दिल्ली: ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच सीजफायर का ऐलान तो हो गया है लेकिन इसके बावजूद भी मिड लिस्ट में शांति नहीं बन रही है। हाल ही में इजरायल ने लेबनान की राजधानी बरुत सहित कई इलाकों में हमला कर दिया जिससे 254 लोगों की मौत हो गई और 1160 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने कहा कि लेबनान को सीजफायर में शामिल नहीं किया जाएगा।
क्या है पूरा मामला ?
दरअसल पिछले कुछ दिनों से इजरायल और लेबनान के बीच भी संघर्ष तेज हो गई है रिपोर्ट के मुताबिक इजरायल लगातार लेबनान के कई इलाकों में बंमबारी कर रहा है और इस हमले की वजह से सैकड़ो लोगों की जान चली गई है और हजारों लोग पूरी तरह से घायल हो गए हैं।
हालांकि इसी बीच ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए बोला है कि अगर इजराइल लेबनान पर हमला बंद नहीं करता है, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए बोला कि उसको पता है, कि अमेरिका इस हमले में इजराइल का पूरा साथ दे रहा है। ऐसे में अमेरिका वास्तव में शांति चाहता है तो या तो सीजफायर को पालन करें या फिर इजरायल के साथ खड़ा होकर तबाही का इंतजार करें।
ईरान देगा इजरायल को हमले का दंड
ईरान ने लेबनान के ऊपर इजरायल द्वारा किए गए हमले को लेकर अपना आक्रोश जताया ईरान के अधिकार ने बोला की सीजफायर में लेबनान भी शामिल है और इजरायल ने जो किया वह ठीक नहीं किया, इजरायल ने सीजफायर के नियमों का उल्लंघन किया है।
ईरान के अधिकारी ने कहा कि इजरायल को हमेशा से नियमों को तोड़ने के लिए जाना जाता है,और इसने जो सीजफायर के बीच किया है उसके लिए इस्को दंडित अवश्य किया जाएगा, इजरायल केवल गोलीयों के बात ही समझता है, और इसको उसी के भाषा में समझाया जाएगा।
अमेरिका क्यों है चुप ?
इस मामले पर अमेरिका अभी तक चुप्पी साधकर बैठा है और अभी तक अमेरिका आधिकारिक तौर पर कोई बयान नहीं दिया है आमतौर पर अमेरिका और इसराइल जो भी कुछ करते हैं उसे पर ईरान की प्रतिक्रिया तुरंत सामने आती है लेकिन इसराइल के इस हमले पर अमेरिका अभी तक शांत बैठा है हालांकि ईरान को साफ बोलना है कि इस हमले में अमेरिका भी इजराइल का साथ दे रहा है।
इस हमले पर ट्रंप का तो प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिला मगर अमेरिकी अधिकारियों ने जरूर बोला है कि वह क्षेत्र में युद्ध विराम और तनाव को कम करने का हर संभव कदम उठा रहे हैं अमेरिका का बोलना है कि इसका मुख्य उद्देश्य है मिड लिस्ट में स्थिरता बनाए रखना लेकिन विशेषज्ञों का बोलना है कि अगर इजरायल युद्ध को विराम नहीं करता और ईरान इसमें उलझता रहता है तो अमेरिका को भी सीधे तौर पर शामिल होना पड़ सकता है।
ईरान ने इजरायल पर साधा निशाना
ईरान ने इजरायल पर निशाना साधते हुए बोला कि अमेरिका और ईरान के बीच हुए नाजुक युद्ध विराम जिसमें दो सप्ताह के लिए शत्रुता को रोकने के लिए सीजफायर किया गया और इसका उल्लंघन इजरायल कर रहा है और होर्मुज जलडमरूमध्य में नए सिरे से तनाव पैदा करने की कोशिश कर रहा है जो फिर से खतरे का कारण बन सकता है।
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आगे क्या हो सकता है ?
अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच स्थिति अभी भी बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है इसके बीच भले ही सीजफायर का प्रस्ताव पूर्ण हुआ हो मगर ईरान का सीजफायर वाली शर्त इस संघर्ष को और तनावपूर्ण बना दी है।
और सबकी नजर बस इस बात पर टिकी है कि जब सीजफायर का प्रस्ताव अमेरिका इजरायल और ईरान के बीच रखा गया है और जब ईरान के शर्तों पर भी ध्यान दिया जा रहा है तो कितने देश इस बात को मानेंगे और क्या इसराइल लेबनान पर हमला करना बंद करेगा।
— समाप्त — (The Ashirvad)
