पश्चिम बंगाल: 2026 के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल का चुनाव सबसे चर्चित चुनाव बन गया था। पश्चिम बंगाल में हो रहे विधानसभा के चुनाव में बीजेपी बंगाल को फतेह करने के लिए अपना पूरा की जान लगाकर मेहनत कर रही थी, वही टीएमसी के कर्ताधर्ता ममता बनर्जी चौथी बार मुख्यमंत्री पद का शपथ लेने के लिए पूरे जोरों शोरों से लोगों के बीच अपनी पहचान बना रही थी।
हालांकि 4 मई को आए हुए बंगाल के रिजल्ट ने यह साबित कर दिया कि सत्ता चाहे किसी की भी हो लेकिन कुर्सी पर वही बैठता है जिसको बैठने का जिमा जनता उठाती है। ममता बनर्जी ने बंगाल को जीतने के लिए लाख कोशिश क्यों न की हो लेकिन जनता ने इस बार ठान लिया था कि वह पश्चिम बंगाल में अपना कदम बदलाव और परिवर्तन की तरफ लेकर जाएगी और पश्चिम बंगाल की जनता ने यह कर दिखाया।
4 मई को पश्चिम बंगाल का चुनावी नतीजा आने के बाद पश्चिम बंगाल के जनता के बीच खुशी की लहर देखने को मिला पश्चिम बंगाल की जनता ने जो शपथ लिया था उसको निश्चित रूप से पूरा होता हुआ देखकर अपनी खुशी को एक दूसरे के साथ बांटने का उत्साह मनाया।
भाजपा की जीत
पश्चिम बंगाल के चुनाव से पहले जिस प्रकार से ममता बनर्जी का भौकाल पश्चिम बंगाल में देखने को मिल रहा था और जिस प्रकार से इनके समर्थकों ने अपना शक्ति प्रदर्शन पश्चिम बंगाल के अंदर दिखाया था उससे पहले ही साबित हो चुका था कि पश्चिम बंगाल में इस बार जनता चुप नहीं बैठेगी और इस बार जनता विकास और प्रगति का मार्ग चुनेगी हालांकि ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल को जीतने के लिए एक कसर तक नहीं छोड़ी थी
इसके बावजूद भी पश्चिम बंगाल की जनता ने दृढ़ निश्चय लिया था कि वह इस बार का अपना मतदान प्रगति और परिवर्तन के साथ बाटेंगे और पश्चिम बंगाल की जनता ने अपने आपसे किए हुए वादे को निभाया भी और पश्चिम बंगाल में परिवर्तन और प्रगति के रास्ते खोल दिए
पश्चिम बंगाल का चुनावी नतीजा नव केवल भाजपा के जीत का नतीजा था बल्कि यह पश्चिम बंगाल के लोगों के लिए एक नए जीवन को बढ़ावा देना और पश्चिम बंगाल में शक्ति प्रदर्शन को रोकना तथा पश्चिम बंगाल की दिशा में परिवर्तन लाने का चुनावी नतीजा था जिसको पश्चिम बंगाल की जनता मिल बाटकर उत्सव मना रही है।
भाजपा का पश्चिम बंगाल के लोगों से कमिटमेंट
भाजपा ने पश्चिम बंगाल के लोगों से वादा किया था कि वह इस बार पश्चिम बंगाल के जनता को इंसाफ दिलाएगा और उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगी और पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा के ऊपर विश्वास करके यह साबित कर दिया कि पश्चिम बंगाल की जनता भी परिवर्तन और विकास का चुन्नी में सबसे आगे है
बंगाल में सत्ता परिवर्तन करने से पहले भाजपा ने पश्चिम बंगाल की जनता से कमिटमेंट किया था कि, भाजपा पश्चिम बंगाल में आती है: तो महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा, रोजगार, सड़क, बिजली, व छोटे रोजगारों को भी बढ़ावा देने का कार्य करेगी तथा महिलाओं की सुरक्षा में पहली प्राथमिकता दिखाएंगे और इसी के साथ पश्चिम बंगाल की जनता ने भाजपा को पूरे खुले मन से समर्थन दिया जिनके दम पर भाजपा पश्चिम बंगाल में बड़ी जीत हासिल कर सकी।
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ममता बनर्जी की हर का कारण?
पश्चिम बंगाल में 15 साल से मुख्यमंत्री पद संभाल रही ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल की जनता ने इस बार मुख्यमंत्री की गद्दी से उठा फेंका है। बंगाल की जनता ने इस बार ममता बनर्जी को नया सबक सीखने का प्रयास किया है कि पश्चिम बंगाल की जनता पहले की तरह चुप्पी साधकर नहीं बैठने वाली वह उसी के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगी जो बंगाल के लोगों के लिए परिवर्तन और प्रगति के मार्ग पर ले चलने का कार्य करेंगे
पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी का हार का सबसे बड़ा कारण बंगाल की जनता का आक्रोश है 15 साल से पश्चिम बंगाल के ऊपर शासन चला रही ममता बनर्जी को पश्चिम बंगाल की जनता ने इस बार सबक सिखाने का फैसला कर लिया था टीएमसी के द्वारा प्रताड़ित पश्चिम बंगाल की जनता निश्चित कर लिया था कि वह इस बार चुप नहीं बैठेंगे और अपने हक की लड़ाई लड़ने का खुद ही जिम्मा उठेगी
बंगाल की जनता का बोलना है कि 15 साल से यह लोग केवल बंगाल की जनता पर अपना शासन जमा हुए बैठे थे और इससे बंगाल की प्रगति और परिवर्तन में कोई बदलाव नहीं आ रहा था और इसी कारण से पश्चिम बंगाल में लोगों को बेहद ही दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। टीएमसी के कार्यकर्ताओं के द्वारा लोगों के ऊपर जबरन हुकूमत चलाना लोगों के जीवन में डर का माहौल बना दिया था
भाजपा और टीएमसी के बीच कितने का फैसला
भाजपा ने पश्चिम बंगाल में इस बार काफी कड़ी मेहनत की थी देश के बड़े-बड़े भाजपा नेता पश्चिम बंगाल में लगातार रैलियां और लोगों से मिलने जुलने का कार्य किए थे भारत के गृह मंत्री अमित शाह लगातार पश्चिम बंगाल की जनता के साथ कम से कदम मिलाकर चलने का कार्य किए थे और उन्होंने पश्चिम बंगाल के जनता को यह आश्वासन दिलाया था कि भाजपा आते ही पश्चिम बंगाल के हालातो को पहले दिन से ही सुधारने का जिम्मा भाजपा के कंधों पर आ जाएगा।
भाजपा और टीएमसी के बीच पश्चिम बंगाल के जीत में काफी बड़ा फैसला देखने को मिला यह फैसला पूरे भारतवासियों के उम्मीद से भी बड़ा था पिछली बार जहां पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी अपनी अच्छी पकड़ बनाने के बाद भी ममता बनर्जी से काफी पीछे रह गई लेकिन इस बार का चुनावी नतीजा या साबित कर दिया कि भाजपा का मेहनत और उसकी लगन हर असंभव को भी संभव कर देता है।
भाजपा और टीएमसी के बीच कितने का फैसला?
पश्चिम बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनावों के परिणाम राज्य के राजनीतिक में एक बड़ा बदलाव लाया हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) इतिहास में पहली बार 206 सीटों और 45.84% मतों के साथ स्पष्ट विजेता बनकर उभरी है, जो 2021 में लगभग 38% था। दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस ने 40.8% मतों के साथ 81 सीटें जीती हैं, जो 2021 में 48% था। तृणमूल सरकार के अधिकांश मंत्रिमंडल मंत्री भी चुनाव हार गए हैं। स्पष्ट रूप से, सत्ताधारी पार्टी के खिलाफ भारी जनसमर्थन हुआ है।
सूवेंदु और ममता बनर्जी का टकराव
पश्चिम बंगाल जितना पूरे भारत के लिए एक चुनावी चर्चित विषय था, उससे ज्यादा चर्चा का विषय पश्चिम बंगाल के कुछ प्रमुख सिटें थी और इनमें से दो प्रमुख सिटें नंदीग्राम और भवानीपुर था। जहां पर ममता बनर्जी और भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख चेहरा सूबेदु अधिकारी के बीच भारी टकरा देखने को मिला।
सूवेंदू अधिकारी जो पहले ममता बनर्जी के साथ कंधे से कंधे मिलाकर चला करते थे उन्होंने ममता बनर्जी का साथ 2020 में छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए और तब से वह भारतीय जनता पार्टी के लिए भी एक प्रमुख चेहरे के रूप में उभर कर सामने आए सूवेंदू अधिकारी जो पिछली विधानसभा में नंदीग्राम से ममता बनर्जी को बुरी तरह से पछाड़कर भारी मतों से जीत हासिल किए थे
और इस बार भी सूवेंदू अधिकारी ने ममता बनर्जी को भवानीपुर से 15105 वोटो से बुरी तरह से पछाड़ दिया है। जबकि नंदीग्राम से भी ममता बनर्जी को सूवेंदू अधिकारी ने बुरी तरह से मात दिया है और दोनों सीटों पर विजई प्राप्त कर लिया है।
पश्चिम बंगाल के लोगों की राई
पश्चिम बंगाल की जनता का इस बार बोलना है कि इस बार का चुनाव पूरे निष्पक्ष और साफ सुथरा तरीके से किया गया है इस बार का चुनाव प्रगति और उन्नति के मार्ग की ओर बढ़ने का पहला कदम है। बंगाल की जनता भाजपा के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का दृढ़ निश्चय किया है बंगाल की जनता का कहना है कि ममता बनर्जी ने जो 15 साल से बंगाल को दबाकर रखा था और उसके प्रगति में ताले लगा दिए थे उस ताले को तोड़ने का कार्य बीजेपी करेगी।
पश्चिम बंगाल की जनता भाजपा के जीत से बहुत ही ज्यादा खुश है बंगाल की जनता अब खुले मन से लोगों के साथ मिलजुल कर खुशी बांट रही है। बंगाल की जनता का बोलना है कि यह जीत न केवल भाजपा का जीत है बल्कि यह लोकतंत्र का जीत है यह जीत पूरे पश्चिम बंगाल की जनता के आवाज को उठाने की जीत है और बंगाल में हो रहे 15 साल से तानाशाही को दूर करने की जीत है और इस जीत को पश्चिम बंगाल की जनता पूरे मन से एक उत्सव के तौर पर मान रही है।
अंततः
4 में को ए पश्चिम बंगाल का चुनावी नतीजा भारत के लोगों के अंदर एक खुशी के माहौल बना दिया है पश्चिम बंगाल में भाजपा की जीत 9 केवल बंगाल के लोगों के लिए है बल्कि पूरे भारतवासी इस जीत को सेलिब्रेट कर रहे हैं भारत के लोगों का पश्चिम बंगाल के चुनाव से ऐसा नाता बन गया था कि मानो वह मन ही मन भाजपा को बंगाल में जीतने की कामना कर रहे थे
पश्चिम बंगाल की चुनावी नतीजा आते ही, और भाजपा को जीत का ताज पहनते ही बंगाल के लोगों ने अपने खुशी को रोक नहीं पाए और लोगों के साथ मिलकर इसको एक उत्सव की तरह मानने लगे बंगाल की जनता का बोलना है कि 15 साल ममता बनर्जी बंगाल की जनता की आवाज दबा कर रखी हुई थी और भाजपा के आते ही पश्चिम बंगाल की जनता अब अपने आवाज को बुलंद ला रही है।
— समाप्त — (The Ashirvad)
