नई दिल्ली: मानसून सत्र के कुल 19 बैठक के बाद 13 अगस्त को संसद को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्रवाई को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। 20 जुलाई से 13 अगस्त तक कुल 19 बैठक हुआ था इस 19 बैठक में कल 12 बिल पास हुआ
इस मानसून सत्र में सरकार की ओर से कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराए गए। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, दोनों सदनों ने कुल 12 विधेयकों को पारित किया। इनमें Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Amendment Bill, Tribunals Reforms Bill, Taxation and Other Laws (Amendment) Bill और Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Bill जैसे विधेयक शामिल रहे।
12 बिल पास, लेकिन बहस को लेकर सवाल
संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्त को खत्म हुआ। करीब चार हफ्ते चले इस सत्र में लोकसभा ने 12 बिल पास किए। लेकिन इन बिलों पर सांसदों की भागीदारी बेहद कम रही। 9 बिल ऐसे थे, जिन पर संबंधित मंत्री के अलावा किसी सांसद ने बात नहीं की। मॉनसून सत्र के 19 दिनों में लोकसभा में सांसदों ने कुल मिलाकरः 12 घंटे 8 मिनट ही बात की। 2024 में मौजूदा लोकसभा के चुने जाने के बाद से यह किसी भी सत्र में सांसदों के बोलने का सबसे कम कुल समय है।
लोकसभा में हुई बहस के बीच कुल 487 सांसदों ने भागीदारी ली जिसमें से 430 सांसदों ने किसी भी बल पर कोई भी बात नहीं बोली जबकि वहीं 57 सांसदों ने कुछ दिलों पर अपनी बात रखते हुए अपनी भागीदारी जाते यानी करीब 487 सांसदों ने जो लोकसभा में उपस्थित थे उनमें केवल 57 लोगों ने ही बोलकर सबसे कम भागीदारी जताने वाला रिकॉर्ड बना दिया यानी करीब 88% सांसदों ने किसी भी बिल को लेकर कोई भी बात नहीं बोली
सबसे बड़ी हैरानी की बात है कि सुप्रीम कोर्ट में चार नए जज जोड़ने पर जिसका समय 4 घंटा निर्धारित किया गया यह बिल केवल 4 मिनट में ही पास कर दिया गया इस बिल को पास करने वाले मंत्री के अलावा इस बिल पर कोई भी मंत्री या सांसद ने बात तक नहीं किया
और केवल सुप्रीम कोर्ट वाला बिल ही नहीं बल्कि इससे मिलता-जुलता कई और बिल है जो कुछ मिनट में ही संसद से पास कर दिया गया जिस पर किसी भी मंत्री ने कोई भी सवाल तक नहीं किया और बिलों को बड़ी आसानी से पास कर दिया गया
एक बिल ने खींचा लोगों का ध्यान
सत्र में जितने भी बिल पास किए गए उनमें से एक अकेला ऐसा बिल था जिस पर लंबा बहस किया गया जिसको पास करने के लिए भी कई अड़चन आई और वह बिल था पेपर लीक को रोकने के लिए और इस पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए बनाया गया बिल। इस बिल पर करीब 48 से अधिक सांसदों ने बहस किया यह बहुत करीब 11 घंटा चला जो कि पूरे सत्र का सबसे लंबा बहस किया जाने वाला समय बताया गया
इस दिल लेना केवल 11 घंटे का लंबा सफर तय किया बल्कि सारे बिलों में सबसे लंबा बहस करने वाला इकलौता ऐसा बिल बन गया जिसको पास करने में कई अड़चनें भी आई इस पर लगातार कई सवाल भी खड़े किए गए इसके बावजूद भी इस बिल को पास करवाया गया
पेपर लिक को रोकने के लिए जो बिल बनाया गया है उसे पर राष्ट्रपति का भी मंजूरी मिल चुका है जिसके बाद यह बिल कानूनी रूप से अपना अधिकार जमा लिया है और इसके साथ दो और भी ऐसे बिल है जिसको राष्ट्रपति की ओर से मंजूरी मिल चुकी है जिसके बाद यह तीनों ही बिल अपना कानूनी अधिकार जमाते हुए जमीनी स्तर पर कार्य में दिखेंगे
राज्यसभा में जी बिल को लेकर सबसे ज्यादा बहस किया गया उसे बिलों पर लोकसभा में कोई खास प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली निर्धारित समय अनुसार भी इस बिल पर कोई लंबा बहस देखने को नहीं मिला।
संसद का मानसून सत्र तो खत्म हो गया लेकिन इसने अपने पीछे कई सवाल खड़े कर दिए इस सत्र में 12 बिल पास हुए जिसमें से 9 बिलों पर मंत्रियों के अलावा किसी भी सांसद ने एक एक शब्द तक नहीं बोला 487 सांसदों में से 430 सांसदों ने किसी भी बल पर कोई भी बात नहीं बोली और ना ही कोई प्रश्न किया
संसद को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किया गया
संसद में मानसून सत्र खत्म हो चुका है और 13 अगस्त को राज्यसभा और लोकसभा के कार्यों को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है। सदन की अगली बैठक निर्धारित समय पर किया जाएगा। सदन के आखिरी दिन भी राजनीतिक तनाव देखने को मिला जहां पर लास्ट के दिन ही संसद में पहली बार वंदे मातरम गया गया और उसी दिन ही संसद को स्थगित कर दिया गया
लोगों ने सवाल करना शुरू कर दिया कि सदन के आखिरी दिन ही वंदे मातरम गाया गया और उसे दिन ही सदन के कार्यों को स्थगित कर दिया गया जिस पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
गृह मंत्री पर उठे सवाल?
लंबे समय सदन से दूर रहने के बाद प्रधानमंत्री और गृह मंत्री 13 अगस्त के दिन सदन में उपस्थित हुए और उसे दिन ही सदन के कार्यों को स्थगित कर दिया गया जिसके बाद विपक्ष के द्वारा कई सारे सवाल खड़े किए गए विपक्ष ने दावा किया कि कोई दिन प्रधानमंत्री गृह मंत्री सदन से भागते हुए रहे और जब आखिरी दिन आया तो सदन के कार्यों को स्थगित कर दिया गया
गृह मंत्री जो पहले सदन में नीट पेपर लीक पर हुए विवाद को लेकर अपना बात रखने की अनुमति मांग रहे थे वह सदन के आखिरी दिन इस पर कुछ नहीं बोले, जिसे विपक्ष ने कहा कि यह प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का रचा रचाया खेल है। आखिरी दिन आए और आखिरी दिन ही सदन के कार्यों को स्थगित कर दिया गया
अंततः
लोकसभा और राज्यसभा से 12 बिल पास किए गए जिसमें से तीन बिल को राष्ट्रपति के द्वारा पास किया गया है इन 12 बिलों में 487 सांसदों में से 430 सांसदों ने एक शब्द तक नहीं बोला जबकि 57 सांसदों तीन बिल पर लगातार बहस किया जबकि एक बिल जो पेपर लीक मुद्दे पर बना हुआ था जिससे भविष्य में पेपर लीक जैसे समस्याओं से छुटकारा पाया जा सके उसे पर लंबा बहस हुआ जो सदन का सबसे लंबा बहस किए जाने वाला बिल बन गया
दिलचस्प तो उसे बिल पर हुई जीस बिल के लिए चार घंटा समय निर्धारित किया गया लेकिन उस बिल को पास किया गया केवल और केवल 4 मिनट में और वह बिल था सुप्रीम कोर्ट में नए जज को बढ़ाना जी बिल को 4 घंटे का समय दिया गया उसकी केवल 4 मिनट में ही पास कर दिया गया और इस पर कोई भी मंत्री ने एक शब्द नहीं बोला
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