सूर्या हत्याकांड: मुस्लिम दोस्त बना हत्यारा, दोस्ती के आड़ में छुरेबाजी…  गाजियाबाद की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया

सूर्या हत्याकांड गाजियाबाद न्यूज थंबनेल, 17 वर्षीय सूर्या प्रताप चौहान हत्या मामला, पुलिस जांच और न्याय की मांग
17 साल के सूर्या की हत्या ने पूरे गाजियाबाद को झकझोर दिया। आखिर उस रात क्या हुआ था? कौन थे आरोपी? पुलिस जांच में क्या-क्या सामने आया? पढ़िए सूर्या हत्याकांड की पूरी कहानी और अब तक के सभी बड़े अपडेट।

उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद सूर्य हत्याकांड में दोस्त बना हत्यारा दोस्ती के आड़ में किया गया हत्या यह कोई पहली बार देखने को नहीं मिला है इससे पहले भी कोई ऐसी केस आए हैं जिसमें दोस्त ही दोस्त को जान से मार डाला है और ऐसा ही हुआ है सूर्य हत्याकांड में हालांकि यह हत्याकांड बाकी हत्या कांडों से बेहद ही शर्मनाक है। महज 17 साल के लड़के को जान से मार देना वह भी बिना किसी बात के

गाजियाबाद सूर्य हत्याकांड में आए दिन नए-नए खुलासे होते जा रहे हैं यह हत्याकांड जो एक दोस्त के द्वारा किया गया और वह भी एक मुस्लिम दोस्त के द्वारा जो बकरीद वाले दिन ही हलाला दिखाने के बहाने दोस्त को ही जान से मार डाला जहां पर सूर्य की कोई गलती भी नहीं थी वह तो बस अपने दोस्ती के लिए बकरीद वाले दिन अपने दोस्त से मिलने गया था।

क्या है पूरा मामला ?

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के खोड़ा इलाके में हुई 17 वर्षीय छात्र सूर्या प्रताप चौहान की हत्या ने पूरे प्रदेश में आक्रोश पैदा कर दिया है। कोई मीडिया रिपोर्ट और पुलिस के जांच से पता चला कि यह हत्या बस एक नॉर्मल विवाद पर हुआ सूर्य प्रताप का दोस्त जो की एक मुसलमान था वह सूर्य प्रताप को फोन करके बकरीद वाले दिन घर से बाहर बुलाया जब सूर्य प्रताप उससे मिलने गया तब उसने कहा कि क्या तुम बकरा हलाल होते हुए देखे हो

सूर्य प्रताप चौहान ने कहा कि मैं बकरा हलाल होते नहीं देखा और नहीं देखना चाहता हूं लेकिन वह मुसलमान दोस्त बार-बार कहता रहा कि मैं तुमको बकरा हलाल दिखाता हूं और ऐसा करके वह लड़के से कुछ बहस करने लगा। देखते ही देखते यह बहस काफी बढ़ गई और वह मुसलमान दोस्त अपने ही दोस्त को चाकू से लगभग 20 बार घोंप कर उसकी जान ले ली

यह मुसलमान दोस्त अकेला नहीं था इसके साथ तीन-चार और दोस्त आए हुए थे जो सूर्य प्रताप चौहान को अकेला पाकर चाकू घोंपकर उसकी हत्या कर दी बकरीद वाले दिन किए गए ऐसे घिनौने कार्य को देखकर पुरे सोशल मीडिया और पूरे जनता के अंदर आक्रोश का माहौल बन गया लोग इसके खिलाफ आवाज उठाने लगे और सड़कों पर निकाल कर आंदोलन करने लगे लोगों का कहना है कि यह मुसलमान दोस्त की चाल थी जो अपने हिंदू दोस्त को जान से मार दिया

कौन था सूर्या प्रताप चौहान?

सूर्य प्रताप चौहान उत्तर प्रदेश जिला गाजियाबाद के घोड़ा शहर का रहने वाला 17 वर्ष का एक छात्र था जो कक्षा 11 में पढ़ता था परिवारजनों के द्वारा और आसपास लोगों के द्वारा बताया गया कि यह पढ़ाई में काफी ज्यादा बढ़िया था इसकी रुचि पढ़ाई में थी और यह आगे चलकर भविष्य में कुछ बढ़िया कार्य करना चाहता था सूर्य प्रताप चौहान सरल और शांत स्वभाव का लड़का था जिसकी किसी से भी कोई दुश्मनी नहीं थी।

हालांकि 17 वर्षीय लड़के की दुश्मनी ना होने के कारण भी उसके ही दोस्त उसकी जान से मार कर उसकी हत्या कर दी सूर्य प्रताप जो केवल बकरीद वाले दिन अपने दोस्त के बुलाने पर ही उससे मिलने गया था लेकिन उसको क्या पता था कि यह मुलाकात उसकी आखिरी मुलाकात होने वाली है जो दोस्त उसको फोन करके बुला रहा है वही दोस्त उसकी जान से मारने की साजिश रच रहा है।

क्या हुआ था उसे दिन?

पुलिस जांच और कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सूर्या प्रताप चौहान 28 मई को अपने दोस्त से मिलने गया सूर्या प्रताप का दोस्त बकरीद वाले दिन उसको फोन करके घर से बाहर बुलाया सूर्य प्रताप के जाने पर दोस्त ने कहा कि तुम बकरा हलाल होते देखे हो सूर्या प्रताप ने साफ मना कर दिया कि मैं नहीं देखा और नहीं देखना चाहता हूं। बस इतने से ही बात को लेकर सूर्य प्रताप का दोस्त भड़क गया और दोनों के बीच कहां सनी होने लगी हालांकि सूर्य प्रताप का दोस्त के साथ चार लड़के और भी थे।

देखते ही देखते बात आगे बढ़ने लगी और सूर्य प्रताप का दोस्त जो कि मुसलमान था जिसका नाम असद था वह चाकू निकालकर सूर्या प्रताप पर हमला कर दिया और 20 बार चाकू घोंपकर असद और उसके दोस्त सूर्य प्रताप को जान से मार डाले। सूर्य प्रताप को लोगों ने उसको जख्मी हालत में देखकर अस्पताल तुरंत लेकर गए लेकिन अस्पताल के द्वार पर ही सूर्या प्रताप चौहान अपना दम तोड़ दिया।

पुलिस की कार्रवाई

इस घटना के बाद गाजियाबाद पुलिस ने अपनी तेजी दिखाते हुए इस पर तुरंत कार्रवाई करना शुरू कर दिया और देखते ही देखे कोई आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया हालांकि तब तक इस हत्या का मुख्य आरोपी असद फहर हो चुका था हालांकि इसकी और इसके साथियों के ऊपर पुलिस ने केस दर्ज करके जांच पड़ताल शुरू कर दी और धीरे-धीरे तीन आरोपियों को हिरासत में ले लिया

पुलिस की तेजी देखकर असद इधर-उधर भगत फिर रहा था हालांकि उत्तर प्रदेश पुलिस से असद ज्यादा देर चुप नहीं पाया पुलिस उसकी चप्पा चप्पा ढूंढ रही थी पुलिस के ऊपर आम जनता का प्रेशर और सरकार की दबाव ने इस कार्रवाई में और तेजी ला दी थी पुलिस जो इस घटना का मुख्य आरोपी था उसको हर जगह ढूंढने में लग गई

मुख्य आरोपी का एनकाउंटर

इस घटना में नया मोड़ कब आया जब इस घटना के मुख्य आरोपी असद को पुलिस लगातार ढूंढ रही थी तभी पता चला कि 31 मई की रात एक संयुक्त अभियान के दौरान असद को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई। पुलिस ने इस कार्रवाई को आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई बताया

मुख्य आरोपी का एनकाउंटर होने के बाद लोगों के अंदर उत्तर प्रदेश पुलिस और गाजियाबाद पुलिस को लेकर काफी ज्यादा संतुष्टि बढ़ गया लोगों का बोलना था कि पुलिस अपने स्तर पर इस घटना के आरोपी के ऊपर सही ढंग से कार्रवाई की है इस एनकाउंटर के बाद कुछ लोग इसका समर्थन करते हुए दिखे तो वहीं कुछ विपक्ष नेता इसका विरोध करते हुए गाजियाबाद पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस के ऊपर दबाव बनाते हुए निष्पक्ष और साफ सुथरा जांच की मांग करने लगे।

सूर्या के परिवार जनों की मांग

सूर्य के परिवार वालों का कहना है कि केवल एक आरोपी को सजा देने से कुछ नहीं होगा इस घटना में जितने भी आरोपी शामिल थे जिन्होंने उनके बच्चे को जान से मारा है या असद का साथ दिया है उनके साथ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए परिवार जनों के साथ जनता का भी यही मांग है कि सरकार इसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करें और जितने भी आरोपी इसमें शामिल थे उनको कड़ी से कड़ी सजा दिया जाए क्योंकि इन लोगों ने न केवल एक बच्चे की हत्या की है

बल्कि इन्होंने साबित कर दिया है कि हिंदू कभी मुसलमान के ऊपर भरोसा नहीं कर सकते क्योंकि जिस प्रकार से मुसलमान दोस्त अपने दोस्ती का बहाना देकर अपने ही हिंदू दोस्त को जान से मार दिया क्या पता उसे तरह और कितनी मौत देखने को मिलेगा इसलिए स्थानीय लोगों और परिवार जनों के साथ जितने भी हिंदू संगठन और जितने भी हिंदू लोग हैं उनका कहना है कि इन आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए

एक मुसलमान भी नहीं उठाई आवाज

इस घटनाक्रम के बाद पूरे सोशल मीडिया पर और आम जनता के अंदर इस बात को लेकर आक्रोश भरा हुआ है कि एक मुसलमान लड़का अपने ही हिंदू दोस्त का हत्या कर दिया और इसके खिलाफ अभी तक एक मुसलमान भी आवाज नहीं उठाया है कुछ हिंदू संगठन और लोगों का कहना है कि जब भी किसी मुसलमान के ऊपर आंच आती है। तो हिंदू समाज खुलकर उनके साथ देता है लेकिन जब एक हिंदू लड़के के साथ इतना घिनौना कार्य हुआ तो एक मुसलमान भी इसके खिलाफ आवाज नहीं उठाया

लोगों का कहना है कि कैसे कोई हिंदू मुस्लिम भाई-भाई कह सकता है जब एक मुसलमान ही एक हिंदू लड़के को अपने दोस्ती के आड़ में जान से मार दिया और उसके खिलाफ अभी तक एक मुसलमान आवाज नहीं उठाया फिर कैसे कोई हिंदू किसी मुसलमान के ऊपर भरोसा कर सकता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान

इस घटना की निंदा करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दोस्ती के आड़ में छुरेबाजी नहीं चलेगी अगर कोई दोस्ती के आड़ में अपने दोस्त की हत्या करता है, तो वह यह न सोचे कि उसको माफ किया जाएगा उसके साथ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। योगी आदित्यनाथ ने उन अभिभावकों को भी चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग अपने नालायक बच्चों को संभाल नहीं पा रहे हैं और किसी की हत्या करने के लिए खुलेआम छूट दे रखा है।

उनको समझना चाहिए कि यह उत्तर प्रदेश है जहां पर माफिया और गुंडों को हमारी सरकार मिट्टी में मिलने का कार्य करती है यहां पर रहना है तो नियम कानून के साथ शांतिपूर्वक रहना पड़ेगा उत्तर प्रदेश जो एक शांति प्रदेश की ओर बढ़ रहा है उसको अगर कोई भंग करने की कोशिश करेगा तो उसके साथ भी कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

अंततः

सूर्या प्रताप चौहान हत्याकांड केवल एक आपराधिक घटना नहीं बल्कि समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी भी है। की कैसे दोस्ती की आड़ में किसी की हत्या कर दी जाती है कैसे एक मुसलमान दोस्त अपने ही दोस्त की हत्या कर देता है जिसे दोस्त की कोई गलती भी नहीं होती है।

इस हत्याकांड को लेकर अभी गाजियाबाद पुलिस और उत्तर प्रदेश पुलिस पूरी तरह इसके जड़ तक तहकीकात कर रही है और जितने भी लोग इसके पीछे छिपे बैठे हैं उनको घसीट कर बाहर निकलेगी और कड़ी से कड़ी सजा देगी ऐसा पुलिस प्रशासन का कहना है गाजियाबाद पुलिस जो इस घटनाक्रम के बाद काफी तेजी में आ चुकी है और जितने भी लोग इस घटना में शामिल थे उनके ऊपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर रही है।

Disclaimer: यह लेख विभिन्न समाचार रिपोर्टों और उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी है, इसलिए अंतिम निष्कर्ष अदालत के निर्णय के बाद ही माना जाना चाहिए।

          — समाप्त —     (The Ashirvad)

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