकते हैं लेकिन मैं इन लोगों से पूछना चाहता हूं कि क्या यह कोचिंग इन लोगों ने दिया था अगर कोचिंग बंद भी हो जाएगा तो फिर से मैं शुरू कर लूंगा

खान सर अपने छात्रों से कहते हैं कि मुझे बदनाम करने के लिए जो इन लोगों ने चला चला था वह चला पुराना काम हो गया और मैं आज आप लोगों की वजह से ही आपके सामने खड़ा हूं देर से ही लेकिन हमेशा सच की जीत होती है और इसीलिए आज फिर से सच जीत चुका है खान सर ने अपने छात्रों से कहा कि हमेशा से मैं न्याय पर विश्वास किया और सरकार के प्रति अच्छी नीति और राय प्रकट की

खान सर ने बताया कि यह पूरा मामला नीट पेपर लीक से शुरू हुआ है क्योंकि जब नीट पेपर लीक हुआ था और 22 लाख बच्चों का भविष्य अंधकार में धकेला गया था तब वहां पर सबसे पहले मैं आवाज उठाया था मेरे साथ बहुत सारे शिक्षक थे जो इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे थे हालांकि मेरे प्रति बच्चों का बढ़ता प्यार कुछ लोगों को हजम नहीं हुआ जिसके लिए यह सब सारी चाल चलकर मुझे फसाने की कोशिश की गई।

खान सर ने कहा कि जो गलत है वह हमेशा गलत ही रहेगा और नीट पेपर लीक से लगभग 22 लाख बच्चों का भविष्य जो अंधकार में गया है उसके लिए मैं हमेशा आवाज उठाता रहूंगा जब तक मैं रहूंगा तब तक ना तो कोई गरीब बच्चा बिना शिक्षा का रहेगा और ना ही किसी के साथ अन्याय होगा मुझे लाख गिरने की लोग कोशिश करें लेकिन फिर भी मैं खड़ा रहूंगा।

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अंततः

खान सर की कोचिंग पर हुई फायरिंग में खान सर को तो अदालत की ओर से राहत मिल गई लेकिन अभी भी ज्ञान बिंदु के डायरेक्टर रोशन आनंद को गिरफ्तार करके रखा गया है उनसे पूछताछ की जा रही है हालांकि इसी बीच रोशन आनंद के छात्रों का कहना है कि उनका भारी नुकसान हो रहा है और उनको शिक्षक को जल्दी से जल्दी छोड़ दिया जाए क्योंकि उनके ऊपर जो आरोप लगा था कि यह फायरिंग रोशन आनंद नहीं करवाई है वह तो पूरी तरह झूठा साबित हो गई इसके उपरांत में पटना पुलिस को रोशन आनंद को छोड़ देना चाहिए

हालांकि रोशन आनंद के पक्ष में अभी तक कोई सटीक पुष्टि नहीं हुई है इसके उपरांत में यह कहा जा सके की रोशन आनंद गलत है जिस बयान पर रोशन आनंद को गलत साबित किया जा रहा था वह तो पूरी तरह झूठा साबित हो गया हालांकि जब तक पटना पुलिस की ओर से और अदालत की ओर से इस मुद्दे पर कोई बयान नहीं आ जाता तब तक इसमें कुछ भी कहा नहीं जा सकता है।

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          — समाप्त —    (The Ashirvad)

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