ईरान पर इजरायल और अमेरिका ने हमला कर दिया है सुबह से ही राजधानी तेहरान समिति कई इलाकों में धमाकों की गूंज सुनाई दे रही है सारा शहर धुआ धुआ हो गया है।

दिल्ली: हफ्तों से जारी तनातनी और नाराजगी के बीच ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने मिलकर एक साथ हमला कर दिया है, ईरान की राजधानी तेहरान में शनिवार सुबह से ही धमाकों की गूंज सुनाई दे रही है, पुरी इलाकों में धुआं और धुआं हीं दिख रहा है। कई इमारतों से काला धुआं उठता दिख रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, दोनों ही इन हमलों को खुद पर खतरा बताते हुए जरूरी बताया है. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि ‘हमने ईरान के खिलाफ पहले हमला किया, ताकि इजरायल के लिए खतरे दूर हो सकें।
सुबह राजधानी तेहरान में बड़े धमाके सुने गए लेकिन अभी तक किसी के हताहत होने की कोई जानकारी नहीं मिली है. बताया जा रहा है कि तेहरान के अलावा इस्फहान, कजर और करमानशाह जैसे बाकी ईरानी शहरों में भी हमला हुआ है, और हमलों में काफी नुकसान हो रहा है।
महीनों से चल रही थी हमले की प्लानिंग।
ईरान के चारों ओर कई दिनों से अमेरिका अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ा रहा था. हमले के बाद ट्रंप ने कहा कि ‘कुछ समय पहले अमेरिकी सेना ने ईरान में बड़ा ऑपरेशन शुरू किया है. हमारा मकसद ईरानी सरकार से आने वाले खतरों को खत्म करके अमेरिकी लोगों की रक्षा करना है, जो बहुत ही सख्त और भयानक लोगों का ग्रुप है. इसकी खतरनाक गतिविधियां सीधे तौर पर अमेरिका, हमारे सैनिकों, विदेशों में हमारे बेस और दुनिया में हमारे सहयोगियों को खतरे में डालती हैं। और इसी कारण से हमें ऐसा क़दम उठाया है, जिसे आनेवाले समस्या को हमेशा के लिए रोक दिया जा सके।
वहीं, इजरायली डिफेंस के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी रॉयटर्स को बताया कि ‘ऑपरेशन की तारीख महीनों पहले से की जा रही थी और हमले की तारीख हफ्तों पहले तय की गई थी.’ जबकि, ईरान का कहना है कि इन हमलों का सख्ती से जवाब दिया जाएगा, इस युद्ध में ईरान अपने शक्ति का प्रदर्शन दुनिया को दिखाना चाहता है। वो पिछे हटने और युद्ध को रोकने के पक्ष में बिल्कुल नहीं दिखाई दे रहा।
ईरान-इजरायल युद्ध: अब तक क्या-क्या हुआ है।
ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई के दफ्तर के पास हवाई हमला हुआ है. हालांकि, रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई को पहले ही तेहरान से निकालकर सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है. अमेरिका के साथ तनाव बढ़ने के कारण उन्हें कई दिनों से सार्वजनिक कार्यक्रमों में नहीं देखा गया था, और अब युद्ध के समय इनको सुरक्षित जगह पर पहुंचा दिया गया है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान पर हमलों के बाद एक बयान जारी किया है. उन्होंने कहा कि ‘कुछ घंटे पहले इजरायल और अमेरिका ने ईरान में आतंकी शासन से पैदा हुए अस्तित्व के खतरे को दूर करने के लिए एक ऑपरेशन शुरू किया है। जिससे इस आतंक कि जड़ को उखाड़ फेका जा सकें।
सुत्रो के खबर के मुताबिक ईरान पर उसके बैलिस्टिक मिसाइलों के ठिकानों सहित सरकारी और सैन्य ठिकानों पर हमले किए जा रहे हैं। और इस हमले में कइ सैन्य ठिकानों को भी ध्वस्त कर दिया गया है।
तेहरान में हमलों के बाद ईरान और इजरायल दोनों ने कमर्शियल फ्लाइट्स के लिए अपने एयरस्पेस को बंद कर दिया है इजरायल ने इमरजेंसी भी घोषित कर दी है। अब ऐ जंग ईरान और इजरायल से आगे बढ़ चुकी है. कतर में मोबाइल फोन पर वॉर्निंग अलर्ट मिल रहे हैं और लोगों को सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की गई है. कुवैत में भी सायरन और धमाके सुने गए हैं. कुवैत में अमेरिकी सेना का बेस भी है। और अब सरकार वाहा के लोगों को सुरक्षित रहने कि आग्रह कर रही है।
ईरान में अमेरिकी हमले के बाद रूस के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, ‘ईरान के साथ नेगोशिएशन सिर्फ दिखावा था और ऐ एक कवर ऑपरेशन है. किसी को इस पर शक नहीं था. असल में कोई भी कुछ भी बातचीत नहीं करना चाहता था.’
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका-इजरायल की जॉइंट स्ट्राइक के बाद ‘अपने देश की रक्षा करने का समय आ गया है। और अब इस पर अपनें देश कि सुरक्षा और भी मजबूती से बढ़ाया जाए।
— समाप्त — (The Ashirvad)
