The Ashirvad के द्वारा प्रस्तुत :
अयोध्या: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी को लेकर अभी काफी बवाल मचा हुआ है जनता सरकार से सवाल कर रही है कि आखिर कितने रुपए का चोरी हुआ है और कितने सोने और चांदी प्रभु श्रीराम के मंदिर से गायब हैं। हालांकि इसी बीच एक नया खुलासा हुआ है जिसको लेकर पूरे भारत में चर्चा बना हुआ था की क्या प्रभु श्री राम का चढ़ाया हुआ चांदी का हार चरण पादुका और काकभुशुंडी जी भी चोरी हो गए हैं।
इस मचे हुए बवाल को लेकर और पूरे मीडिया और सोशल मीडिया पर चल रहे इस सवाल के बीच अयोध्या राम मंदिर के ट्रस्ट ने एक बड़ा खुलासा किया है और ट्रस्ट की ओर से चांदी का हार, चरण पादुका, काकभुशुंडी और सोने से बना हुआ रामचरितमानस का भी खुलासा किया गया जिसमें पूरे मीडिया के सामने ट्रस्ट ने दिखाया कि यह सारी चीज जो प्रभु श्री राम को भेंट स्वरूप चढ़ाया गया था वह ट्रस्ट के सुरक्षित स्थान पर रखा हुआ है और यह चोरी नहीं हुआ है।
ट्रस्ट ने किया बड़ा खुलासा
प्रभु श्री राम के भेंट स्वरूप इन सारे आभूषणों का जब ट्रस्ट ने खुलासा किया तब ट्रस्ट से एक और सवाल लोगों ने करना शुरू कर दिया कि क्या यह सारी दिखाई हुई चीज असली है क्या इनको भी बदल नहीं गया है क्योंकि कई मायने में ऐसा देखने को मिला था कि सोने और चांदी के आभूषणों के जगह पर नकली आभूषण रखकर उनका उठा लिया गया था इसी के कारण लोग ट्रस्ट से सवाल करने वालों की क्या यह भी तो नहीं बदल गया हालांकि ट्रस्ट ने इस बात का पुष्टि करते हुए कहा कि यह सारी चीज ओरिजिनल ही है।
प्रभु श्री राम को जितने भी प्रकार का भूषण चढ़ाया गया है वह पूरी सुरक्षित है और पूरी तरह से ओरिजिनल है असली आभूषणों के साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं किया गया है यहां तक की प्रभु श्री राम ने जो आभूषण धारण किए हैं वह भी सुरक्षित है हालांकि ट्रस्ट ने यह भी बताया कि इन सब की गुणवत्ता की जांच करके आप सबके सामने इसकी पुष्टि की जाएगी तब तक यह सारी चीज ट्रस्ट के निगरानी में है और सुरक्षित हैं।
कितने करोड रुपए का हुआ था चोरी?
सरकार की ओर से गठन किया गया SIT कमेटी ने जब इसके जड़ तक तहकीकात किया तब पता चला कि लगभग 200 करोड रुपए का कैश चोरी हुआ है जबकि कई सोने और चांदी के आभूषण भी गायब हैं इस मामले में उत्तर प्रदेश सरकार ने एसआईटी के माध्यम से आठ आरोपियों के ऊपर कार्रवाई की इसमें से कोई ऐसी आरोपी थे जो ट्रस्ट के अध्यक्ष चंपत राय से गहरा ताल्लुक रखते थे और उन सभी के घर लाखों रुपए बरामद किए गए।
एसआईटी ने यह भी बताया कि मंदिर के नाम पर जो जमीन खरीदी गई थी वह अपने वास्तविक मूल्य से कई गुना अधिक दर पर खरीदा गया जैसे कई ऐसे जमीनी थी जिसका मूल्य ₹2,50,000 था उसको 2 करोड़ 50 लाख में खरीदा गया और ऐसा करके लगभग 60 से 65 करोड रुपए का जमीन पर धोखाधड़ी किया गया। खुलासा में यह भी साबित हुआ कि यह जितने भी जमीन के खरीदी और बिक्री किया जा रहा था वह तय किए गए दामों से कई गुना अधिक मूल्य पर खरीदा जा रहा था।
2022 से हीं हो रहा था चोरी ?
जब एसआईटी ने इसके जड़ तक तहकीकात किया तो पता चला कि यह चोरी आज से नहीं बल्कि 2022 से ही हो रहा था हालांकि इसका भनक पहले ही ट्रस्ट को लग गया था लेकिन जब ट्रस्ट का चेयरमैन भी शामिल था तो इस बात का खुलासा कैसे होता हालांकि धीरे-धीरे जब इसकी जड़ तक पहुंच गया तो पता चला कि यह एक लोगों का काम नहीं है बल्कि जितने भी लोग इसमें कम कर रहे थे लगभग सभी लोग एक दूसरे को जानते थे और एक दूसरे की मदद इस चोरी में कर रहे थे।
जब छानबीन किया गया और आरोपियों से पूछताछ की गई तब पता चला कि इन आरोपियों की सैलरी ₹12000 थी लेकिन यह लोग कुछ ही सालों के अंदर 50 लाख 60 लख रुपए तक इकट्ठा कर लिए थे जो कि केवल और केवल मंदिर से चंदा चोरी करके ही किया गया था। एक आरोपी जो 25 लख रुपए का तो केवल घर बनवाया था और उसके घर से लगभग 35 लख रुपए नगद बरामद किया गया
लोगों की मांग, आरोपी को मीले कड़ी सजा
लोगों ने जब देखा कि प्रभु श्री राम के मंदिर में चढ़ाया गया चंदा चोरी हो रहा है तब लोगों के भावनाओं को ठेस पहुंचा और पूरी जनता एक साथ आवाज उठाने लगी कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए क्योंकि यह हमारे आस्था के साथ खिलवाड़ हो रहा है हम लोग जो प्रभु श्री राम के मंदिर में जाकर उनके सामने अपने इच्छा के अनुसार जो कुछ भी चढ़ावा देते हैं वह लोग बड़ी आसानी से चोरी कर ले जा रहे हैं।
इन लोगों को सरकार कड़ी से कड़ी सजा दे और जितने भी लोग इसमें शामिल हैं उन सबको पद से हटाया जाए क्योंकि जो लोग मंदिरों में चढ़ावा चोरी करते हैं वह लोग धर्म के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और जितने भी श्रद्धालु अपनी श्रद्धा से भगवान के आस्था पर विश्वास रख के जो कुछ भी चढ़ावा देते हैं उनका यह लोग चोरी करके अपमान कर रहे हैं ऐसे में इनको कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए
सरकार की प्रतिक्रिया
लोगों के भावनाओं के साथ हो रहे खिलवाड़ को देखते हुए सरकार ने आश्वासन किया कि आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी और जितने भी लोग इसमें शामिल हैं उनको उनके पद से हटाया जाएगा और फिर से पूरी उचित व्यवस्था और मजबूत व्यवस्था के साथ यह कार्य आगे बढ़ाया जाएगा जितने भी गलती सरकार से हुई है उसको सुधार कर चढ़ने की निगरानी कड़ी से कड़ी की जाएगी जिसमें एक ऐसे संगठन को बैठाया जाएगा जो ना तो किसी के साथ पहचान रखता हो और ना तो कोई किसी के सिफारिश पर आया हो।
सरकार ने लोगों को आश्वासित करते हुए कहा कि मुझे बहुत दुख है कि श्रद्धालुओं के आस्था के साथ इन लोगों ने बड़ी आसानी से खिलवाड़ किया है और उसकी सजा इनको मिलाकर रहेगी लेकिन मैं इसी के साथ लोगों को आश्वासित भी करता हूं कि आगे से ऐसी कोई भी चूक भविष्य में कभी नहीं होगी जो अभी तक हुआ है उसको सरकार सही करेगी और सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ी करने में अपना पूरा योगदान देगी
चंपत राय अनिल मिश्रा का इस्तीफा
इसी बीच एक नया खुलासा हुआ जिसमें यह स्पष्ट हुआ है कि राम मंदिर के ट्रस्ट का जो कार्यभार संभाल रहे थे चंपत राय और अनिल मिश्रा अपने पद से इस्तीफा दे दिए हैं इस्तीफा मंजूरी के बाद इन दोनों को पद से हटा दिया गया है हालांकि इस चढ़ावा चोरी में इन दोनों का नाम प्रथम स्थान पर था इन दोनों ने भी इस चंदा चोरी में पूरा सहयोग किया है। इस्तीफा मंजूरी के बाद अब मंदिर का पूरा जिम्मेदारी कृष्ण मोहन को दे दिया गया है।
इस पूरी घटना का पुष्टि ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासा किया उन्होंने इन दोनों के इस्तीफा का बात पूरे मीडिया से जिक्र किया और साथ में मंदिर का जिम्मेदारी कृष्ण मोहन को दे दिया गया इस बात की भी पुष्टि की इसके बाद लोगों के अंदर फिर से एक विश्वास का दीपक जलता हुआ नजर आ रहा है।
अंततः
अयोध्या श्री राम मंदिर में हुई चोरी को लेकर पूरे भारत में बवाल मचा हुआ है क्योंकि वर्षों के लड़ाई लड़ने के बाद उन श्रद्धालुओं को प्रभु श्री राम का दर्शन करने का सौभाग्य मिला जो लोग कई सौ वर्षो से इसकी प्रतिष्ठा में अपने प्राण त्याग दिए और जब वर्षों के बाद मंदिर का उद्घाटन हुआ तब इसमें चोरी का एक बड़ा मुद्दा सामने आ गया जो कि इन श्रद्धालुओं के आस्था के साथ गंदा खिलवाड़ किया गया है।
हालांकि अबू सरकार उन सभी लोगों पर निगरानी रख रही है जो लोग भी इस चढ़ावा चोरी में शामिल थे और उन सभी को सरकार कड़ी से कड़ी सजा देने की प्रक्रिया भी कर रही है सरकार ने लोगों को आश्वासित करते हुए कहा है कि जो गलती अभी तक हुई है उसको सही किया जाएगा और आगे से ऐसी कोई भी चूक ना हो उसका पूरा ध्यान रखा जाएगा
(Disclaimer): यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों और सार्वजनिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी निर्णय या घोषणा को अंतिम मानने से पहले श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक सूचना का इंतजार करें।
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