विधानसभा में जालसाजी हस्ताक्षर का मामला: CID ने दिया अभिषेक बनर्जी को तीसरा नोटिस?

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TMC नेता अभिषेक बनर्जी को CID ने तीसरी बार नोटिस जारी किया है। आखिर क्या है पूरा मामला? क्या पश्चिम बंगाल की राजनीति में आने वाला है नया मोड़? पूरी जानकारी के लिए खबर पढ़ें।

पश्चिम बंगाल: पश्चिम बंगाल की राजनीति एक बार फिर से चर्चा में आ गई है अभिषेक बनर्जी के खिलाफ विधानसभा में जालसाजी हस्ताक्षर के मामले में CID ने अभिषेक बनर्जी को तीसरा नोटिस जारी कर दिया है और इनको भवानी भवन में पेश होने के लिए कहा है, पश्चिम बंगाल की राजनीति में घमासान विधानसभा 2026 चुनाव के बाद से लगातार हो रहा है पहले जहां 15 साल से टीएमसी अपने नेतृत्व वाली सरकार को चल रही थी।

वहीं भाजपा के आने के बाद टीएमसी और टीएमसी के कार्यकर्ताओं पर चंद्र ग्रहण लग गया है ममता बनर्जी जो पश्चिम बंगाल की जनता पर अपना शासन चलाते हुए 15 साल तक राज किया वह विधानसभा 2026 के चुनाव बाद से सब कुछ खत्म हो गया ममता बनर्जी की पार्टी धीरे-धीरे आपसी टकराव के कारण ही टूटने लगी और अभिषेक बैनर्जी के साथ बाकी पार्टी नेताओं का भी मनमुटाव शुरू हो गया

क्या है पूरा मामला?

सोमवार की दोपहर सीआईडी का एक टीम अभिषेक बनर्जी के कालीघाट वाले आवास पर पहुंचा और अभिषेक बनर्जी को तीसरा नोटिस जारी किया, अभिषेक बैनर्जी जो हस्ताक्षर जलसाजी के मामले में सीआईडी उनसे पूछताछ करने के लिए उनको भवानी भवन में पेश होने के लिए दो बार पहले ही नोटिस दे चुकी है हालांकि दोनों बार अभिषेक बनर्जी नोटिस को टालते हुए समय का मांग कर रहे थे।

CID ने सोमवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी को तीसरा नोटिस जारी किया। इसमें उन्हें मंगलवार को भवानी भवन में पेश होने का निर्देश दिया गया है। यह समन विधानसभा में विपक्ष के नेता के तौर पर शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नामित करने वाले दस्तावेज़ पर तृणमूल विधायकों के कथित तौर पर जाली हस्ताक्षर करने के मामले में पूछताछ के लिए जारी किया गया है।

क्यों जारी हुआ तीसरा नोटिस

अभिषेक बनर्जी को पहले ही सीआईडी दो बार नोटिस दे चुकी थी हालांकि दोनों बार यह बचकर केवल समय मांगते रहे और जब यह क्लियर हो गया कि 1 जून की जारी की हुई नोटिस के पे अभिषेक बैनर्जी भवानी भवानी उपस्थित नहीं होंगे तो सीआईडी ने तीसरा नोटिस दे दिया और तीसरे नोटिस के साथ-साथ एक चेतावनी भी उनको दी सोमवार के दिन सीआईडी अपने कुछ कर्मियों के साथ अभिषेक बनर्जी के आवास पर पहुंची

और उनका तीसरा नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगर तीसरे नोटिस के बाद भी अभिषेक बैनर्जी हमारे टीम के पास उपस्थित नहीं होंगे तो हम कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट भी जाएंगे सीआईडी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि उनके टीम अभिषेक बनर्जी के आवास पर गई और तीसरा नोटिस दिया जिसका पूरा वीडियो उन्होंने बनाया है।

कुछ खबरों के मुताबिक अभिषेक बनर्जी सोमवार के दिन इंडिया ब्लॉक के बैठक में उपस्थित थे और इन्होंने सीआईडी से कुछ दिन का और समय मांगा है। “कथित तौर पर हस्ताक्षर में धोखाधड़ी की जांच के लिए डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस की अगुवाई में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई है। अभिषेक के पेश होने पर यह टीम उनसे पूछताछ करेगी।”

हालांकि अभिषेक बैनर्जी सीआईडी के नोटिस को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट का का दरवाजा खटखटाया इस मामले की अगली सुनवाई 10 जून को होनी है।

CID की जांच क्यों महत्वपूर्ण है?

CID किसी भी मामले की जांच तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर करती है। यदि किसी मामले में दस्तावेजों, हस्ताक्षरों या आधिकारिक रिकॉर्ड में गड़बड़ी की आशंका होती है, तो जांच एजेंसियां संबंधित लोगों से पूछताछ कर सकती हैं। और इसीलिए सीआईडी अभिषेक बनर्जी को तीन बार नोटिस दी ताकि इनसे पूछताछ करें कि मामले की जड़ तक तहकीकात किया जा सके 

सीआईडी का बोलना है कि इसके पीछे जो लोग भी हैं उनका पर्दाफाश करना अति आवश्यक है और इसीलिए वह अभिषेक बनर्जी से पूछताछ करना चाहती हैं हालांकि अभिषेक बनर्जी दो बार तो सीआईडी को चकमा दे चुके हैं और दोनों बार ही इन्होंने केवल समय ही मांगा है हालांकि सीआईडी अब की बार तीसरी नोटिस जारी करते हुए अभिषेक बनर्जी को एक चेतावनी भी दे दी है जिससे अगर तीसरी बार भी अभिषेक बनर्जी उपस्थित नहीं होते हैं तो सीआईडी इस बार कानूनी प्रक्रिया के साथ अदालत जाएगी

TMC कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया

टीएमसी इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हमारी पार्टी संविधान और नियम कानून का पालन करती है और जांच में पूरा सहयोग भी करेगी हालांकि पार्टी के कार्यकर्ताओं का कहना है की जांच एजेंसी को निष्पक्ष और साफ सुथरा तरीके से कार्य करना चाहिए ना कि किसी राजनीतिक दबाव में आकर कम करें

टीएमसी का कहना है कि विपक्ष इस मामले को बढ़ा चढ़ा कर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है और इसीलिए अभिषेक बनर्जी के ऊपर लंबा चौड़ा बिल पढ़ना चाहती है टीएमसी जो लगातार विपक्ष के ऊपर आरोप लगाते हुए कह रही है कि यह पूरा खेल विपक्ष का है ताकि टीएमसी और अभिषेक बनर्जी का नाम खराब किया जा सके हालांकि हम लोग पूरे मां से जांच एजेंसियों का साथ देंगे।

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विपक्ष का क्या प्रतिक्रिया है?

विपक्ष का कहना है कि टीएमसी और उनके कार्य करता जो हमारे ऊपर आरोप लगा रहे हैं वह सरासर झूठ है हमको इसमें कोई भी राजनीतिक लाभ नहीं उठाना हम तो बस चाहते हैं कि जो सच है वह पूरे पश्चिम बंगाल की जनता देखें और जनता को पूरा हक है कि वह सही को सही और गलत को गलत समझे विपक्ष का कहना है की जांच एजेंसी अपने स्तर पर पूरे पारदर्शिता से कम करें

और जो कोई भी इसके पीछे दोषी पाया जाता है उसकी कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए विपक्ष ने कहा कि इसमें ना तो किसी पार्टी का दबाव रहेगा और ना ही किसी पार्टी का समर्थन रहेगा जांच एजेंसी अपने स्तर पर निष्पक्ष होकर कार्य करें जितना हो सके उतना इनका सहयोग किया जाएगा और झूठ को झूठ और सही को सही साबित करने में इनकी मदद की जाएगी

जनता में छीड़ा बहस

जैसे ही सीआईडी की तीसरी नोटिस जारी हुई, इस मामले को लेकर सोशल मीडिया समेत पूरे जनता के अंदर बहस छीड गया लोगों का कहना है कि इसके ऊपर पूरे निष्पक्ष तरीके से कार्रवाई होनी चाहिए और दोषी को सजा मिलनी चाहिए इसके पीछे जो कोई भी खेल खेल रहा है उसको जनता के सामने पर्दा उठाया जाए और सजा दिया जाए

वहीं कुछ लोग इसको विपक्ष का राजनीतिक खेल बता रहे हैं और उनका कहना है कि विपक्ष अभिषेक बनर्जी और टीएमसी के नाम को खराब करना चाहती है और इसीलिए अभिषेक बनर्जी के ऊपर झूठे आरोप लगा रही है

अंततः

इस मामले ने पूरे पश्चिम बंगाल की राजनीतिक में फिर से हलचल मचा दिया है हालांकि सीआईडी ने अभिषेक बनर्जी को तीसरा नोटिस दे दिया है और बस अब इंतजार है तो अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति का हालांकि सीआईडी ने उनको चेतावनी देते हुए के भी दिया है कि अगर तीसरी बार अभिषेक बनर्जी उपस्थित नहीं होते हैं तो कानूनी कार्रवाई के साथ अदालत में जाएंगे

Disclaimer: यह लेख उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के आधार पर केवल सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। जांच प्रक्रिया जारी है और किसी भी व्यक्ति को दोषी या निर्दोष घोषित करना संबंधित जांच एजेंसियों और न्यायालयों का अधिकार है।

          — समाप्त —     (The Ashirvad)

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