पाकिस्तान में लश्कर-ए-तैयबा के कमांडर बिलाल आरिफ को पहले गोली मारकर और फिर खंजर घोंप कर की गई हत्या।

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दिल्ली: शनिवार (21 मार्च) को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख कमांडर बिलाल आरिफ सलाफी की हत्या कर दी गई हमलावरों ने पहले गोली मारकर की हत्या और फिर उसके बाद मौत की पुष्टि के लिए खंजर से घोंप कर देखा।

हमला कैसे हुआ?

इस हमले के पीछे वास्तविक वजह की अभी तक पुष्टि नहीं किया गया है लेकिन कुछ नामचीन बड़े सोशल मीडिया के छपी रिपोर्ट के मुताबिक बताया गया कि यह हमला संगठन के अंदरूनी मतभेद या बाहरी दुश्मनों की कार्रवाई का नतीजा हो सकता है। बिलाल का यह हत्या स्थानीय लोगों के अंदर डर का माहौल बना दिया है।

यह हमला वहां पर हुआ जहां लश्कर-ए-तैयबा का हेड क्वार्टर था उस जगह को सबसे सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इतनी सुरक्षित जगह होने पर भी हमलावरों ने बिलाल को मौत के घाट उतार दिया।

बिलाल आरिफ सलाफी कौन था?

बिलाल आरिफ आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख कमांडर था इसका इस संगठन में बड़ा भूमिका था यह संगठन में भर्ती और ट्रेनिंग से जुड़ा हुआ था युवाओं को कटरपंत की ओर आकर्षित करना और उन्हें संगठन से जोड़ना उसकी जिम्मेदारी थी। इस कारण से बिलाल इस संगठन के लिए एक रीड की हड्डी कि तरह था।

लोगों की प्रतिक्रिया

सोशल मीडिया पर लोगों ने इस घटना की तुलना बॉलीवुड की प्रसिद्ध फिल्म “धुरंधर” के एक सीन से कर रहे हैं, हालांकि इस घटना का क्रम धुरंधर फिल्म से कोई ताल्लुक नहीं रखता बाकी इस घटना से आतंकी संगठनों के पसीने निकल रहे हैं और यह खुद को और सतर्क और मजबूत करने में जुड़ चुके हैं।

सबका बोलना है कि जब इतने बड़े आतंकी संगठन के प्रमुख कमांडर को इतनी बड़ी सुरक्षा के बीच निशाना बनाया जा सकता है तो बाकी के लोगों को इससे और सतर्कता बरतनी पड़ेगी इस घटना से स्थानीय लोगों को गंभीर डर का माहौल का सामना करना पड़ रहा है। इस घटनास्थल के लोग और खासकर लश्कर-ए-तैयबा संगठन में मौजूद लोगों को अब डर सता रही है कि अगला नंबर किसका हो सकता है?

पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों का प्रभाव।

इस घटना के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसी अलर्ट हो गई है और जांच शुरू कर दिया गया है लेकिन इसके बावजूद भी अभी तक हमलावरों का कोई सुराग इन एजेन्सीज को हाथ नहीं लगा है। जिसे यह साबित हो सके कि यह हमला के पीछे की वजह क्या है क्या यह एक सिर्फ हत्या है? या फिर एक बड़े संगठन के नेटवर्क की ओर बदले की आग का इशारा कर रहा है।

निष्कर्ष

बिलाल आरिफ सलाफी की यह हत्या कोई सामान्य हत्या नहीं है बल्कि इतने बड़े संगठन के कमांडर और इतनी सुरक्षा के बीच भी हत्या कर देने की आतंकियों संगठन को एक खुलेआम चुनौती है जिसे यह साफ बताया जा रहा है कि अब हर आतंकी संगठन का अंजाम क्या हो सकता है।

          — समाप्त —     ( The Ashirvad )

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