दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने कई देशों के ऊपर अपनी उदारता दिखाई है, और एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है जिसे इस फैसले से कई देश राहत भरी सांस ले रहे हैं। यह निर्णय कई देशों की डगमगाती अर्थव्यवस्था के लिए बहुत बड़ी राहत का कार्य करने वाली है। ईरान के इस फैसले को देखकर Strait of Hormuz की वजह से आ रही दिक्कत को खत्म करने में बेहद मदद मिलने वाली है।
होर्मुज से क्या थी दिक्कत ?
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के वजह से ईरान ने अपनी सैन्य ताकत के बदौलत होर्मुज से गुजरने वाले सारे समुद्री जहाज के ऊपर प्रतिबंध लगा दिया और इसी कारण से जितने भी देश जो अपने देश के जरूरी सामग्री तेल, गैस जैसी पदार्थों को होर्मुज के रास्ते अपने देश में लेकर आते थे उनको भारी नुकसान होने लगा।
होर्मुज में फंसे इन जहाजों को और इन पर लगे प्रतिबंध की वजह से कई देश अपने जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ रहते थे, और इसी कारण से इन देशों की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ रहा था। कोई देशों के पास गैस और तेल की उपलब्धता पर गहरा असर पड़ने लगा जिस कारण से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
ईरान का महत्वपूर्ण फैसला
लेकिन अब ईरान इस दिक्कत से सारे देश को मुक्त कर दिया है ईरान ने इन सारी देशों की दिक्कतों को देखते हुए फैसला किया है, कि जितने भी दूसरे देशों के जहाज हैं जो होर्मुज के जरिए अपने देश में जरूरी सामग्री जैसे: तेल, गैस या फिर मानवीय सहायता लेकर जाने वाले जहाज पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।
जितने भी देश इस होर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर निर्भर हैं और अपने जरूरत की जहाजों को इस समुद्र मार्ग से आवाजाही होती है उनको पूरी अनुमति दिया जाएगा ताकि वह बिना किसी बाधा के अपनी जरूरत को पूरा करसके।
दूसरे देशों की प्रतिक्रिया
जब से ईरान इस महत्वपूर्ण फैसले का ऐलान किया है तब से सारे देशों के भीतर एक खुशी का माहौल छा गया है। क्योंकि जब से ईरान ने इस समुद्री मार्ग को अपने कब्जे में लेकर उस पर सारे देशों के जहाज को आने-जाने पर प्रतिबंध लगा या था तब से सारे देश में एक निराशा का माहौल बन गया था। क्योंकि दुनिया का एक बहुत बड़ा हिस्सा का तेल और जरूरी वस्तु इस समुद्र मार्ग से होकर गुजरती थी।
लेकिन ईरान की प्रतिबंध से सब कुछ आना जाना रुक गया था और इन कई देशों को भारी संकट का सामना करना पड़ रहा था लेकिन अब जब से ईरान ने इस प्रतिबंध को हटाया है तब से सारे देशों ने एक राहत भरी सांस ली है, और ईरान को धन्यवाद जताया हैं।
क्योंकि बिना इजाजत का अगर कोई अपना जहाज़ ले जाने की चेष्टा करता तो वह इस युद्ध में क्षतिग्रस्त हो जाता
ईरान ने क्यों होर्मुज पर किया कब्जा ?
28 फरवरी को इसराइल और अमेरिका द्वारा तेहरान पर किए गए हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता और अल्ली खामेनेई की मृत्यु हो गई और इसी की आक्रोश में आकर ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना पूरा नियंत्रण कर उसको कब्जे में कर लिया।
और अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठनों ने बताया कि जहां पहले प्रतिदिन 125 से ऊपर जहाज इस रास्ते से गुजरती थी वही प्रतिबंध के कारण 2000 जहाज उसे रास्ते पर फस गई जिस पर 20000 से ज्यादा लोग फंस चुके थे।
ईरान के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य
ईरान ने यह फैसला किसी अंतरराष्ट्रीय दबाव में नहीं बल्कि आम जनता के परेशानी को मध्य नजर रखते हुए लिया है। ईरान का बोलना है कि इस प्रतिबंध से आम जनता को बेहद दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है जिसको अब दूर किया जा सकता है।
ईरान के इस फैसले का 3 महत्वपूर्ण कारण हैं।
पहला कारण यह है, कि क्षेत्र में बढ़ते दबाव के बीच भी देश के जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति को जारी रखा जाएगा
दूसरा कारण है, कि जितनी भी मानवीय सहायता से जुड़े जहाज हैं उनको बिना किसी दिक्कत का सुरक्षित रास्ता दिया जाएगा
वहीं तीसरा कारण है, कि ईरान पूरे देश को यह संदेश देना चाहता है कि इस संकट के समय भी मानवीय सहायता और जरूरी वस्तुओं की जहाज को किसी तरह की बाधा नहीं दिया जाएगा।
होर्मुज से अन्य देशों पर संकट
Strait of Hormuz: एक ऐसा समुद्री मार्ग है जिस रास्ते से दुनिया का लगभग 20% तेल आपूर्ति इसी रास्ते के जरिए पूरी की जाती है तेल निर्यात करने वाले कई बड़े देश जैसे सऊदी अरब, इराक, कुवैत और कई संयुक्त अरब देश इसी रास्ते से बड़ी मात्रा में तेल भेजते हैं।
और अगर इस मार्ग में कोई बाधा आती है तो तेल और सामग्री निर्यात से लेकर आयात करने वाले देशों के ऊपर संकट के काले बादल मंडराने लगते हैं।
अंततः
मिडिल ईस्ट के बढ़ते तनाव के बीच कई दशो के दिक्कतों को मध्य नजर रखते हुए ईरान ने जो फैसला लिया है और स्टेट ऑफ होर्मुज से जो प्रतिबंध हटाया है, उसको महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।
लेकिन इस फैसले के बावजूद भी पूरी दुनिया की नजर बस एक बात पर टिकी है कि क्या यह समुद्री मार्ग से बांधा हमेशा के लिए दूर हो जाएगा या फिर से इस पर रोक लगने की संभावना और बढ़ जाएगी।
— समाप्त — (The Ashirvad)
